Patna से Delhi चले Nitish Kumar, इस दिन लेंगे Rajya Sabha सदस्य के रूप में शपथ; कब Bihar को मिलेगा नया CM?

Nitish Kumar अब पटना से दिल्ली निकल पड़े हैं. वे अब राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ लेंगे. माना जा रहा है कि 14 अप्रैल के बाद बिहार को नया मुख्यमंत्री मिल सकता है.

नीतीश कुमार के दिल्ली जाने से हिली बिहार की राजनीति

Edited By :  अच्‍युत कुमार द्विवेदी
Updated On : 2 April 2026 4:52 PM IST

Bihar Politics: बिहार की राजनीति में बड़ा बदलाव आने वाले कुछ दिनों में देखने को मिल सकता है. नीतीश कुमार (Nitish Kumar) 10 अप्रैल को राज्यसभा (Rajya Sabha) सदस्य के रूप में शपथ लेंगे, जिसके बाद राज्य को नया मुख्यमंत्री मिलने की संभावना तेज हो गई है. कयास लगाए जा रहे हैं कि बिहार में नई सरकार का गठन 14 अप्रैल के बाद हो सकता है.

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, Janata Dal United के प्रमुख नीतीश कुमार 9 अप्रैल को दिल्ली के लिए रवाना होंगे. 10 अप्रैल को वे राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ लेंगे. उसी दिन अन्य नए सांसद भी शपथ ग्रहण करेंगे. राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह कदम बिहार की राजनीति में बड़े बदलाव का संकेत है. शपथ के बाद राज्य में नई सरकार का गठन लगभग तय माना जा रहा है.

 

क्या नीतीश कुमार को इस्तीफे के बाद भी मिलेगी Z+ सुरक्षा?

इस बीच बिहार गृह विभाग ने बड़ा फैसला लेते हुए आदेश जारी किया है कि मुख्यमंत्री पद छोड़ने के बाद भी नीतीश कुमार को Z+ सुरक्षा मिलती रहेगी. बिहार गृह विभाग की विशेष शाखा ने यह आदेश जारी किया है. इस आदेश के तहत Bihar Police और DGP को निर्देश दिया गया है कि नीतीश कुमार को सर्वोच्च स्तर की सुरक्षा प्रदान की जाए.

 

क्या होती है Z+ सुरक्षा?

Z+ सुरक्षा देश की सबसे उच्च स्तर की सुरक्षा मानी जाती है. यह सुरक्षा आमतौर पर प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति और बड़े राजनीतिक नेताओं को दी जाती है. इसमें शामिल होते हैं;

  • करीब 55 सुरक्षा कर्मी
  • पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर (PSO)
  • एस्कॉर्ट वाहन
  • 24 घंटे निगरानी

नीतीश कुमार कब राज्यसभा के लिए चुने गए?

नीतीश कुमार 16 मार्च को राज्यसभा के लिए चुने गए थे. इसके बाद उन्होंने 30 मार्च को विधान परिषद (Bihar Legislative Council) की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया. उनके इस्तीफे के बाद से ही बिहार के नए मुख्यमंत्री को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं. संवैधानिक प्रावधानों के अनुसार, कोई भी व्यक्ति विधानसभा या विधान परिषद का सदस्य न होने पर भी 6 महीने तक मुख्यमंत्री पद पर रह सकता है. यही वजह है कि राजनीतिक गलियारों में नई सरकार को लेकर चर्चाएं और तेज हो गई हैं. अब सबकी नजर 10 अप्रैल और उसके बाद होने वाले राजनीतिक घटनाक्रम पर टिकी है.

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