Delhi New EV Policy: कम होगी सब्सिडी, लेकिन स्क्रैपिंग पर मिलेगा बंपर इंसेंटिव, जानिए क्या कहती है दिल्ली सरकार की नई योजना?

Delhi EV Policy 2026–2030 के तहत दिल्ली में इलेक्ट्रिक गाड़ियों को बढ़ावा देने के लिए नई रणनीति तैयार की गई है, जिसमें सब्सिडी घटाने के साथ स्क्रैपिंग इंसेंटिव पर जोर दिया गया है.

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Edited By :  समी सिद्दीकी
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Delhi New EV Policy: दिल्ली सरकार की प्रस्तावित इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) पॉलिसी 2026–2030 राजधानी में साफ-सुथरे परिवहन को बढ़ावा देने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है. इस नई नीति में सब्सिडी को धीरे-धीरे कम करने, पुराने वाहनों को स्क्रैप करने पर इंसेंटिव देने और टैक्स में छूट जारी रखने जैसी बातें शामिल हैं. ड्राफ्ट नोटिफिकेशन के मुताबिक सरकार अब बाजार आधारित मॉडल की तरफ बढ़ना चाहती है, लेकिन जरूरत वाले सेक्टर में आर्थिक मदद भी जारी रखेगी.

ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट ने इस ड्राफ्ट पर 30 दिनों के भीतर लोगों और स्टेकहोल्डर्स से सुझाव मांगे हैं. इससे साफ है कि सरकार इस नीति को लागू करने से पहले सभी पक्षों की राय लेना चाहती है. इस पॉलिसी का मुख्य उद्देश्य प्रदूषण कम करना और शहर की हवा को बेहतर बनाना है.

नई नीति में क्या है?

नई नीति में सब्सिडी को हर साल कम करने का प्लान बनाया गया है, जिससे यह संकेत मिलता है कि अब इलेक्ट्रिक वाहनों की लागत को लेकर सरकार ज्यादा भरोसे में है. इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर (दोपहिया) जिनकी कीमत ₹2.25 लाख तक है, उन्हें पहले साल ₹10,000 प्रति kWh (अधिकतम ₹30,000) की सब्सिडी मिलेगी. दूसरे साल यह घटकर ₹6,600 प्रति kWh (अधिकतम ₹20,000) और तीसरे साल ₹3,300 प्रति kWh (अधिकतम ₹10,000) रह जाएगी.

कमर्शियल वाहनों के लिए भी इसी तरह का प्लान है. इलेक्ट्रिक ऑटो-रिक्शा को पहले साल ₹50,000, दूसरे साल ₹40,000 और तीसरे साल ₹30,000 की सब्सिडी दी जाएगी. वहीं, इलेक्ट्रिक गुड्स व्हीकल (N1 कैटेगरी) को पहले साल ₹1 लाख, दूसरे साल ₹75,000 और तीसरे साल ₹50,000 की सहायता मिलेगी. खास बात यह है कि माल ढुलाई वाले वाहनों पर ज्यादा फोकस किया गया है, क्योंकि ये ज्यादा चलते हैं और इनसे प्रदूषण भी ज्यादा होता है.

पुराने पेट्रोल और डीजल वाहनों को हटाने के लिए क्या?

इस पॉलिसी में पुराने पेट्रोल-डीजल वाहनों को हटाने के लिए स्क्रैपिंग इंसेंटिव भी जोड़ा गया है. अगर कोई व्यक्ति पुराना वाहन स्क्रैप कर नया इलेक्ट्रिक वाहन खरीदता है, तो उसे अतिरिक्त फायदा मिलेगा. दोपहिया के लिए ₹10,000, थ्री-व्हीलर के लिए ₹25,000, गुड्स व्हीकल के लिए ₹50,000 और ₹30 लाख तक की कार के लिए ₹1 लाख तक का इंसेंटिव मिलेगा.

रोड टैक्स में किन लोगों को मिलेगी छूट?

सरकार ने रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन फीस में 100% छूट को 31 मार्च 2030 तक जारी रखने का फैसला किया है. हालांकि, यह छूट सिर्फ ₹30 लाख तक की कारों के लिए होगी. इससे महंगी इलेक्ट्रिक कारों को बाहर रखा गया है और साफ है कि सरकार का फोकस आम लोगों तक EV को पहुंचाने पर है.

किस व्हीकल पर कितना मिलेगा इंसेटिव?

  • इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर के लिए स्क्रैपिंग इंसेंटिव ₹10,000 रखा गया है, जो पुराने BS-IV या उससे नीचे के वाहन को हटाने पर मिलेगा. वहीं, रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन फीस पूरी तरह माफ रहेगी.
  • इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर (ऑटो-रिक्शा) के लिए स्क्रैपिंग इंसेंटिव ₹25,000 है, जो पुराने CNG या BS-IV ऑटो को बदलने पर मिलेगा. इन पर भी रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन फीस पूरी तरह माफ रहेगी.
  • इलेक्ट्रिक गुड्स व्हीकल (N1) के लिए ₹50,000 का स्क्रैपिंग इंसेंटिव मिलेगा, अगर पुराना BS-IV वाहन हटाया जाता है. इस कैटेगरी में भी रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन फीस नहीं देनी होगी.
  • इलेक्ट्रिक कारों के मामले में सीधे खरीद पर कोई सब्सिडी नहीं दी जाएगी, लेकिन स्क्रैपिंग इंसेंटिव के तौर पर ₹1 लाख तक का फायदा मिलेगा. यह लाभ ₹30 लाख तक की कारों और पहले 1 लाख आवेदकों तक सीमित रहेगा.
  • ₹30 लाख तक की कारों पर रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन फीस पूरी तरह माफ होगी, जबकि स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड वाहनों पर 50% छूट मिलेगी. ₹30 लाख से ऊपर की कारों पर कोई छूट नहीं होगी.

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