दरवाजा बंद किया फिर कपड़े! प्रयागराज के जानें-माने न्यूरोसर्जन कार्तिकेय शर्मा पर छेड़छाड़ का आरोप; FIR दर्ज

प्रयागराज में एक न्यूरोसर्जन पर 24 वर्षीय छात्रा ने क्लिनिक के अंदर छेड़छाड़ का गंभीर आरोप लगाया है. पुलिस ने FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है, जबकि डॉक्टर ने आरोपों को सिरे से खारिज किया है.

Neurosurgeon Molestation Case(Image Source:  X: @askrajeshsahu )
Edited By :  रूपाली राय
Updated On :

प्रयागराज शहर के जाने-माने न्यूरोसर्जन डॉ. कार्तिकेय शर्मा के खिलाफ एक गंभीर आरोप लगा है. धूमनगंज इलाके की रहने वाली 24 साल की बीए की एक छात्रा ने उन पर क्लिनिक में छेड़छाड़ करने का आरोप लगाया है. पुलिस ने छात्रा की शिकायत पर सिविल लाइंस थाने में FIR दर्ज कर ली है और मामले की जांच शुरू कर दी है.  पुलिस ने पीड़िता को मेडिकल जांच के लिए भी भेज दिया है. यह घटना बुधवार रात करीब साढ़े दस बजे क्लाइव रोड स्थित डॉक्टर के क्लिनिक में हुई. डॉक्टर अपने घर में ही क्लिनिक चलाते हैं और वहीं मरीजों को देखते हैं. 

24 वर्षीय छात्रा अपने भाई के साथ माइग्रेन की समस्या के इलाज के लिए डॉक्टर के क्लिनिक पहुंची थी. क्लिनिक में उसे टोकन नंबर 74 दिया गया. जब उसका नंबर आया, तो उसके भाई को कुछ जरूरी काम से थोड़ी देर के लिए बाहर जाना पड़ा. उन्होंने अपनी बहन को क्लिनिक में छोड़कर चले गए. जब भाई वापस लौटे तो क्लिनिक में काफी हंगामा मचा हुआ था. उनकी बहन जोर-जोर से रो रही थी. बहन ने रोते हुए भाई को पूरी घटना बताई. इसके बाद परिवार वाले ने तुरंत पुलिस को सूचना दे दी. 

छात्रा का आरोप क्या है?

छात्रा ने पुलिस को दी अपनी शिकायत में बताया कि जब उसका नंबर आया तो डॉक्टर ने क्लिनिक में मौजूद बाकी सभी मरीजों को बाहर भेज दिया. फिर उन्होंने चैंबर के दोनों दरवाजे अंदर से बंद कर दिए. छात्रा का कहना है कि डॉक्टर ने जांच के बहाने उससे कपड़े उतरवाने शुरू कर दिए. जब उसने विरोध किया तो डॉक्टर ने उसे डराया-धमकाया. छात्रा ने आरोप लगाया कि डॉक्टर ने गलत इरादे से उसे छुआ और जबरदस्ती कपड़े उतारने के लिए दबाव डाला. जब छात्रा ने जांच कराने से साफ मना कर दिया और रोने लगी, तब जाकर डॉक्टर पीछे हटे. लेकिन उन्होंने तब तक दरवाजा नहीं खोला, जब तक छात्रा ने अपने कपड़े ठीक से नहीं पहन लिए. 

क्लिनिक में मचा हंगामा

जैसे ही छात्रा चैंबर से बाहर आई, उसकी हालत देखकर क्लिनिक में बैठे अन्य मरीजों और उनके परिवार वालों ने डॉक्टर से सवाल करना शुरू कर दिया. कुछ लोग गुस्से में डॉक्टर के चैंबर तक पहुंच गए. माहौल काफी तनावपूर्ण हो गया. छात्रा के भाई ने तुरंत डायल 112 पर फोन करके पुलिस को बुलाया. 

वीडियो भी वायरल

इस पूरी घटना का एक वीडियो भी सामने आया है. वीडियो में डॉक्टर अपने घर के अंदर दरवाजा बंद करके खड़े दिख रहे हैं, जबकि बाहर छात्रा के भाई और परिजन उनसे जोर-जोर से बहस कर रहे हैं. वीडियो में छात्रा के रोने की आवाज भी साफ सुनाई दे रही है. 

डॉक्टर का बचाव

दूसरी ओर, डॉ. कार्तिकेय शर्मा ने इन सभी आरोपों से पूरी तरह इनकार किया है. उन्होंने कहा कि छात्रा माइग्रेन की समस्या लेकर आई थी और उन्होंने सिर्फ उसकी पेट की सामान्य जांच की थी. डॉक्टर का कहना है कि उस समय क्लिनिक में महिला स्टाफ भी ड्यूटी पर मौजूद थी. वह कुछ मिनट के लिए दूसरे मरीज को इंजेक्शन लगाने गई हुई थी. डॉक्टर ने यह भी दावा किया कि यह छात्रा पहले से ही मानसिक तनाव और डिप्रेशन (उदासी व चिंता की बीमारी) की मरीज रही है. 

पुलिस क्या कह रही है?

सिविल लाइंस के एसीपी विद्युत गोयल ने बताया कि छात्रा की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है. डॉक्टर से पूछताछ भी की जा चुकी है. उन्होंने कहा कि पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है. सबूतों और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी. 

Similar News