21% ग्रीन मिशन से लेकर महिलाओं को 2500 रुपये का वादा, Delhi Budget में किसके लिए क्या?
दिल्ली बजट 2026 में महिलाओं को ₹2500, गिग वर्कर्स बोर्ड, शिक्षा-स्वास्थ्य पर बड़ा खर्च और ग्रीन दिल्ली का विजन. आइए इस स्टोरी में जानते हैं दिल्ली बजट में किसके लिए क्या है?
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 2026-27 का बजट पेश करते हुए राजधानी के विकास, पर्यावरण सुधार और सामाजिक सुरक्षा को केंद्र में रखा है. एक लाख करोड़ से अधिक के इस बजट में सरकार ने साफ संकेत दिया है कि उसकी प्राथमिकता 'विकसित और हरित दिल्ली' बनाने की है. बजट का 21% हिस्सा स्वास्थ्य क्षेत्र को दिया गया है, जबकि शिक्षा के लिए 18.64% यानी 19,148 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है.
इस बजट की खास बात यह है कि इसमें सिर्फ इंफ्रास्ट्रक्चर ही नहीं, बल्कि आम आदमी की रोजमर्रा की जरूरतों और नई अर्थव्यवस्था से जुड़े गिग वर्कर्स पर भी खास ध्यान दिया गया है. महिलाओं के लिए हर महीने ₹2500 की आर्थिक सहायता, छात्राओं को मुफ्त साइकिल और गिग वर्कर्स के लिए वेलफेयर बोर्ड जैसे फैसले इस बजट को राजनीतिक और सामाजिक रूप से अहम बनाते हैं. इसके साथ ही प्रदूषण नियंत्रण, सौर ऊर्जा, जल आपूर्ति और सड़क विकास जैसे सेक्टर में बड़े निवेश का ऐलान किया गया है, जो आने वाले समय में दिल्ली की तस्वीर बदलने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है.
दिल्ली बजट 2026 में किसके लिए क्या?
महिलाओं के लिए क्या मिला?
महिलाओं को हर महीने ₹2500 की आर्थिक सहायता देने की योजना के लिए बजट आवंटित किया गया है. इसके अलावा होली और दिवाली पर मुफ्त गैस सिलेंडर देने और महिलाओं को ‘लखपति दीदी’ बनाने के लिए भी विशेष प्रावधान किए गए हैं.
छात्राओं और शिक्षा के लिए क्या प्रावधान?
कक्षा 9 की छात्राओं को मुफ्त साइकिल देने के लिए 90 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है. शिक्षा के लिए 19,148 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है, जिसमें नए स्कूल, स्मार्ट क्लास, स्पोर्ट्स हॉस्टल और तकनीकी शिक्षा के लिए 700 करोड़ शामिल हैं.
गिग वर्कर्स को क्या राहत मिली?
दिल्ली में गिग वर्कर्स के लिए रेस्टिंग स्पेस बनाए जाएंगे, जहां वे आराम, खाना और मोबाइल चार्ज कर सकेंगे. साथ ही एक ‘Gig Welfare Board’ का गठन किया जाएगा, जो उनकी समस्याओं का समाधान करेगा.
ऑटो-टैक्सी ड्राइवरों के लिए क्या योजना?
सरकार ने ‘Auto-Taxi Driver Welfare Board’ बनाने का ऐलान किया है, जो ड्राइवरों की सुरक्षा, सुविधाओं और अधिकारों पर काम करेगा.
इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए क्या बड़ा ऐलान?
सड़क विकास के लिए 1,392 करोड़ रुपये और 700 किमी से ज्यादा सड़क निर्माण का लक्ष्य रखा गया है. बारापुला कॉरिडोर, लोनी रोड अंडरपास और कई फ्लाईओवर प्रोजेक्ट्स को तेजी से पूरा किया जाएगा.
पर्यावरण और बिजली सेक्टर में क्या प्लान?
दिल्ली को ग्रीन बनाने के लिए सौर ऊर्जा को बढ़ावा दिया जाएगा, नालों पर सोलर पैनल लगाए जाएंगे और स्मॉग गन के जरिए प्रदूषण कम करने की योजना है. बिजली सेक्टर के लिए 3,942 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है.
जल और सीवर सिस्टम के लिए क्या किया गया?
दिल्ली जल बोर्ड को 9,000 करोड़ रुपये दिए गए हैं. जल आपूर्ति बढ़ाने, नई पाइपलाइन बिछाने और सीवर सिस्टम सुधारने के लिए बड़े प्रोजेक्ट्स शुरू किए जाएंगे.
स्वास्थ्य सेक्टर में क्या बड़ा कदम?
370 मौजूदा आरोग्य मंदिरों के अलावा 770 नए केंद्र खोले जाएंगे. 9 क्रिटिकल केयर ब्लॉक, GTB अस्पताल में ट्रॉमा सेंटर और डिजिटल ब्लड बैंक जैसी योजनाएं शामिल हैं.
एमसीडी और शहरी विकास के लिए क्या बजट?
एमसीडी को पहली बार 11,600 करोड़ रुपये का बड़ा आवंटन किया गया है. अनधिकृत कॉलोनियों के विकास के लिए 800 करोड़ और शहरी विकास के लिए 7,000 करोड़ से अधिक दिए गए हैं.
युवाओं और रोजगार के लिए क्या योजना?
सरकार युवाओं को जॉब सीकर नहीं बल्कि जॉब क्रिएटर बनाने के लिए स्टार्टअप पॉलिसी और इनोवेशन इकोसिस्टम पर काम करेगी.
क्या यह बजट राजनीतिक तौर पर भी अहम है?
यह बजट आगामी चुनावों को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया माना जा रहा है. महिलाओं, युवाओं और गिग वर्कर्स को सीधे लाभ देने वाली योजनाएं सरकार को जमीनी स्तर पर मजबूत करने की रणनीति का हिस्सा हो सकती हैं.