87 तीर्थस्थल-24 कोसी परिक्रमा यात्रा, अयोध्या-काशी की तरह ऐसे संभल भी बनेगा धार्मिक स्थल; पूरा रोडमैप
यूपी सरकार अयोध्या और वाराणसी के बाद अब संभल को नया धार्मिक पर्यटन केंद्र बनाने जा रही है. 300 करोड़ रुपये की लागत से 24 कोसी परिक्रमा मार्ग, 68 तीर्थ स्थल और कल्कि म्यूजियम विकसित किए जाएंगे.
अयोध्या-वाराणसी के बाद संभल बनेगा नया धार्मिक हब, 300 करोड़ का बड़ा प्लान
(Image Source: ANI )Sambhal Religious Tourism Kalki Birthplace: उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार अब धार्मिक पर्यटन को और विस्तार देने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है. अयोध्या और वाराणसी के बाद अब संभल को नए धार्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना तैयार की गई है. हिंदू मान्यताओं के अनुसार, संभल में ही भगवान विष्णु का आखिरी अवतार कल्कि का जन्म होगा. इसी आधार पर सरकार इस जिले को बड़े तीर्थ स्थल के रूप में विकसित करने की तैयारी कर रही है.
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, इस योजना के तहत 68 तीर्थ स्थल, 19 प्राचीन महाकूप और 24 कोसी परिक्रमा मार्ग को पुनर्जीवित किया जाएगा. लगभग 52 किलोमीटर लंबी परिक्रमा यात्रा को 300 करोड़ रुपये की लागत से विकसित किया जाएगा. इस मार्ग पर बेहतर सड़कें बनाई जाएंगी और पैदल श्रद्धालुओं के लिए अलग से ऊंचा फुटपाथ भी तैयार किया जाएगा.
कितने साल बाद फिर शुरू होगी 24 कोसी परिक्रमा?
संभल के जिलाधिकारी राजेंद्र पेंशिया के मुताबिक, 24 कोसी परिक्रमा लगभग 50 साल बाद फिर से शुरू की जा रही है. यह यात्रा 1972 के बाद बंद हो गई थी. इस दौरान परिक्रमा मार्ग के कई हिस्सों पर अतिक्रमण हो गया था, जिसे 4-5 महीनों में हटाकर रास्ता साफ किया गया है. उन्होंने बताया कि इस परियोजना के तहत 7 मीटर चौड़ी सड़क और 3 मीटर चौड़ा पैदल मार्ग बनाया जाएगा, ताकि श्रद्धालु आसानी से परिक्रमा कर सकें.
कितने धार्मिक स्थलों को जोड़ने की है सरकार की योजना?
सरकार की योजना सिर्फ सड़क बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे जिले को धार्मिक कॉरिडोर में बदलने की तैयारी है. 24 कोसी परिक्रमा मार्ग में कल्कि, भुवनेश्वरी, चंद्रेश्वर और नैमिषारण्य जैसे प्रमुख तीर्थ भी शामिल होंगे. कुल 87 पहचाने गए धार्मिक स्थलों में से ज्यादातर इसी मार्ग से जुड़े होंगे.
संभल का विकास कितने चरणों में होगा?
सरकार ने संभल के विकास के लिए तीन चरणों वाला विजन डॉक्यूमेंट तैयार किया है:
पहला चरण
- 24 कोसी परिक्रमा का पुनरुद्धार
- मंदिर, घाट और कुंडों का संरक्षण
- धार्मिक पहचान को मजबूत करना
दूसरा चरण
- सड़क, पार्किंग और साफ-सफाई की व्यवस्था
- श्रद्धालुओं के लिए सुविधाएं
- पर्यटन इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करना
तीसरा चरण
- 84-87 धार्मिक स्थलों का विकास
- प्रस्तावित कल्कि म्यूजियम का निर्माण
- धार्मिक पर्यटन को अंतरराष्ट्रीय स्तर तक ले जाना
300 करोड़ की परियोजना में क्या-क्या होगा?
- 155 करोड़ रुपये - सिविल वर्क
- 130 करोड़ रुपये- भूमि अधिग्रहण
- 13.5 करोड़ रुपये - यूटिलिटी शिफ्टिंग
- 36 करोड़ रुपये - श्रद्धालु सुविधाएं
मथुरा-वृंदावन से जोड़ा जाएगा संभल
सरकार संभल को मथुरा-वृंदावन धार्मिक सर्किट से जोड़ने की भी योजना बना रही है. इसके तहत;
- 141 साल पुराने मनोकामना मंदिर का सौंदर्यीकरण
- कुरुक्षेत्र तीर्थ का विकास
- हेरिटेज स्ट्रीट और वॉकिंग सर्किट
- पूरे साल पर्यटन बढ़ाने की रणनीति
अधिकारियों के मुताबिक, अभी हर साल करीब 6-7 लाख श्रद्धालु 24 कोसी परिक्रमा में आते हैं. परियोजना पूरी होने के बाद यह संख्या कई गुना बढ़ सकती है.
सीएम योगी ने क्या कहा?
पिछले साल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संभल को हिंदू आस्था का प्रतीक बताते हुए कहा था कि संभल के साथ अन्याय करने वालों को जवाब दिया जाएगा. इसके बाद संभल को धार्मिक पर्यटन केंद्र बनाने की चर्चा तेज हो गई थी.