‘एक के बदले उनकी 25-30 ले आओ’, लव जिहाद पर बोलते-बालते ये क्या बोल गए यशवीर महाराज?
मुजफ्फरनगर में लव जिहाद पर यशवीर महाराज के ‘25-30 लड़कियां’ वाले बयान से विवाद मच गया है. जानें कौन हैं स्वामी यशवीर और क्या है पूरा मामला?;
यूपी के बागपत में एक धार्मिक मंच से दिया गया बयान अब सियासी और सामाजिक बहस का मुद्दा बन गया है. ‘लव जिहाद’ पर बोलते हुए स्वामी यशवीर महाराज ने ऐसा बयान दे दिया, जिसने माहौल को गरमा दिया. उन्होंने कहा कि अगर “हिंदू समाज की बेटी” वापस नहीं आती तो “एक के बदले उनकी 25-30 ले आओ.” इस टिप्पणी के सामने आते ही सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं शुरू हो गईं. कुछ लोगों ने इसे उकसाने वाला बताया, तो कुछ ने इसे भावनात्मक अपील करार दिया. सवाल उठ रहा है कि आखिर एक धार्मिक संत के मंच से इस तरह की भाषा क्यों और किस संदर्भ में इस्तेमाल की गई?
‘एक बेटी के बदले 25-30’ बयान से क्यों मचा बवाल?
उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में लव जिहाद को लेकर दिए गए एक बयान के बाद स्वामी यशवीर महाराज सुर्खियों में हैं. एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कथित तौर पर कहा, "एक जिहाद है 'लव जिहाद'., हिंदुओं की बहू बेटियों को इस जाल में फंसाकर वे लोग अपना शिकार बना रहे हैं. आये दिन ऐसी घटनाएं होती रहती हैं. मैं कहना चाहूंगा, आप लोग आवाज उठाइए. जो भी हिंदू साज की बेटी किसी कारण से बहक कर चली गई, उसके खिलाफ एक दम सड़कों पर आइए. संघर्ष कीजिए. अपनी बेटी के लिए संघर्ष कीजिए. आपका संघर्ष सफल होगा. जब तक आपकी बेटी वापस नहीं आती, तब तक उनकी 25 से 30 लड़की ले आइए."
25 से 30 उनकी लड़की आएगी तो लव जिहाद वाले हिंदू की बेटियों की तरफ आंख उठाकर नहीं देख पाएंगे.' उनके इस इस बयान के सामने आने के बाद सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर बहस तेज हो गई है. साथ ही उनका ये वीडियो भी तेजी से वायरल हो रहा है.
क्या कहा था यशवीर महाराज ने?
स्वामी यशवीर महाराज ने अपने संबोधन में 'लव जिहाद को संगठित जाल बताया. उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अपनी बेटियों के लिए संघर्ष करें और सड़क पर उतरकर आवाज उठाएं. बयान के दौरान उन्होंने आक्रामक शब्दों का इस्तेमाल करते हुए कहा कि अगर एक बेटी वापस नहीं आती तो जवाब में '25–30 उनकी लड़कियां ले आओ.' उनके इस बयान को लेकर समर्थक और विरोधी अपनी प्रतिक्रियाएं सोशल मीडिया पर दे रहे हैं.
कौन हैं स्वामी यशवीर ?
स्वामी यशवीर महाराज मुजफ्फरनगर से लगभग 15 किलोमीटर दूर बघरा गांव में स्थित ‘योग साधना यशवीर आश्रम’ का संचालन करते हैं. आश्रम में योग प्रशिक्षण और धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए जाते हैं. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, आश्रम में प्रवेश के लिए कड़ी जांच प्रक्रिया अपनाई जाती है. उनके साथ ब्रह्मचारी स्वामी मृगेंद्र भी रहते हैं, जिन्हें उनका करीबी सहयोगी माना जाता है.
सामाजिक और पारिवारिक पृष्ठभूमि क्या है?
बताया जाता है कि स्वामी यशवीर का जन्म एक जाट परिवार में हुआ था. हालांकि, संन्यास लेने से पहले का उनका पारिवारिक डिटेल पब्लिक डोमेन में उपलब्ध नहीं है. वे स्वयं कहते हैं कि संत जीवन अपनाने के बाद उनका परिवार से कोई संपर्क नहीं रहा.
‘योग साधना यशवीर आश्रम’ स्थापित करने से पहले वे हरियाणा के विभिन्न जिलों में रहे और योग की शिक्षा प्राप्त की. लगभग दो दशक पहले उन्होंने बघरा गांव में स्थायी रूप से आश्रम की स्थापना की.
लव जिहाद क्या है और क्यों रहता है विवाद में?
'लव जिहाद' शब्द राजनीतिक और सामाजिक बहस का विषय रहा है. कुछ संगठनों का दावा है कि यह एक संगठित प्रयास है, जबकि कई जांच एजेंसियों और अदालतों ने कई मामलों में इसे व्यक्तिगत संबंधों का मामला बताया है. यह मुद्दा समय-समय पर उत्तर प्रदेश सहित कई राज्यों में राजनीतिक और सामाजिक विवाद का कारण बनता रहा है.
बयान के बाद क्या हो सकता है आगे?
फिलहाल इस बयान को लेकर सार्वजनिक प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं. प्रशासनिक स्तर पर कोई आधिकारिक कार्रवाई या बयान सामने आता है या नहीं, इस पर नजर बनी हुई है. यह मामला एक बार फिर इस सवाल को सामने लाता है कि संवेदनशील सामाजिक मुद्दों पर सार्वजनिक मंचों से दिए गए बयान किस हद तक प्रभाव डालते हैं.