'बेरोजगारी पेंशन छोड़िए अब S@# पेंशन चालू करिए', किस बात पर भड़क गए Pappu Yadav?

बिहार के पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने नेताओं पर लग रहे यौन शोषण के आरोपों को लेकर तीखा बयान दिया है. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि सरकार को अब बेरोजगारी पेंशन बंद कर ‘सेक्स पेंशन’ शुरू कर देनी चाहिए और ऐसे मामलों में नेताओं को एक महीने के भीतर फांसी की सजा दी जानी चाहिए.

( Image Source:  ANI )
By :  सागर द्विवेदी
Updated On : 29 March 2026 10:17 PM IST

बिहार के पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव एक बार फिर अपने बयान को लेकर चर्चा में हैं. नेताओं और अफसरों पर लगातार लग रहे यौन शोषण के आरोपों के बीच उन्होंने ऐसा बयान दिया है, जिसने सियासी माहौल गर्म कर दिया है.

उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि देश में बेटियां सुरक्षित नहीं हैं और जो उनकी रक्षा करने वाले हैं, वही अब भक्षक बनते जा रहे हैं. उनके इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं.

किस बात भड़क गए Pappu Yadav?

पप्पू यादव ने व्यवस्था पर कटाक्ष करते हुए कहा कि सरकार को अब छात्रवृत्ति और पेंशन जैसी योजनाएं बंद कर देनी चाहिए और उनकी जगह ‘Sex Pension’ और ‘Sex भत्ता’ जैसी व्यवस्था शुरू करनी चाहिए. उन्होंने कहा कि 'जब 90 प्रतिशत नेता और अधिकारी ही शोषण में शामिल हैं, तो ऐसी व्यवस्था लागू करनी पड़ेगी.' उनका यह बयान सीधे तौर पर सिस्टम पर सवाल खड़ा करता है और महिला सुरक्षा की स्थिति को लेकर गंभीर चिंता भी जताता है.

क्या नेताओं और अफसरों पर लगाए गंभीर आरोप?

पूर्णिया सांसद ने आरोप लगाया कि पिछले 12 वर्षों में देश की बच्चियों के साथ सबसे ज्यादा शोषण नेताओं और रसूखदार लोगों द्वारा किया गया है. उन्होंने कहा कि बेटियों को अब नशे से ज्यादा इन भ्रष्ट नेताओं और अधिकारियों से खतरा है. यह बयान देश में महिला सुरक्षा की स्थिति पर बड़ा सवाल खड़ा करता है.

क्या राजनीति में ‘बिस्तर’ से होकर गुजरने की बात सही है?

पप्पू यादव ने कहा कि अब यह चर्चा आम हो गई है कि महिलाओं को राजनीति में आगे बढ़ने के लिए ‘बिस्तर’ से होकर गुजरना पड़ता है. उन्होंने इसे देश के लिए शर्मनाक बताते हुए कहा कि यह हमारी मां-बहनों का अपमान है. साथ ही उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री में कास्टिंग काउच का भी जिक्र किया.

क्या मांगी स्पीडी ट्रायल और फांसी की सजा?

पप्पू यादव ने महिला शोषण के मामलों में सख्त कानून की मांग करते हुए कहा कि अगर किसी नेता या प्रभावशाली व्यक्ति का नाम सामने आता है, तो एक महीने के अंदर स्पीडी ट्रायल पूरा कर उसे फांसी की सजा दी जानी चाहिए. उन्होंने कहा कि अब सिर्फ कार्रवाई का दिखावा नहीं, बल्कि ठोस कदम उठाने की जरूरत है.

पप्पू यादव का यह बयान राजनीतिक रूप से विवाद खड़ा कर सकता है, वहीं सामाजिक स्तर पर महिला सुरक्षा को लेकर बहस तेज होने की संभावना है. जहां कुछ लोग इसे सिस्टम पर तीखा हमला मान रहे हैं, वहीं कई लोग इसे गैर-जिम्मेदाराना बयान बता रहे हैं.

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