थाने पहुंचीं नेहा सिंह राठौर, PM मोदी के खिलाफ किया था ये कमेंट; लखनऊ पुलिस ने बताया- बयान दर्ज, फिर बुलाएंगे
नेहा सिंह राठौर अपने पति के साथ शनिवार को बयान दर्ज कराने हजरतगंज कोतवाली पहुंची थीं, लेकिन पुलिस ने उन्हें थाने में ही बैठा लिया और पूछताछ शुरू कर दी. पुलिस सूत्रों के मुताबिक, यह पूछताछ एफआईआर में दर्ज आरोपों के आधार पर की जा रही है.;
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से बड़ी राजनीतिक-सांस्कृतिक हलचल वाली खबर सामने आई है. चर्चित लोक गायिका नेहा सिंह राठौर को हजरतगंज पुलिस ने पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है. यह कार्रवाई पहलगाम आतंकी हमले के बाद सोशल मीडिया पर किए गए कथित आपत्तिजनक पोस्ट से जुड़े मामले में हुई है.
नेहा सिंह राठौर अपने पति के साथ शनिवार को बयान दर्ज कराने हजरतगंज कोतवाली पहुंची थीं, लेकिन पुलिस ने उन्हें थाने में ही बैठा लिया और पूछताछ शुरू कर दी. पुलिस सूत्रों के मुताबिक, यह पूछताछ एफआईआर में दर्ज आरोपों के आधार पर की जा रही है.
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पहलगाम हमले के बाद विवादित पोस्ट बना कार्रवाई की वजह
पुलिस के अनुसार, पहलगाम आतंकी हमले के बाद नेहा सिंह राठौर ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा की थी, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर तीखी टिप्पणी की गई थी. आरोप है कि उन्होंने प्रधानमंत्री की तुलना “जनरल डायर” से की थी, जिसे देश की संप्रभुता और एकता के खिलाफ माना गया. एफआईआर में कहा गया है कि इस पोस्ट के जरिए एक विशेष धार्मिक समुदाय को निशाना बनाया गया और इससे सामाजिक सौहार्द बिगड़ने की आशंका पैदा हुई.
लंबे समय से पुलिस के रडार पर थीं नेहा राठौर
सूत्रों के मुताबिक, हजरतगंज पुलिस बीते कुछ समय से नेहा सिंह राठौर की तलाश कर रही थी. पुलिस ने उन्हें कई बार नोटिस भेजे थे. पहली नोटिस पर नेहा ने 14 दिन का समय मांगा था, जबकि दूसरी नोटिस मिलने के बाद वे स्वयं थाने पहुंची थीं. हालांकि, नेहा राठौर के पति का दावा है कि उन्हें हिरासत में नहीं लिया गया है. उनके मुताबिक, “हम नोटिस के जवाब में खुद बयान दर्ज कराने आए हैं, पुलिस पूछताछ कर रही है.”
सुप्रीम कोर्ट से नहीं मिली राहत
इस मामले में नेहा सिंह राठौर को पहले ही सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लग चुका है. शीर्ष अदालत ने उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर को रद्द करने से इनकार कर दिया था. जस्टिस जे.के. महेश्वरी और कुलदीप बिश्नोई की बेंच ने कहा था कि मामला देश की संप्रभुता को खतरे में डालने के गंभीर आरोपों से जुड़ा है, इसलिए इस स्तर पर किसी तरह का हस्तक्षेप नहीं किया जा सकता.
इलाहाबाद हाईकोर्ट भी कर चुका है इंकार
इससे पहले इलाहाबाद हाईकोर्ट ने भी 19 सितंबर को एफआईआर रद्द करने से मना कर दिया था. कोर्ट ने नेहा राठौर को जांच में पूरा सहयोग करने का निर्देश दिया था. यह एफआईआर हजरतगंज थाने में अप्रैल के अंतिम सप्ताह में दर्ज की गई थी, जिसे अभय प्रताप सिंह नाम के व्यक्ति ने दर्ज कराया था. नेहा सिंह राठौर अपने लोकगीतों और राजनीतिक व्यंग्य के लिए जानी जाती हैं. वे पहले भी अपने गानों के जरिए सरकार और सत्ता व्यवस्था पर तीखे हमले करती रही हैं, जिस कारण वे अक्सर विवादों में घिरी रही हैं. फिलहाल, हजरतगंज थाने में उनसे पूछताछ जारी है और पुलिस आगे की कार्रवाई पर विचार कर रही है.