ई-रजिस्ट्री पर बवाल! नोएडा-ग्रेटर नोएडा में वकीलों की अनिश्चितकालीन हड़ताल, रजिस्ट्री का काम ठप, जानें पूरा मामला

नोएडा और ग्रेटर नोएडा में नई ई-रजिस्ट्री और ई-पंजीकरण व्यवस्था के विरोध में वकील, डीड राइटर्स और स्टांप विक्रेता अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं. जानें क्या है पूरा मामला?

Noida Registry Strike: नोएडा और ग्रेटर नोएडा में संपत्ति की रजिस्ट्री और अन्य दस्तावेजों के पंजीकरण का काम लगभग पूरी तरह ठप हो गया है. उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा लागू की गई नई ई-रजिस्ट्री (e-Registry) और ई-पंजीकरण व्यवस्था के विरोध में अधिवक्ता, दस्तावेज लेखक (डीड राइटर्स) और स्टांप विक्रेता लगातार आंदोलन कर रहे हैं.

विरोध कर रहे अधिवक्ताओं ने उप निबंधक (सब रजिस्ट्रार) कार्यालयों के बाहर धरना शुरू कर दिया है. आंदोलनकारियों के विरोध के चलते रजिस्ट्रार कार्यालयों में कामकाज प्रभावित हुआ है, जिससे रजिस्ट्री और अन्य पंजीकरण संबंधी कार्यों पर असर पड़ रहा है. इसका सीधा प्रभाव आम लोगों पर भी पड़ रहा है, जिन्हें अपने जरूरी दस्तावेजों के पंजीकरण में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है.

प्रदर्शनकारियों ने क्या लगाए आरोप?

प्रदर्शनकारी अधिवक्ताओं का आरोप है कि सरकार नई ई-पंजीकरण प्रणाली लागू कर पंजीकरण प्रक्रिया को निजी हाथों में सौंपने की दिशा में बढ़ रही है, जिससे भ्रष्टाचार बढ़ने की आशंका है. उनका कहना है कि इस व्यवस्था के लागू होने से अधिवक्ताओं, डीड राइटर्स, मुंशियों, फोटोग्राफरों, टाइपिस्टों और स्टांप विक्रेताओं सहित बड़ी संख्या में लोगों के रोजगार पर संकट खड़ा हो सकता है.

वकीलों का कहना है कि सरकार ने बिना पर्याप्त तैयारी और संबंधित पक्षों से व्यापक चर्चा किए नई व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया है. उनका आरोप है कि इससे वर्षों से इस कार्य से जुड़े हजारों परिवारों की आजीविका प्रभावित होगी. प्रदर्शनकारियों के मुताबिक, जो लोग लंबे समय से इसी पेशे पर निर्भर हैं, उनके सामने रोजगार का संकट पैदा हो सकता है.

ई-पंजीकरण प्रणाली के विरोध में अधिवक्ताओं ने शुक्रवार को सेक्टर-33 स्थित सब रजिस्ट्रार कार्यालय से सेक्टर-19 स्थित सिटी मजिस्ट्रेट कार्यालय तक पैदल मार्च निकाला. इसके बाद उन्होंने सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपकर सरकार से अपना निर्णय वापस लेने की मांग की.

सरकार से क्या है मांग?

धरना दे रहे अधिवक्ताओं ने चेतावनी दी है कि जब तक सरकार नई ई-रजिस्ट्री और ई-पंजीकरण प्रणाली को वापस नहीं लेती, तब तक उनका अनिश्चितकालीन आंदोलन जारी रहेगा. प्रदर्शनकारियों का कहना है कि नई व्यवस्था दस्तावेज लेखकों, स्टांप विक्रेताओं और अधिवक्ताओं के हितों के खिलाफ है तथा इससे हजारों परिवारों की आजीविका प्रभावित हो सकती है.

धरने के चलते सब रजिस्ट्रार कार्यालयों और तहसीलों में पंजीकरण संबंधी कार्य बुरी तरह प्रभावित हुए हैं. रजिस्ट्री नहीं होने के कारण संपत्ति खरीद-बिक्री से जुड़े लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. वहीं, पंजीकरण कार्य प्रभावित होने से सरकार के राजस्व संग्रह पर भी असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है.

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