Bihar Election Result 2025: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 अब उस दिलचस्प मोड़ पर पहुंच चुका है, जहां विकास और जातीय समीकरणों के बीच एक पुरानी परंपरा फिर से जीवंत हो उठी है - ‘बाहुबलियों की सियासत’. कभी खौफ और करिश्मे के मेल से सियासत पर राज करने वाले ये नाम अब जनता की अदालत में हैं. मोकामा से अनंत सिंह, दानापुर से रीतलाल यादव, वारसलीगंज से अशोक महतो की पत्‍नी अनीता देवी और अखिलेश सिंह की पत्‍नी अरुणा देवी, नबीनगर से आनंद मोहन के बेटे चेतन आनंद, बेलागंज से सुरेंद्र यादव के बेटे विश्वनाथ यादव और रघुनाथपुर से ओसामा सहाब - सबकी साख इस चुनाव में दांव पर लगी है. बिहार की जनता यह तय करेगी कि क्या अब भी ‘गन की राजनीति’ का असर है, या ‘जन की राजनीति’ ने वाकई जगह बना ली है.

मोकामा: अनंत सिंह बनाम सूरजभान की पत्नी वीणा देवी

मोकामा की सीट हमेशा से बाहुबलियों की गढ़ मानी जाती है. इस बार मुकाबला है ‘छोटे सरकार’ कहे जाने वाले अनंत सिंह और सूरजभान सिंह की पत्नी वीणा देवी के बीच थी. अब नतीजे आ चुके हैं. अनंत सिंह 28206 वोटों से जीत दर्ज कर चुके हैं.

दानापुर: रीतलाल यादव की साख पर सवाल

दानापुर में राजद के बाहुबली विधायक रीतलाल यादव एक बार फिर अपनी पकड़ बनाए रखने के लिए मैदान में हैं. रीतलाल का असर यहां सामाजिक समीकरणों और संगठन दोनों पर रहा है, लेकिन भाजपा इस बार उनके खिलाफ मजबूत तैयारी के साथ उतरी है. वह बीजेपी के राम कृपाल यादव से 29 हजार से ज्यादा वोटों से पीछे चल रहे हैं. माना जा रहा है कि इस चुनाव में उनकी हार होने वाली है. 

वारसलीगंज: बाहुबली परिवारों की पत्नियां आमने-सामने

वारसलीगंज का मुकाबला दिलचस्प है - यहां अशोक महतो की पत्‍नी अनीता देवी और अखिलेश सिंह की पत्‍नी अरुणा देवी आमने-सामने हैं. दोनों के बीच टक्कर देखने को मिल रही है.  31 में से 18 राउंड की गिनती पूरी हो चुकी है और अरुणा देवी 1087 वोटों से आगे चल रही हैं. दोनों ही परिवार कभी अपराध और राजनीति की धुरी रहे हैं, और अब महिलाएं उनके सियासी वारिस के तौर पर मैदान में हैं. यह लड़ाई केवल चुनावी नहीं, बल्कि छवि और विरासत की भी है.

नबीनगर: आनंद मोहन के बेटे चेतन आनंद की परीक्षा

नबीनगर से जेडीयू उम्मीदवार चेतन आनंद जो कि बहुबली आनंद मोहन के बेटे हैं, वो आरजेडी उम्मीदवार अमोद कुमार सिंह से करीब 500 वोटों से पीछे चल रहे हैं.

बेलागंज: सुरेंद्र यादव के बेटे विश्वनाथ की साख का इम्तिहान

बेलागंज सीट पर इस बार आरजेडी के कद्दावर नेता सुरेंद्र यादव के बेटे विश्वनाथ कुमार सिंह मैदान में हैं. यह चुनाव उनके लिए सिर्फ जीत-हार नहीं, बल्कि पिता की सियासी विरासत को आगे बढ़ाने की परीक्षा भी है. राजद के दबंग नेता सुरेंद्र यादव के बेटे विश्वनाथ कुमार सिंह करीब 3000 वोटों से पीछे चल रहे हैं.

रघुनाथपुर: ओसामा सहाब की पहली सियासी पारी

कभी सीवान में आतंक का पर्याय माने जाने वाले बाहुबली मोहम्‍मद शहाबुद्दीन के बेटे ओसामा सहाब रघुनाथपुर सीट पर पहली बार चुनावी मैदान में उतरे हैं. वह करीब 16000 वोटों से आगे चल रहे हैं.