पंजाब में बेअदबी पर सख्त कानून! धर्म पर जीरो टॉलरेंस, 10 साल से उम्रकैद तक की सजा; सीएम भगवंत मान का ऐलान
पंजाब सरकार बेअदबी के मामलों पर सख्त कार्रवाई के लिए कानून में बड़ा बदलाव करने जा रही है. नए प्रावधान के तहत दोषियों को 10 साल से लेकर उम्रकैद तक की सजा मिल सकती है.
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने शनिवार को एक बड़ा ऐलान किया है. उन्होंने कहा कि राज्य में धार्मिक ग्रंथों की अपवित्रता (बेअदबी) रोकने के लिए कानून और भी सख्त बना दिया जाएगा. खास तौर पर श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी का अपमान करने वाले किसी भी व्यक्ति को अब बहुत कड़ी सजा मिलेगी, जिसमें 10 साल की जेल से लेकर उम्र कैद तक की सजा का प्रावधान होगा.
इस उद्देश्य को पूरा करने के लिए पंजाब सरकार 13 अप्रैल को विधानसभा का एक विशेष सत्र बुला रही है. इस सत्र में जगतजोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार अधिनियम, 2008 में जरूरी संशोधन किए जाएंगे. सरकार का कहना है कि वह शून्य-सहिष्णुता (जीरो टॉलरेंस) की नीति अपना रही है. मतलब, गुरु ग्रंथ साहिब जी या अन्य पवित्र धार्मिक ग्रंथों की बेअदबी करने वाले किसी भी व्यक्ति को बिल्कुल बख्शा नहीं जाएगा.
संशोधन होगा बेअदबी कानून
ऐसे अपराधों पर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी. मुख्यमंत्री भगवंत मान ने अमृतसर में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा, '13 अप्रैल को हम बेअदबी कानून में संशोधन करेंगे. श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी करने वाले किसी भी व्यक्ति को कम से कम 10 साल की जेल और ज्यादा से ज्यादा आजीवन कारावास की सजा का सामना करना पड़ेगा.'
अकाली दल पर तीखा हमला
भगवंत मान ने इस मौके पर शिरोमणि अकाली दल (SAD) पर भी तेज हमला बोला. उन्होंने कहा कि अकाली दल की सरकार के समय में कई बेअदबी की घटनाएं हुई थीं, लेकिन वे अब उन घटनाओं को भूल चुके हैं और सोचते हैं कि लोग भी भूल जाएंगे. मान जी ने जोर देकर कहा, 'लोग नहीं भूलेंगे.' उन्होंने दावा किया कि आम आदमी पार्टी (AAP) की सरकार अब कानून को मजबूत करके और सख्त सजाएं लागू करके इन घटनाओं पर लगाम लगाने और न्याय सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठा रही है.
बैसाखी के मौके पर विशेष सत्र
यह विशेष सत्र बैसाखी के शुभ अवसर पर बुलाया जा रहा है, जिसे खालसा सजना दिवस भी कहा जाता है. मुख्यमंत्री ने कहा कि बेअदबी का कोई भी प्रयास करने वाले व्यक्ति को कम से कम 10 साल और अधिकतम उम्र कैद की सजा मिलेगी. उन्होंने आगे कहा, 'किसी को भी श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी का अपमान करने का साहस नहीं करना चाहिए. हम इस मामले में संत समाज से भी सलाह-मशविरा कर रहे हैं.' भगवंत मान ने यह भी जोड़ा कि यह ऐसा काम है जो केवल हम ही कर सकते हैं और हमें ही करना चाहिए। इसकी उम्मीद किसी और सरकार से नहीं की जा सकती.
सरकार का संदेश
पंजाब सरकार का साफ संदेश है कि गुरु ग्रंथ साहिब जी और अन्य धार्मिक ग्रंथों की गरिमा और सम्मान की रक्षा के लिए कोई भी कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. कानून में संशोधन के बाद बेअदबी जैसे संवेदनशील मुद्दों पर और अधिक प्रभावी ढंग से कार्रवाई हो सकेगी. यह फैसला पंजाब में धार्मिक भावनाओं का सम्मान बनाए रखने और शांति-व्यवस्था बनाए रखने की दिशा में सरकार का एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.