हरियाणा सरकार के एक फैसले ने 'आग में डाला घी', नोएडा में क्यों आगजनी और पथराव करने लगे मजदूर? जानिए इनसाइड स्टोरी
हरियाणा में 35 फीसदी न्यूनतम वेतन बढ़ोतरी के बाद नोएडा में मजदूरों का विरोध और उग्र हो गया. कई जगहों पर हिंसा, पथराव और वाहनों में आगजनी की घटनाएं सामने आई हैं.
हरियाणा सरकार के फैसले से नोएडा में मजदूरों का प्रदर्शन हुआ हिंसक
(Image Source: ANI )Noida workers protest, Haryana wage hike: नोएडा में मजदूरों का विरोध प्रदर्शन अब उग्र होता जा रहा है. बेहतर वेतन की मांग को लेकर शुरू हुआ आंदोलन अब हिंसक रूप ले चुका है. कई इलाकों में मजदूरों और पुलिस के बीच झड़प हुई, वाहनों में आग लगाई गई और पथराव की घटनाएं भी सामने आईं.
स्थिति खासतौर पर नोएडा फेज-2 और सेक्टर 60 व 62 में तनावपूर्ण हो गई, जहां प्रदर्शन कर रहे श्रमिकों और पुलिस के बीच टकराव हुआ. रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस कार्रवाई के दौरान एक महिला श्रमिक के घायल होने की खबर के बाद भीड़ और भड़क गई. सेक्टर-63 स्थित विपुल मोटर्स कंपनी में आग लगने से हड़कंप मच गया. प्रदर्शन के दौरान परिसर में खड़ी गाड़ियों को आग के हवाले करने के आरोप हैं. पुलिस मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित करने में जुटी है.
पिछले चार से पांच दिनों से हजारों श्रमिक सड़कों पर उतरकर वेतन बढ़ाने की मांग कर रहे हैं. उनका कहना है कि लंबे समय से वेतन में संशोधन नहीं हुआ है और यह श्रम कानूनों के अनुसार होना चाहिए.
हरियाणा सरकार के किस फैसले से बढ़ा विवाद?
दरअसल, यह पूरा विवाद पड़ोसी राज्य हरियाणा सरकार के एक फैसले के बाद और बढ़ गया. नायब सिंह सैनी की अगुवाई वाली सरकार ने हाल ही में न्यूनतम मजदूरी में 35% तक की बढ़ोतरी का ऐलान किया है. नए वेतन ढांचे के अनुसार;
- अकुशल श्रमिकों का वेतन ₹11,274 से बढ़ाकर ₹15,220 कर दिया गया
- अर्धकुशल श्रमिकों का वेतन ₹12,430 से बढ़ाकर ₹16,780 किया गया
- कुशल और उच्च कुशल श्रमिकों के वेतन में भी 35% तक की बढ़ोतरी की गई
नोएडा के मजदूरों का क्या कहना है?
नोएडा के मजदूरों का कहना है कि जब पड़ोसी राज्य में मजदूरों को ज्यादा वेतन मिल रहा है, तो उनके साथ भेदभाव क्यों किया जा रहा है. कई श्रमिकों ने यह भी आरोप लगाया कि कंपनियां केंद्र सरकार द्वारा तय न्यूनतम वेतन नियमों का भी पालन नहीं कर रही हैं. इससे पहले, 10 अप्रैल को भी हजारों श्रमिकों ने नोएडा फेज-2 में प्रदर्शन किया था. उस दौरान भी पथराव हुआ था, जिसके बाद प्रशासन ने भारी पुलिस बल तैनात किया.
दिल्ली में क्यों बढ़ाई गई सुरक्षा?
मामले की गंभीरता को देखते हुए दिल्ली पुलिस को भी हाई अलर्ट पर रखा गया है. अधिकारियों ने बताया कि नोएडा से दिल्ली आने वाले सभी प्रमुख रास्तों पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है, ताकि प्रदर्शन राजधानी तक न पहुंचे. पुलिस के अनुसार, सभी प्रमुख एंट्री प्वाइंट्स पर अतिरिक्त बल तैनात किया गया है.कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की किसी भी कोशिश को सख्ती से रोका जाएगा.
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि हालात पर नजर रखी जा रही है और किसी को भी शांति भंग करने की अनुमति नहीं दी जाएगी. फिलहाल प्रशासन स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश कर रहा है, लेकिन मजदूरों का कहना है कि जब तक वेतन बढ़ोतरी की मांग पूरी नहीं होती, आंदोलन जारी रहेगा.