BJP vs AAP: परिवार कर रहा CBI जांच की मांग, तो CM मान क्यों कर रहे इनकार? FAQ से समझें DM रंधावा सुसाइड केस का ताजा हाल

पंजाब के अमृतसर में वेयरहाउस के डीएम गगनदीप सिंह रंधावा की संदिग्ध आत्महत्या का मामला अब राजनीतिक तूफान बन चुका है. इस घटना ने न सिर्फ प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि राज्य की राजनीति में भी आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज कर दिया है

Amritsar dm case

(Image Source:  X/ @shaileshvermasp )
Edited By :  विशाल पुंडीर
Updated On : 25 March 2026 2:57 PM IST

पंजाब के अमृतसर में वेयरहाउस के डीएम गगनदीप सिंह रंधावा की संदिग्ध आत्महत्या का मामला अब राजनीतिक तूफान बन चुका है. इस घटना ने न सिर्फ प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि राज्य की राजनीति में भी आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज कर दिया है. मामले को लेकर विपक्ष लगातार सीबीआई जांच की मांग कर रहा है.

बुधवार को भारतीय जनता पार्टी के एक प्रतिनिधिमंडल ने पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया से मुलाकात कर जांच केंद्रीय एजेंसी को सौंपने की सिफारिश की मांग उठाई. इस बीच सियासी बयानबाजी और तेज हो गई है, जिससे मामला और गरमा गया है.

1. सवाल: क्या है BJP का आरोप?

जवाब: पंजाब भाजपा अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने इस मामले को आत्महत्या मानने से इनकार करते हुए गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि यह सीधा-सीधा हत्या का मामला है और इसकी निष्पक्ष जांच जरूरी है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस और आम आदमी पार्टी आपस में मिली हुई हैं और इस मामले में सच्चाई सामने नहीं आने दी जा रही है. साथ ही उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस के तीन सांसदों ने अभी तक सीबीआई जांच के समर्थन में हस्ताक्षर नहीं किए हैं.

2. सवाल: क्या बोले सीएम मान?

जवाब: वहीं भगवंत मान ने इस मामले में सीबीआई जांच की मांग को खारिज करते हुए कहा कि पंजाब पुलिस इस मामले की जांच करने में पूरी तरह सक्षम है. उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के प्रस्ताव पर प्रतिक्रिया देते हुए स्पष्ट किया कि राज्य की जांच प्रक्रिया उचित जांच के लिए पर्याप्त है.

3. सवाल: क्या है परिवार की मांग?

जवाब: पीड़ित की पत्नी उपिंदर कौर ने मीडिया से बातचीत में साफ कहा कि उन्हें राज्य की जांच पर भरोसा नहीं है. उन्होंने आधिकारिक तौर पर सीबीआई जांच की मांग करते हुए आशंका जताई कि राजनीतिक प्रभाव जांच को प्रभावित कर सकता है. इस पूरे मामले में अब राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप और तेज हो गए हैं.

एक तरफ विपक्ष इसे न्याय की लड़ाई बता रहा है, तो दूसरी ओर राज्य सरकार अपनी जांच एजेंसियों पर भरोसा जता रही है. ऐसे में अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या इस मामले की जांच सीबीआई को सौंपी जाएगी या राज्य पुलिस ही इसे अंजाम तक पहुंचाएगी.

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