UP के मेरठ में दलित महिला की हत्या, बेटी का अपहरण; अस्पताल से गांव तक बवाल- Video
मेरठ जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक दलित महिला की बेरहमी से हत्या कर दी गई और उसकी बेटी का अपहरण कर लिया गया. इस वारदात के बाद पूरे इलाके में आक्रोश और तनाव का माहौल है. पुलिस ने स्थिति को काबू में रखने के लिए अतिरिक्त बल तैनात कर दिया है और आरोपी की तलाश में कई टीमें गठित की गई हैं.;
उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक दलित महिला की बेरहमी से हत्या कर दी गई और उसकी बेटी का अपहरण कर लिया गया. इस वारदात के बाद पूरे इलाके में आक्रोश और तनाव का माहौल है. पुलिस ने स्थिति को काबू में रखने के लिए अतिरिक्त बल तैनात कर दिया है और आरोपी की तलाश में कई टीमें गठित की गई हैं.
घटना गुरुवार सुबह की बताई जा रही है, जिसने न सिर्फ स्थानीय लोगों को झकझोर कर रख दिया बल्कि प्रदेश की कानून-व्यवस्था और महिलाओं की सुरक्षा पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. अस्पताल से लेकर गांव तक विरोध-प्रदर्शन हुए, वहीं राजनीतिक दलों ने भी सरकार को घेरा है.
खेत जाते समय हुई वारदात, नहर के पास रोका गया रास्ता
पुलिस के मुताबिक, यह घटना सुबह करीब 8 बजे मेरठ के सरधना क्षेत्र के कपसाड़ गांव में हुई. मृतका अपनी 20 वर्षीय बेटी के साथ खेतों की ओर जा रही थी. इसी दौरान नहर के पास गांव का ही रहने वाला युवक पारस वहां पहुंचा और दोनों को रोक लिया. आरोप है कि पारस ने युवती के साथ अभद्रता शुरू कर दी. जब मां ने इसका विरोध किया तो उसने गन्ना काटने वाले धारदार हथियार से महिला के सिर पर वार कर दिया.
मां की हत्या, बेटी का जबरन अपहरण
हमले में महिला गंभीर रूप से घायल हो गई. आरोपी ने मौके पर ही युवती को जबरन उठा लिया और वाहन में बैठाकर फरार हो गया. स्थानीय लोगों के शोर सुनकर ग्रामीण मौके पर पहुंचे और घायल महिला को अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई. पुलिस के अनुसार, आरोपी पारस स्थानीय डॉक्टर के यहां कंपाउंडर का काम करता था और वह युवती को पहले से जानता था. दोनों एक ही गांव के रहने वाले बताए जा रहे हैं.
अस्पताल में हंगामा, भीम आर्मी और दलित संगठनों का विरोध
महिला की मौत की खबर मिलते ही अस्पताल परिसर में भारी हंगामा शुरू हो गया. भीम आर्मी और अन्य दलित संगठनों के कार्यकर्ताओं ने आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी की मांग को लेकर प्रदर्शन किया. आक्रोशित लोगों ने एंबुलेंस को नुकसान पहुंचाया और शव के अंतिम संस्कार से इनकार कर दिया. वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) विपिन टाडा ने बताया कि आरोपी की गिरफ्तारी और अपहृत युवती की बरामदगी के लिए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) के नेतृत्व में पांच विशेष टीमें बनाई गई हैं. पीड़ित परिवार की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया गया है. स्थिति की गंभीरता को देखते हुए गांव में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है. तनाव को देखते हुए फिलहाल राजनीतिक नेताओं के गांव में प्रवेश पर भी रोक लगा दी गई है.
मायावती ने जताया दुख, सरकार से सख्त कार्रवाई की मांग
बहुजन समाज पार्टी (BSP) प्रमुख मायावती ने इस घटना की कड़ी निंदा की है. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर लिखा कि“मेरठ, यूपी के सरधना थाना क्षेत्र में दलित मां की हत्या और बेटी के अपहरण की हालिया घटना अत्यंत हृदयविदारक, शर्मनाक और चिंताजनक है.” उन्होंने आगे कहा कि “सरकार को महिलाओं के मान-सम्मान से जुड़े ऐसे मामलों को अत्यंत गंभीरता से लेते हुए दोषियों के खिलाफ तत्काल सख्त कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसे जघन्य अपराधों पर रोक लगाई जा सके.”
प्रेम प्रसंग के एंगल से भी जांच, पहले हो चुकी थी पंचायत
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, आरोपी पारस और युवती के बीच कथित तौर पर पहले से संबंध थे. कुछ महीने पहले दोनों को साथ पकड़े जाने के बाद गांव में पंचायत भी हुई थी. हालांकि, पुलिस सभी पहलुओं से मामले की जांच कर रही है. घटना को लेकर विपक्षी दलों ने प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोला है. नेताओं का कहना है कि यह वारदात दिखाती है कि राज्य में महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं और कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है. फिलहाल पुलिस आरोपी की गिरफ्तारी और युवती की सुरक्षित बरामदगी को सर्वोच्च प्राथमिकता बता रही है.