पूरे देश में नवरात्र के पावन पर्व पर मां दुर्गा की पूजा-आराधना और कन्या पूजन की धूम थी, लेकिन ग्वालियर के झांसी रोड थाना क्षेत्र में एक 8 साल की नाबालिग बच्ची के साथ उसके ही ताऊ ने भयावह अत्याचार किया.

दुर्गा पंडाल में खेल रही बच्ची को ताऊ ने बहला-फुसला कर अपने घर ले जाकर यौन उत्पीड़न का शिकार बनाया. इतना ही नहीं, मासूम को डराया-धमकाया भी. 

घर पर भाई के बहाने से बुलाया

ग्वालियर के नाका चंद्रवदनी इलाके में मां दुर्गा पंडाल लगाया था और आसपास के लोग पूजा और भजन में मगन थे. उसी समय बच्ची पंडाल में खेल रही थी. तभी अचानक उसका ताऊ आया और उसे बहकाकर अपने घर ले गया. उसने बच्ची से कहा कि उसका बड़ा भाई बुला रहा है. मासूम बच्ची बिना किसी शक के तो दौड़ती गई, लेकिन वहां उसका भाई नहीं था. उसने ताऊ से पूछा कि आपने झूठ क्यों बोला? पर ताऊ ने इसकी परवाह किए बिना उसे कमरे में ले जाकर हैवानियत की सारी हदें पार कर दीं। बच्ची को धमकी दी गई कि वह किसी से कुछ न कहे, नहीं तो जान से मार देगा.

कपड़ों से खुला राज

घटना के बाद मासूम चुपचाप घर लौट आई. उसने कुछ नहीं कहा और अगले दिन अपनी बड़ी बहन व छोटे भाई के साथ स्कूल चली गई. उस दौरान उसकी मां घर पर कपड़े धो रही थीं. बेटी के कपड़ों में खून के निशान देखकर मां को शक हुआ. घबराई हुई मां तुरंत स्कूल पहुंचीं और बच्ची को घर लेकर लौटीं.

मां के सवालों पर टूटी चुप्पी

घर पहुंचने के बाद जब मां ने प्यार से बेटी से पूछा तो मासूम ने बदहवासी में सारा सच बता दिया. उसने बताया कि ताऊ ने उसके साथ गलत काम किया और धमकाकर चुप रहने को कहा. बच्ची ने यह भी बताया कि रात में उसे भयानक पेट दर्द हुआ, लेकिन उसने डर के चलते किसी को नहीं बताया.

पहले भी कर चुका था गंदी हरकत

मासूम की मां ने पुलिस को बताया कि आरोपी ताऊ पहले भी इस तरह की हरकत कर चुका था. उस समय उन्होंने अपने जेठ को चेतावनी दी थी. लेकिन ताऊ ने फिर वही घिनौनी हरकत दोहराई. इस बार मां ने हिम्मत जुटाकर सीधे पुलिस स्टेशन जाकर शिकायत दर्ज कराई.