HJU की सारा ने बताई पूरी कहानी, क्यों डिप्टी CM के सामने बोलना पड़ा- बेइज्जत कर इज्जत देने के लिए बहुत-बहुत शुक्रिया
जयपुर के HJU कन्वोकेशन में छात्रा सारा इस्माइल का बयान "बेइज्जत कर इज्जत देने के लिए बहुत-बहुत शुक्रिया" सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया. अब सारा ने खुद सामने आकर बताया है कि उन्होंने ऐसा इसलिए कहा क्योंकि उन्हें डिग्री नहीं दी गई थी.
जयपुर के हरिदेव जोशी पत्रकारिता विश्वविद्यालय (HJU) के कन्वोकेशन समारोह में उस वक्त माहौल बदल गया, जब स्टूडेंट सारा इस्माइल ने मंच पर डिग्री लेते हुए डिप्टी सीएम के सामने तीखा तंज कस दिया. उनका "बेइज्जत कर इज्जत देने के लिए बहुत-बहुत शुक्रिया" बयान देखते ही देखते सोशल मीडिया पर वायरल हो गया.
अब इस पूरे मामले पर सारा ने खुद सामने आकर बताया है कि आखिर ऐसा क्या हुआ, जिसने उन्हें इस खास मौके पर इतना कुछ कहने के लिए मजबूर कर दिया. सारा के मुताबिक, समारोह में छात्रों को डिग्री देने का वादा किया गया था, लेकिन कार्यक्रम खत्म होने के बाद भी उन्हें डिग्री नहीं दी गई.
सारा इस्माइल ने बताया कि हरिदेव जोशी पत्रकारिता विश्वविद्यालय की इकलौती सरकारी यूनिवर्सिटी है, जहां कन्वोकेशन सेरेमनी होस्ट की गई थी, जिसमें 271 स्टूडेंट्स को बुलाया गया था. इसमें 2025-24 के बैच के बच्चे शामिल थे. उन्हें कहा गया था ड्रेस कोड में आना है.
छात्रों और पेरेंट्स में नाराज़गी
सारा ने वीडियो में आगे बताया कि राजस्थान भर से स्टूडेंट्स अपने पेरेंट्स के साथ आए थे. यह सोचक कि उन्हें डिग्री मिलेगी, और पेरेंट्स खुश होंगे. पूरा इंवेट हुआ, स्पीच हुई, गोल्ड मेडलिस्ट को मेडल दिए गए और उसके बाद प्रोगाम खत्म हो गया और उन्हें डिग्री नहीं दी गई. सभी लोग बहुत गुस्सा हुए. पेरेंट्स बहुत निराश हुए. पेरेंट्स को बुरा लगा कि वह इतनी दूर से सिर्फ इसलिए आए हैं, ताकि वह अपने बच्चों को डिग्री लेता हुए देख पाएं, लेकिन सिर्फ 15 मिनट के लिए कोई भी नहीं रुकना चाहता था. न एडमिनिस्ट्रेशन न ही डिग्री देने वाले लोग.
डिप्टी सीएम और वाइस चांसलर को लाया गया वापस
यूनिवर्सिटी के मिसमैनेजमेंट को देखकर हर कोई निराश था. काफी स्टूडेंट्स डिग्री देने वालों के पीछे भागे. गर्वनर तब तक जा चुके थे. इसके बाद डिप्टी सीएम और वाइस चांसलर को वापस लाया गया ताकि वह उन्हें डिग्री दें. सारा का कहना है कि अगर हमने उस डिग्री के लिए तीन साल मेहनत की है, तो हमारा हक बनता है.
“यह सिर्फ मेरा गुस्सा नहीं था”
सारा ने आगे बताया कि उन्होंने प्रोजेक्ट बनाकर सबमिट किए हैं. फीस दी है, तो वह डिग्री पूरे रिस्पेक्ट के साथ डिजर्व करते हैं. उन्होंने कहा कि उनका बयान पर्नसल नहीं था. वह उन सभी स्टूडेंट्स के शब्द थे, जो वहां पर मौजूद थे. ऐसे में जब वह मंच पर डिग्री लेने गई, तो उनका गुस्सा फूट पड़ा. ये सभी स्टूडेंट् का गुस्सा था कि हम सभी लोगों को अपमानित किया गया है और आप फिर ये लोग हमें डिग्री पकड़ाकर इज्जत देने का ढोंग रच रहे थे.
कौन हैं सारा इस्माइल?
सारा इस्माइल मास कम्युनिकेशन की छात्रा हैं और सोशल मीडिया पर भी काफी पॉपुलर हैं. उनके इंस्टाग्राम पर 33 लाख से ज्यादा फॉलोअर्स हैं. वह रेगुलर अपनी तस्वीरें और कंटेंट शेयर करती हैं. इस घटना के बाद उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए पूरा मामला सामने रखा, जिससे यह मुद्दा और ज्यादा चर्चा में आ गया.