7 साल का पुराना प्यार 3 महीने की शादी! कैसे अंजू ने रची पति आशीष के मर्डर की साजिश? पुलिस ने ऐसे किया खुलासा

राजस्थान के श्रीगंगानगर में नवविवाहित युवक आशीष की मौत को सड़क हादसा दिखाने की कोशिश की गई. पुलिस जांच में सामने आया कि पत्नी अंजू ने अपने प्रेमी और उसके साथियों के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची थी.;

( Image Source:  X: @venom1s )
Edited By :  रूपाली राय
Updated On : 6 Feb 2026 8:27 AM IST

राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले में रहने वाले नवविवाहित जोड़े आशीष उम्र लगभग 25-27 साल और 23 साल की अंजू शाम की सैर पर निकले थे. दोनों टहलते हुए एक सुनसान सड़क पर पहुंचे. तभी अचानक एक तेज रफ्तार वाहन ने उन्हें टक्कर मार दी. आशीष की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि अंजू बेहोश होकर सड़क पर गिर पड़ी. उसके सोने के गहने जैसे झुमके गले की चैन भी लूट लिए गए.

शुरू में यह मामला एक साधारण हिट-एंड-रन जैसा का लग रहा था. लेकिन पुलिस की जांच में इसकी पूरी कहानी बदल गई. यह कोई हादसा नहीं, बल्कि एक सोची-समझी हत्या की साजिश थी, जिसे अंजू ने अपने प्रेमी और उसके साथियों के साथ मिलकर रची थी. इसे अब राजस्थान का हनीमून मर्डर या हनीमून मर्डर 2.0 कहा जा रहा है, क्योंकि यह मेघालय के उस मामले से मिलता-जुलता है जहां सोनम रघुवंशी ने हनीमून पर अपने पति राजा की हत्या करवाई थी और इसे दुर्घटना दिखाने की कोशिश की थी. 

घटना कब और कैसे हुई?

तारीख 30 जनवरी 2026 समय करीब रात करीब 9 बजे पुलिस को सूचना मिली कि एक दंपति सड़क पर बेहोश पड़ा है. पुलिस ने मौके पर पहुंचकर देखा तो आशीष पहले ही मर चुका था. उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. श्रीगंगानगर की पुलिस अधीक्षक अमृता दुहान ने बताया कि शुरू में यह अज्ञात वाहन से टक्कर का केस लग रहा था. पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना किया और फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की टीम भी बुलाई गई ताकि तकनीकी जांच हो सके. 

अंजू की शुरुआती कहानी क्या थी?

अंजू ने पुलिस को बताया कि वह और उसका पति शाम को घूमने निकले थे. अचानक एक अज्ञात गाड़ी ने उन्हें जोर से टक्कर मारी. गाड़ी वाले ने उसके सोने के गहने लूट लिए और भाग गए। वह खुद भी बेहोश हो गई. 

लेकिन जांच में क्या खुलासा हुआ?

पुलिस को कुछ बातें संदिग्ध लगी. आशीष के शरीर पर गला घोंटने के निशान थे, सिर पर गंभीर चोटें थी और बाद में पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से साफ हुआ कि यह हत्या थी, हादसा नहीं. अंजू के शरीर पर कोई गंभीर चोट नहीं थी, वह सुरक्षित बच गई थी. उसकी कहानी में कई बार बदलाव आए, जो संदेह बढ़ाने वाला था. अंजू के मोबाइल फोन की जांच में पता चला कि वह संजू नाम के एक व्यक्ति से लगातार संपर्क में थी. संजू उसके घर के पास ही रहता था और उसका पुराना प्रेमी था. 

पूरी साजिश कैसे बनी?

आशीष और अंजू की शादी महज तीन महीने पहले हुई थी. आशीष एक प्राइवेट स्कूल में टीचर था. अंजू इस शादी से खुश नहीं थी. शादी के कुछ समय बाद वह अपने मायके सदुलशहर चली गई. वहां उसकी मुलाकात अपने पुराने प्रेमी संजू से हुई. दोनों ने मिलकर आशीष को मारने की योजना बनाई. कुछ रिपोर्टों में कहा गया है कि यह प्लान दो हफ्ते पहले ही तैयार हो गया था. अंजू का यह अफेयर लंबे समय कुछ रिपोर्टों में 7 साल से चल रहा था और उसके परिवार को भी पता था. प्लानिंग के मुताबिक, अंजू ने आशीष को शाम की सैर के लिए उकसाया. वह उसे एक सुनसान जगह पर ले गई. वहां पहले से छिपे हुए संजू और उसके तीन साथी रॉकी, बादल, सिद्धार्थ- कुल चार हमलावर ने आशीष पर हमला किया.  उन्होंने लोहे की रॉड या अन्य हथियार से मारपीट की, उसका गला घोंटा और मार डाला. हत्या के बाद अंजू ने खुद के गहने (फोन, झुमके आदि) हमलावरों को दे दिए ताकि लूटपाट का नाटक लगे. अंजू ने सड़क पर बेहोश होने का ड्रामा किया. लेकिन आशीष की गर्दन और शरीर पर लगे चोट के निशान ने पूरी साजिश उजागर कर दी. 

पुलिस की कार्रवाई

पुलिस ने अंजू, संजू और उसके दो-तीन साथियों को गिरफ्तार कर लिया है. कुल चार मुख्य आरोपी पकड़े गए हैं. मामले की जांच अभी भी जारी है. पुलिस का कहना है कि मोबाइल कॉल रिकॉर्ड, चैट और फोरेंसिक सबूतों से सारी साजिश साफ हो गई है. यह मामला पूरे देश में सनसनी फैला रहा है, क्योंकि यह शादी के कुछ ही महीनों बाद पत्नी द्वारा पति की हत्या का एक और दर्दनाक उदाहरण है. पुलिस ने इसे मेघालय वाले हनीमून मर्डर से जोड़कर देखा है. 

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