कौन चला रहा था कार? SHO पर एक्शन, FIR का नाम जुड़ते ही बदला केस; रईसजादे के लैंबॉर्गिनी 'कांड' के पढ़ें Top Updates

कानपुर में 12 करोड़ की लैंबॉर्गिनी से हुए हादसे के बाद पुलिस की शुरुआती कार्रवाई विवादों में घिर गई. वीडियो वायरल होने के बाद आरोपी का नाम FIR में जोड़ा गया और थानाध्यक्ष को लाइन हाजिर कर दिया गया.;

Kanpur Lamborghini Crash

Edited By :  सागर द्विवेदी
Updated On : 9 Feb 2026 7:00 PM IST

कानपुर के चर्चित लैंबॉर्गिनी हादसे में अब प्रशासनिक कार्रवाई भी शुरू हो गई है. शुरूआती लापरवाही के संकेत मिलने के बाद पुलिस कमिश्नर ने ग्वालटोली थाने के प्रभारी निरीक्षक को पुलिस लाइन भेज दिया है. इस कार्रवाई ने साफ संकेत दिया है कि मामले को लेकर विभाग अब सख्त रुख अपना चुका है.

रविवार दोपहर हुए इस हाई-प्रोफाइल एक्सीडेंट ने न सिर्फ कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए, बल्कि पुलिस की शुरुआती कार्रवाई को लेकर भी विवाद खड़ा कर दिया. वायरल वीडियो सामने आने के बाद एफआईआर में संशोधन किया गया और आरोपी के तौर पर शिवम मिश्रा का नाम जोड़ा गया.

क्या था कानपुर लैंबॉर्गिनी हादसा?

रविवार दोपहर उत्तर प्रदेश के कानपुर में ग्वालटोली क्षेत्र के पास एक लग्जरी लैंबॉर्गिनी कार अचानक अनियंत्रित होकर सड़क से उतर गई. कार फुटपाथ पर चढ़ गई और वहां खड़े पैदल यात्रियों को टक्कर मार दी. इस हादसे में मोहम्मद तौफीक नामक व्यक्ति के पैर में गंभीर चोट आई. उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है. बताया जा रहा है कि हादसे में शामिल कार लिमिटेड एडिशन मॉडल है, जिसकी कीमत करीब 12 करोड़ रुपये है.

एफआईआर में शुरुआत में ड्राइवर ‘अज्ञात’ क्यों था?

हादसे के बाद दर्ज की गई पहली एफआईआर में ड्राइवर का नाम शामिल नहीं था. रिपोर्ट में केवल लैंबॉर्गिनी कार का जिक्र किया गया था. जबकि घटनास्थल के वीडियो में साफ दिख रहा था कि एक व्यक्ति को ड्राइवर सीट से बाहर निकाला जा रहा है. सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने और जनाक्रोश बढ़ने के बाद पुलिस ने एफआईआर अपडेट करते हुए आरोपी चालक के रूप में शिवम मिश्रा का नाम जोड़ा.

क्या शिवम मिश्रा कार चला रहे थे?

आरोपी शिवम मिश्रा के वकील ने दावा किया है कि शिवम कार नहीं चला रहे थे. उनके मुताबिक कार ड्राइवर चला रहा था. वकील ने कहा कि सोमवार को अदालत में जमानत अर्जी दाखिल की जाएगी. हालांकि घटनास्थल के वीडियो में साफ नजर आ रहा है कि हादसे के तुरंत बाद बाउंसर शिवम मिश्रा को ड्राइवर सीट से बाहर निकालते हुए दिखाई दे रहे हैं. यही वीडियो पूरे मामले का टर्निंग पॉइंट साबित हुआ.

क्या मेडिकल जांच मौके पर हुई थी?

पुलिस के अनुसार शिवम मिश्रा की मेडिकल जांच घटनास्थल पर नहीं कराई गई. बाउंसर्स ने दावा किया कि हादसे के बाद उन्हें मामूली हार्ट अटैक आया था, जिसके चलते उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया. पुलिस ने कहा है कि इस मेडिकल दावे की पुष्टि की जा रही है और यह जांच की जा रही है कि किन परिस्थितियों में उन्हें घटनास्थल से हटाया गया.

लैंबॉर्गिनी को ढकने का मामला क्यों बना विवाद?

हादसे के बाद कार को थाने लाया गया, जहां उसे एक चादर से ढक दिया गया. सामने आए वीडियो में आरोपी से जुड़े निजी बाउंसरों को थाने परिसर के भीतर गाड़ी के पास खड़े देखा गया. पीड़ित परिवार और स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि बाउंसरों ने थाने में दुर्व्यवहार किया और वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने हस्तक्षेप नहीं किया. इसी वजह से पुलिस पर ‘प्राथमिकता व्यवहार’ यानी विशेष संरक्षण देने के आरोप लगे.

थानाध्यक्ष को पुलिस लाइन क्यों भेजा गया?

पुलिस कमिश्नर ने मामले की समीक्षा के बाद ग्वालटोली थाने के प्रभारी निरीक्षक को पुलिस लाइन अटैच कर दिया. अधिकारियों का कहना है कि प्रारंभिक जांच में लापरवाही के संकेत मिले हैं. विभागीय जांच जारी है और पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी.

क्या यह सिर्फ एक सड़क हादसा है या सिस्टम पर सवाल?

कानपुर लैंबॉर्गिनी हादसा अब केवल एक ट्रैफिक दुर्घटना का मामला नहीं रह गया है. एफआईआर में देरी से नाम जोड़ना, मेडिकल जांच पर सवाल, और थाने के भीतर बाउंसरों की मौजूदगी.इन सभी ने मामले को संवेदनशील बना दिया है. जांच आगे बढ़ रही है और अब सबकी नजर इस बात पर है कि कानून का पालन निष्पक्ष रूप से होता है या नहीं.

कानपुर में लैम्बॉर्गिनी सड़क हादसे के आरोपी शिवम मिश्रा का नया वीडियो सामने आया है जिसमें देखा जा सकता है कि कार से दुर्घटना करने के बाद बाउंसर उसको कार से निकालते हुए नज़र आ रहा है. मामले में पहले अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी. 

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