कुछ क्रिकेट सफर ऐसे होते हैं, जिनमें आंकड़ों से ज्यादा मायने उन अधूरी कहानियों का होता है, जो खिलाड़ी के साथ लंबे समय तक चलती रहती हैं. विराट कोहली और रोहित शर्मा की कहानी भी कुछ ऐसी ही है. दोनों ने भारतीय क्रिकेट को लंबे समय तक अपनी बल्लेबाजी और नेतृत्व से आगे बढ़ाया है, कई बड़े मुकाबले जीते हैं और कई मुश्किल दौर भी देखे हैं... लेकिन वनडे वर्ल्ड कप की बात आते ही 2019 और 2023 की यादें आज भी इस कहानी का अहम हिस्सा हैं.

अब निगाहें 2027 के वनडे वर्ल्ड कप पर है. कोहली और रोहित दोनों की इच्छा इस टूर्नामेंट तक वनडे क्रिकेट में बने रहने की रही है. टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद दोनों की अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में मौजूदगी वनडे तक सीमित हो गई है. ऐसे में 2027 का वर्ल्ड कप उनके करियर के इस आखिरी चरण को एक खास मकसद देता है.

हालांकि, सिर्फ अनुभव और पुराने रिकॉर्ड के आधार पर दोनों की जगह पक्की नहीं मानी जा सकती. टीम में बने रहने के लिए उन्हें प्रदर्शन, फिटनेस और टीम की जरूरतों के मुताबिक खुद को साबित करना होगा. यही वजह है कि दोनों के भविष्य और 2027 वर्ल्ड कप में उनकी भूमिका को लेकर लगातार चर्चा होती रही है.

 

वर्ल्ड कप करीब आया तो बातचीत भी बदल गई

विराट कोहली ने जियोहॉटस्टार से बातचीत में बताया कि रोहित शर्मा के साथ उनकी बातचीत कोई नई चीज नहीं है. कप्तानी के अलग-अलग दौर में दोनों एक-दूसरे से विचार साझा करते रहे हैं. कोहली के मुताबिक जब वह भारतीय टीम के कप्तान थे, तब वह रोहित और एमएस धोनी जैसे वरिष्ठ खिलाड़ियों के साथ कई मुद्दों पर विचार-विमर्श करते थे. बाद में जब रोहित कप्तान बने तो दोनों के बीच यह संवाद आगे भी जारी रहा. इन बातचीत का मकसद किसी एक खिलाड़ी को लेकर फैसला करना नहीं, बल्कि टीम के लिए क्या बेहतर है, यह समझना रहा है.

लेकिन अब वर्ल्ड कप जैसे-जैसे करीब आ रहा है, बातचीत की प्रकृति भी बदल रही है. कोहली के मुताबिक अब चर्चा ज्यादा विस्तृत और छोटी-छोटी चीजों पर केंद्रित होती जा रही है. किसी मैच में क्या सही हुआ, कहां गलती हुई, उसे अगली ही पारी या अगले मुकाबले में कैसे सुधारा जाए- इन तमाम पहलुओं पर दोनों के बीच ज्यादा गहराई से बातचीत हो रही है.

2019 की हार से 2023 के फाइनल तक

रोहित शर्मा और विराट कोहली ने मिलकर 16 ICC टूर्नामेंट खेले हैं. इस दौरान उन्होंने जीत की खुशी भी देखी और बड़े टूर्नामेंटों की निराशा भी झेली. 2019 वनडे वर्ल्ड कप में भारत सेमीफाइनल तक पहुंचा था, लेकिन मैनचेस्टर में बारिश से प्रभावित मुकाबले में न्यूजीलैंड ने भारत को हराकर ट्रॉफी जीतने का सपना तोड़ दिया. 

 

चार साल बाद 2023 में कहानी फाइनल तक पहुंची. इस बार टूर्नामेंट भारत में था. अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ फाइनल खेला गया. भारतीय टीम उस मुकाबले में हार गई. दोनों टूर्नामेंटों में कोहली का प्रदर्शन शानदार रहा, लेकिन टीम वर्ल्ड कप ट्रॉफी नहीं जीत पाई.

कोहली ने अधूरे सफर पर क्या कहा?

विराट कोहली से जब इस अधूरे सफर के बारे में पूछा गया तो उनका जवाब साफ था. उनके मुताबिक जब तक कोई खिलाड़ी खेल रहा है, उसके सामने आगे बढ़ने और कुछ हासिल करने का मौका हमेशा रहता है. यानी कोहली के लिए 2019 या 2023 में मिली हार को अंतिम अध्याय मानने का सवाल ही नहीं है. वह आगे देखना चाहते हैं और 2027 वर्ल्ड कप उनके लिए उसी आगे की यात्रा का हिस्सा है.

यह सोच उनके मौजूदा ODI करियर को भी दिखाता है. उम्र और करियर के इस पड़ाव पर अब हर सीरीज भविष्य की तैयारी का हिस्सा बनती जा रही है. टीम में भूमिका क्या होगी, किस नंबर पर बल्लेबाजी करनी है, किन परिस्थितियों में खेलना है और बड़े टूर्नामेंट के लिए किस तरह तैयार होना है- इन सवालों पर पहले से ज्यादा ध्यान देना होगा.

वर्ल्ड कप की चुनौती अलग क्यों है?

कोहली ने यह भी बताया कि किसी सामान्य द्विपक्षीय सीरीज और ICC टूर्नामेंट के बीच बड़ा अंतर होता है. वर्ल्ड कप में अलग-अलग देशों के खिलाफ खेलना होता है, अलग परिस्थितियों और अलग मैदानों का सामना करना पड़ता है. इसलिए सिर्फ एक मजबूत गेम प्लान काफी नहीं होता. विरोधी टीम, पिच, मैदान, परिस्थितियां और मैच की स्थिति के हिसाब से तैयारी बदलनी पड़ती है. यही वह हिस्सा है जहां रोहित और कोहली जैसे अनुभवी खिलाड़ियों की भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है. दोनों ने वर्षों तक अलग-अलग परिस्थितियों में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेला है और बड़े टूर्नामेंटों का दबाव झेला है. लेकिन अनुभव के साथ मौजूदा प्रदर्शन भी उतना ही जरूरी रहेगा.

आखिरी मौका या नई शुरुआत?

2027 वर्ल्ड कप को रोहित शर्मा और विराट कोहली के वनडे करियर का आखिरी बड़ा लक्ष्य माना जा रहा है, लेकिन दोनों ने इसे किसी तय विदाई की तरह पेश नहीं किया है. फिलहाल उनका ध्यान खेलने, योगदान देने और टीम को बेहतर बनाने पर है. उनकी कहानी में 2019 की सेमीफाइनल हार है, 2023 का फाइनल है, लंबे ICC ट्रॉफी सूखे का दौर है और फिर 2024 में भारत की टी20 वर्ल्ड कप जीत भी है. अब वनडे क्रिकेट में उनके सामने एक और अध्याय खुल रहा है. शायद इसी वजह से कोहली की वह बात सबसे ज्यादा मायने रखती है कि जब तक आप खेल रहे हैं, आगे देखने के लिए हमेशा कुछ न कुछ होता है.

2027 का वर्ल्ड कप अभी दूर है, लेकिन रोहित और कोहली के लिए उसकी तैयारी शुरू हो चुकी है. मैदान पर उनका प्रदर्शन आने वाले समय में तय करेगा कि यह सफर किस मोड़ तक पहुंचता है. फिलहाल दोनों की नजर एक ऐसे टूर्नामेंट पर है, जहां वे अपने लंबे करियर की एक अधूरी कहानी को नया अंत देना चाहते हैं.