गरीब परिवार, यूट्यूब से पढ़कर 10वीं किया टॉप, Bihar Topper शबरीन परवीन ने बताई अपनी सफलता की कहानी
हाजीपुर की शबरीन परवीन ने बिहार बोर्ड 10वीं परीक्षा में 492 अंक हासिल कर राज्य में टॉप किया. गरीब परिवार से आने वाली शबरीन ने यूट्यूब और मेहनत के दम पर यह सफलता हासिल की.
शबरीन परवीन की शानदार सफलता एक गरीब परिवार की बेटी ने बिहार बोर्ड में पूरे राज्य में टॉप किया. हाजीपुर बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) द्वारा घोषित कक्षा 10वीं के परिणामों में हाजीपुर की शबरीन परवीन ने पूरे बिहार में एक नया कीर्तिमान स्थापित कर दिया है. शबरीन ने कुल 500 अंकों में से 492 अंक हासिल करके राज्य में प्रथम स्थान प्राप्त किया है.
उनके इस बेहतरीन प्रदर्शन से न सिर्फ उनका परिवार बल्कि पूरा हाजीपुर और वैशाली जिला गर्व से सर उठा रहा है. शबरीन एक बहुत ही साधारण और सामान्य परिवार से ताल्लुक रखती हैं. उनके पिता हाजीपुर में एक छोटी सी टायर मरम्मत की दुकान चलाते हैं, जिससे परिवार का गुजारा होता है. फिर भी सीमित संसाधनों के बीच शबरीन ने अपनी लगन, मेहनत और स्मार्ट पढ़ाई के बल पर यह मुकाम हासिल किया है.
मेहनत और यूट्यूब की मदद से मिली सफलता
शबरीन ने अपनी सफलता का राज़ बताते हुए कहा, 'मैंने 492 अंक हासिल किए हैं. मेरी पढ़ाई मुख्य रूप से स्कूल और यूट्यूब के जरिए हुई. कठिन विषयों को समझने में ऑनलाइन वीडियोज ने मुझे बहुत मदद की.' उन्होंने अपने बड़े भाई को भी खूब क्रेडिट दिया. शबरीन बताती हैं कि पढ़ाई के दौरान उनके भाई ने लगातार उनका मार्गदर्शन किया, सवालों को समझाया और उन्हें सही दिशा दिखाई. घर के कामों में मदद करने के साथ-साथ शबरीन रोजाना घंटों तक पढ़ाई में लगी रहती थीं.
शबरीन का सपना: डॉक्टर बनना
अपने भविष्य के बारे में बात करते हुए शबरीन ने बताया कि उनका सपना डॉक्टर बनने का है. वह कहती हैं, 'मैं डॉक्टर बनना चाहती हूं. मैं अभी से NEET की तैयारी शुरू कर दूंगी. मैं समाज की सेवा करना चाहती हूं और अपने परिवार की आर्थिक हालत को बेहतर बनाना चाहती हूं.' 98.4 प्रतिशत अंक हासिल करने वाली शबरीन अब कक्षा 11वीं और 12वीं में साइंस स्ट्रीम चुनकर मेडिकल की तैयारी पर पूरा ध्यान देना चाहती हैं.
सम्मानित होंगे टॉपर्स
बिहार बोर्ड 10वीं परीक्षा में अच्छा प्रदर्शन करने वाले टॉपर छात्रों को हर साल मेधा दिवस के मौके पर सम्मानित किया जाता है. मेधा दिवस हर साल 3 दिसंबर को मनाया जाता है. राज्य सरकार की ओर से टॉप करने वाले छात्रों को नकद पुरस्कार भी दिए जाएंगे. इस बार के नियम के अनुसार: पहला स्थान पाने वाले छात्र को 2 लाख रुपये दूसरा स्थान पाने वाले छात्र को 1.5 लाख रुपये तीसरा स्थान पाने वाले छात्र को 1 लाख रुपये की पुरस्कार राशि दी जाएगी. यह पुरस्कार मेधा दिवस के अवसर पर प्रदान किए जाएंगे.
प्रेरणा का सबक शबरीन की यह सफलता
कई गरीब और साधारण परिवारों के बच्चों के लिए एक बड़ी प्रेरणा है. यह दिखाती है कि महंगे कोचिंग संस्थानों या शहरों की बेहतर सुविधाओं के बिना भी, अगर सही मेहनत, लगन और डिजिटल संसाधनों (जैसे यूट्यूब) का सही उपयोग किया जाए, तो कोई भी बच्चा टॉप कर सकता है. शिक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि शबरीन जैसी छात्राओं की सफलता छोटे शहरों और गांवों के बच्चों को यह विश्वास दिलाती है कि सपने पूरे करने के लिए सिर्फ मेहनत और स्मार्ट तरीके की जरूरत होती है.