हॉकी कप्तान से कांग्रेस अध्यक्ष तक...पंजाब के परगट सिंह के बारे में कितना जानते हैं आप, क्यों मिली इतनी बड़ी जिम्मेदारी?
कांग्रेस ने पूर्व भारतीय हॉकी कप्तान और जालंधर कैंट विधायक परगट सिंह को पंजाब कांग्रेस का नया अध्यक्ष नियुक्त किया है. उन्होंने अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग की जगह ली है. जानें उनके बारे में पूरी डिटेल.
कांग्रेस ने शुक्रवार को पूर्व भारतीय हॉकी कप्तान और जालंधर कैंट से विधायक परगट सिंह को पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PPCC) का नया अध्यक्ष नियुक्त किया है. 61 साल के परगट सिंह ने अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग की जगह ली है. यह बदलाव ऐसे समय हुआ है, जब कांग्रेस पंजाब में अगले साल की शुरुआत में होने वाले विधानसभा चुनावों की तैयारी कर रही है.
राजा वड़िंग अप्रैल 2022 से पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष थे. शुक्रवार को उन्होंने दिल्ली में कांग्रेस नेता राहुल गांधी से मुलाकात की और अपने पद से इस्तीफा दे दिया. इसके बाद परगट सिंह की नियुक्ति का ऐलान किया गया.
परगट सिंह की नियुक्ति से पहले कांग्रेस के भीतर कई दिनों तक चर्चा और बैठकें हुईं. पंजाब कांग्रेस में वरिष्ठ नेताओं के बीच मतभेद की खबरों के बीच कांग्रेस के पंजाब प्रभारी सचिन पायलट ने राज्य के वरिष्ठ नेताओं से बातचीत की और अपनी रिपोर्ट पार्टी हाईकमान को सौंपी.
परगट सिंह को ही क्यों मिली जिम्मेदारी?
परगट सिंह एक जाट सिख नेता हैं. पार्टी के भीतर उनकी तुलना पूर्व मंत्री विजय इंदर सिंगला के साथ भी की जा रही थी, जो हिंदू नेता हैं. परगट सिंह की नियुक्ति को कांग्रेस के अंदरूनी समीकरणों को बैलेंस करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है. अगर सीएम के चेहरे के तौर पर देखा जाए तो परगट सिंह की नई जिम्मेदारी उन्हें मुख्यमंत्री पद की सीधी दौड़ में तुरंत नहीं लाती.
कौन हो सकते हैं पंजाब के मुख्यमंत्री चेहरे?
पंजाब कांग्रेस में कई वरिष्ठ नेताओं को मुख्यमंत्री पद के संभावित दावेदारों के तौर पर देखा जाता है. इनमें नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा, जालंधर से सांसद और पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी तथा गुरदासपुर से सांसद और पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा शामिल हैं.
कौन हैं परगट सिंह?
परगट सिंह जालंधर कैंट विधानसभा सीट से तीन बार विधायक रहे हैं. उन्होंने पहली बार 2012 में शिरोमणि अकाली दल (SAD) के टिकट पर चुनाव जीता था. बाद में उन्होंने अकाली दल छोड़कर 2016 में कांग्रेस का दामन थाम लिया. इसके बाद 2017 और 2022 के विधानसभा चुनावों में उन्होंने कांग्रेस के टिकट पर जालंधर कैंट सीट बरकरार रखी.
2021 में तत्कालीन PPCC अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू ने उन्हें पंजाब कांग्रेस में महासचिव (संगठन) बनाया था. इसके बाद सितंबर 2021 से मार्च 2022 तक उन्होंने चरणजीत सिंह चन्नी के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार में कैबिनेट मंत्री के तौर पर काम किया.
अब PPCC अध्यक्ष बनने के बाद उन्हें पार्टी के संगठन को मजबूत करने और जमीनी स्तर पर कांग्रेस के नेटवर्क को बेहतर करने की बड़ी जिम्मेदारी मिली है. इसके साथ ही उन्हें वरिष्ठ नेताओं के बीच मतभेदों को संभालकर पार्टी को 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए तैयार करना होगा.
राजनीति में एंट्री से पहले क्या?
राजनीति में आने से पहले परगट सिंह का अंतरराष्ट्रीय हॉकी में लंबा करियर रहा है. जालंधर के मिठापुर में जन्मे परगट सिंह पंजाब पुलिस से जुड़े रहे और भारतीय रेलवे के साथ भी काम किया. उन्होंने 1992 के बार्सिलोना ओलंपिक और 1996 के अटलांटा ओलंपिक में भारतीय हॉकी टीम की कप्तानी की. उन्हें दो ओलंपिक खेलों में भारत की कप्तानी करने वाला एकमात्र खिलाड़ी बताया जाता है.
1998 में उन्हें भारतीय राष्ट्रीय हॉकी टीम का कोच बनाया गया था. पंजाब के खेल निदेशक के तौर पर भी उन्होंने काम किया. इस दौरान उन्होंने खेल सुविधाओं को बढ़ाने और गांवों में हॉकी टर्फ विकसित करने पर जोर दिया. खेल के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए उन्हें 1989 में अर्जुन पुरस्कार और 1998 में पद्म श्री से सम्मानित किया गया था.
अब क्या है परगट के सामने चुनौती?
परगट सिंह के सामने अब सबसे बड़ी जिम्मेदारी पंजाब कांग्रेस के संगठन को दोबारा व्यवस्थित करना, वरिष्ठ नेताओं के बीच मतभेद कम करना और पार्टी को 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए एकजुट करना होगी. परगट सिंह की नियुक्ति पर कांग्रेस के पंजाब प्रभारी सचिन पायलट ने उन्हें बधाई दी. उन्होंने उम्मीद जताई कि नए प्रदेश अध्यक्ष पार्टी संगठन को मजबूत करेंगे और पंजाब के लोगों से जुड़े मुद्दों को उठाएंगे.
परगट सिंह को लेकर सचिन पायलट ने क्या कहा?
पायलट ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि परगट सिंह के नेतृत्व में कांग्रेस आगामी विधानसभा चुनाव में बेहतर प्रदर्शन करेगी. उन्होंने यह भी कहा कि परगट सिंह को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी की विचारधारा और विजन को जनता तक पहुंचाना होगा.