जुबीन गर्ग मौत केस मामले पर असम कांग्रेस की नई पहल, बनाई 6 सदस्यीय कानूनी टीम; जनता को मिलेगी हर अपडेट

दिवंगत जुबीन गर्ग की संदिग्ध मौत के मामले में कांग्रेस ने बड़ा कदम उठाते हुए 6 सदस्यीय कानूनी टीम का गठन किया है. पार्टी का कहना है कि यह टीम न केवल पूरे मामले की जांच और अदालती कार्यवाही पर पैनी नजर रखेगी, बल्कि समय-समय पर जनता को भी प्रगति की जानकारी देगी.;

( Image Source:  X/ @AkanshaShreyan @ankitjainsogani )
Edited By :  विशाल पुंडीर
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दिवंगत जुबीन गर्ग की संदिग्ध मौत के मामले में कांग्रेस ने बड़ा कदम उठाते हुए 6 सदस्यीय कानूनी टीम का गठन किया है. पार्टी का कहना है कि यह टीम न केवल पूरे मामले की जांच और अदालती कार्यवाही पर पैनी नजर रखेगी, बल्कि समय-समय पर जनता को भी प्रगति की जानकारी देगी.

कांग्रेस का यह फैसला ऐसे समय आया है, जब असम सरकार ने इस केस में पहले ही विशेष लोक अभियोजकों की टीम को मंजूरी दे दी है. जुबीन गर्ग की 19 सितंबर को सिंगापुर में मौत हुई थी, जिसके बाद से इस मामले ने राजनीतिक और सामाजिक रूप से काफी तूल पकड़ लिया है.

पहले ही हो गया था कानूनी पैनल के गठन

हालांकि कांग्रेस ने इस कानूनी पैनल के गठन का आदेश गुरुवार को ही जारी कर दिया था, लेकिन इसे शनिवार को सार्वजनिक किया गया. यह घोषणा असम मंत्रिमंडल द्वारा इस केस में पांच सदस्यीय विशेष लोक अभियोजक (SPP) टीम को मंजूरी देने के एक दिन बाद सामने आई.

असम पीसीसी अध्यक्ष के निर्देश पर गठित समिति

असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी (APCC) के महासचिव बिपुल गोगोई द्वारा जारी आदेश के अनुसार, राज्य कांग्रेस अध्यक्ष भूपेन कुमार बोराह ने दिवंगत जुबीन गर्ग की मौत के मामले में जांच और न्यायिक प्रक्रिया की प्रगति पर नजर रखने के लिए वरिष्ठ अधिवक्ताओं की यह समिति गठित की है. कांग्रेस द्वारा गठित इस पैनल में वरिष्ठ अधिवक्ता हाफिज राशिद अहमद चौधरी और राम प्रसाद सरमा के अलावा दिलीप चौधरी, हामिदुर रहमान, हेमंत कलिता और रूबी गोगोई शामिल हैं. यह टीम पूरे मामले की निगरानी करेगी और न्याय सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाएगी.

भाजपा सरकार की टीम के जवाब में कांग्रेस का कदम

कांग्रेस की यह घोषणा भाजपा-नेतृत्व वाली राज्य सरकार द्वारा वरिष्ठ अधिवक्ता जियाउल कमर की अध्यक्षता में विशेष अभियोजन टीम के गठन के महज 24 घंटे के भीतर आई है. सरकारी टीम में ब्रोजेंद्र मोहन चौधरी, किशोर दत्ता, प्रांजल दत्ता और बिकाश जमर को शामिल किया गया है. गौरतलब है कि जुबीन गर्ग की पत्नी गरिमा ने 3 जनवरी को असम सरकार को पत्र लिखकर इस मामले में न्याय सुनिश्चित करने के लिए एक मजबूत और प्रभावी कानूनी टीम के गठन की मांग की थी। इसके बाद राजनीतिक हलकों में इस केस को लेकर हलचल और तेज हो गई थी.

कांग्रेस पैनल की भूमिका क्या होगी?

कांग्रेस द्वारा नियुक्त वरिष्ठ अधिवक्ता हाफिज राशिद अहमद चौधरी और राम प्रसाद सरमा ने द टेलीग्राफ से बातचीत में बताया कि वे जांच और मुकदमे की हर प्रक्रिया पर नजर रखेंगे और नियमित रूप से सार्वजनिक जानकारी देंगे. राम प्रसाद सरमा ने कहा "हमारी भूमिका में जांच की प्रगति की समीक्षा करना, कमियों की पहचान करना, गवाहों की पूछताछ और जिरह की समीक्षा करना और अभियोजन पक्ष द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों का मूल्यांकन करना शामिल है."

सिंगापुर में हुई थी जुबीन की मौत

जुबीन गर्ग की मौत सिंगापुर में हुई थी. इसके बाद न्याय की मांग तेज हुई, खासकर तब जब एक प्रमुख आरोपी ने दावा किया कि जुबीन को जहर दिया गया था. बढ़ते दबाव के बीच असम पुलिस ने इस मामले में विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया और अब तक 7 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है.

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