ग्रेटर नोएडा वेस्ट और गाजियाबाद से जेवर एयरपोर्ट की कनेक्टिविटी होगी शानदार, 130 मीटर रोड पर बनेगा बस-वे
जेवर एयरपोर्ट के लिए 130 मीटर रोड पर बस-वे बनेगा. ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद से कनेक्टिविटी बेहतर होगी, जाम से राहत और सफर होगा आसान.
Noida International Airport से उड़ानें शुरू होने की तैयारियों के बीच अब सरकार और प्राधिकरण कनेक्टिविटी को लेकर तेजी से काम कर रहे हैं. अगले महीने के आखिरी सप्ताह से संभावित फ्लाइट ऑपरेशन को ध्यान में रखते हुए यात्रियों को बेहतर और जाम-मुक्त सफर देने की दिशा में बड़े फैसले लिए जा रहे हैं.
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने शहर को एयरपोर्ट से जोड़ने के लिए 130 मीटर चौड़ी मुख्य सड़क पर एक विशेष बस-वे (Bus Way) बनाने की योजना को आगे बढ़ा दिया है. इस परियोजना के पूरा होने के बाद न केवल ट्रैफिक दबाव कम होगा, बल्कि पब्लिक ट्रांसपोर्ट को भी जबरदस्त बढ़ावा मिलेगा.
क्या है 130 मीटर रोड पर बस-वे प्रोजेक्ट?
ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए करीब 25.19 करोड़ रुपये का बजट तय किया है. इसके लिए टेंडर भी जारी कर दिया गया है. इस बस-वे पर केवल बसों और बड़े वाहनों को चलने की अनुमति होगी, जिससे आम वाहनों के लिए सड़क पर जगह बढ़ेगी और ट्रैफिक जाम की समस्या में कमी आएगी.
कहां से कहां तक बनेगा यह बस-वे?
पहले चरण में यह बस-वे सैनी रोटरी से तोशा कट तक बनाया जाएगा, जिसकी लंबाई करीब 10 किलोमीटर होगी. पूरी परियोजना के तहत कुल 23 किलोमीटर लंबा बस-वे विकसित करने की योजना है, जो भविष्य में एयरपोर्ट कनेक्टिविटी का बड़ा आधार बनेगा.
क्या मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं भी?
इस प्रोजेक्ट में केवल बस-वे ही नहीं, बल्कि यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए मॉर्डन बस स्टॉप भी बनाए जाएंगे. साथ ही, पैदल चलने वालों के लिए सड़क के दोनों किनारों पर सुरक्षित और बेहतर पाथवे (Footpath) का निर्माण भी किया जाएगा.
क्या नई लिंक रोड से बढ़ेगी कनेक्टिविटी?
ग्रेटर नोएडा ईस्ट के सिरसा से 130 मीटर रोड को यमुना सिटी से जोड़ने के लिए करीब 3 किलोमीटर लंबी नई सड़क का निर्माण किया जा रहा है. इस लिंक रोड के बनने के बाद Greater Noida West, Ghaziabad और क्रॉसिंग रिपब्लिक जैसे इलाकों से लोग सीधे जेवर एयरपोर्ट तक आसानी से पहुंच सकेंगे.
क्या मिलेगा आम लोगों को फायदा?
इस बस-वे प्रोजेक्ट के पूरा होने के बाद लोगों को तेज, सुगम और जाम-मुक्त सफर का अनुभव मिलेगा. खासतौर पर पब्लिक ट्रांसपोर्ट मजबूत होगा, जिससे निजी वाहनों की निर्भरता कम होगी और ट्रैफिक व प्रदूषण दोनों में गिरावट आने की उम्मीद है.
क्या जेवर एयरपोर्ट बनेगा ट्रांसपोर्ट हब?
एयरपोर्ट के शुरू होने से पहले इस तरह की कनेक्टिविटी परियोजनाएं पूरे क्षेत्र के विकास को नई दिशा देंगी. आने वाले समय में यह इलाका एक बड़े ट्रांसपोर्ट हब के रूप में उभर सकता है, जहां से देश-विदेश के लिए आसान और तेज़ यात्रा संभव होगी.