हार का दर्द, रिकॉर्ड्स की बारिश; न्यूजीलैंड के खिलाफ Virat Kohli ने खेली एक और एतिहासिक पारी! क्या टूट जाएगा तेंदुलकर का रिकॉर्ड?
Virat Kohli Centuries: इंदौर में खेले गए तीसरे और निर्णायक वनडे में विराट कोहली ने एक बार फिर अपनी महानता साबित की. भले ही भारत यह मुकाबला 41 रन से हार गया और न्यूज़ीलैंड ने सीरीज़ 2-1 से जीत ली, लेकिन कोहली की 108 गेंदों पर 124 रन की पारी मैच की सबसे बड़ी कहानी रही. यह उनका 54वां वनडे शतक और न्यूज़ीलैंड के खिलाफ सातवां शतक था, जिससे उन्होंने कई ऐतिहासिक रिकॉर्ड अपने नाम किए. कोहली अब वनडे में नंबर-3 पर सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज़ बन चुके हैं और सचिन तेंदुलकर के कई रिकॉर्ड्स के बेहद करीब पहुंच गए हैं.;
Virat Kohli Total Centuries: विराट कोहली की एक और ऐतिहासिक सेंचुरी ने एक बार फिर उनके महान कद को साबित किया, भले ही यह पारी भारत की हार के बीच आई. रविवार को इंदौर में खेले गए सीरीज़ के निर्णायक वनडे में न्यूज़ीलैंड ने भारत को 41 रन से हराकर सीरीज़ 2-1 से अपने नाम कर ली, लेकिन मैच का सबसे चमकदार पहलू विराट कोहली की जुझारू बल्लेबाज़ी रही.
338 रन के मुश्किल लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत की शुरुआत बेहद खराब रही और टीम ने 71 रन पर चार विकेट गंवा दिए. ऐसे दबाव भरे हालात में विराट कोहली एक बार फिर संकटमोचक बनकर सामने आए. उन्होंने हालात को पढ़ते हुए आक्रामकता और संयम का बेहतरीन संतुलन बनाया और 108 गेंदों पर 124 रन की शानदार पारी खेली. यह उनके वनडे करियर का रिकॉर्ड-विस्तार करने वाला 54वां शतक था.
संघर्ष के बावजूद लक्ष्य से दूर भारत
कोहली के अलावा नितीश कुमार रेड्डी (53) और हर्षित राणा (52) ने अहम अर्धशतक लगाए और भारत को मुकाबले में बनाए रखने की कोशिश की, लेकिन शुरुआती झटकों और बढ़ते रनरेट ने टीम को उबरने नहीं दिया. पूरी भारतीय टीम 46 ओवर में 296 रन पर सिमट गई.
डैरिल मिचेल और ग्लेन फिलिप्स ने जड़ा शानदार शतक
इससे पहले न्यूज़ीलैंड की पारी में डैरिल मिचेल (137) और ग्लेन फिलिप्स (106) के शानदार शतकों ने भारत के सामने पहाड़ जैसा स्कोर खड़ा कर दिया. कीवी टीम ने 50 ओवर में 8 विकेट के नुकसान पर 337 रन बनाए. भारत की ओर से गेंदबाज़ी में अपेक्षित धार नजर नहीं आई, जबकि लक्ष्य का पीछा करते समय ज़ैक फॉल्क्स और क्रिस्टियन क्लार्क ने मिलकर भारतीय बल्लेबाज़ी की कमर तोड़ दी और कुल छह विकेट चटकाए.
कोहली के नाम रिकॉर्ड्स की झड़ी
हालांकि सीरीज़ भारत के हाथ से निकल गई, लेकिन यह मुकाबला विराट कोहली के लिए ऐतिहासिक बन गया. इंदौर में लगाया गया यह शतक न्यूज़ीलैंड के खिलाफ उनका सातवां वनडे शतक था, जिससे वह इस प्रारूप में कीवी टीम के खिलाफ सबसे ज्यादा शतक लगाने वाले बल्लेबाज़ बन गए. उन्होंने इस मामले में रिकी पोंटिंग और वीरेंद्र सहवाग (6-6 शतक) जैसे दिग्गजों को पीछे छोड़ दिया.
इतना ही नहीं, यह न्यूज़ीलैंड के खिलाफ कोहली का 10वां अंतरराष्ट्रीय शतक भी रहा, जो किसी भी बल्लेबाज़ द्वारा किसी एक टीम के खिलाफ सबसे ज्यादा है. इस सूची में जैक्स कैलिस, जो रूट और सचिन तेंदुलकर जैसे महान खिलाड़ी उनसे पीछे रह गए.
न्यूजीलैंड के खिलाफ सबसे ज़्यादा शतक (वनडे)
- 7 - विराट कोहली (36 पारियां)
- 6 - रिकी पोंटिंग (50 पारियां)
- 6 - वीरेंद्र सहवाग (23 पारियां)
- 5 - सचिन तेंदुलकर (41 पारियां)
- 5 - सनथ जयसूर्या (45 पारियां)
द्विपक्षीय वनडे सीरीज़ के निर्णायक मैचों में विराट कोहली
- पारी: 16
- रन: 784
- औसत: 52.26
- स्ट्राइक रेट: 98.0
- शतक/अर्धशतक: 2/6
- उच्चतम स्कोर: 124
वनडे में 300 से ज़्यादा रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए विराट कोहली
- पारी: 37
- रन: 2131
- औसत: 62.67
- स्ट्राइक रेट: 106.4
शतक/अर्धशतक: 10/9
सचिन के रिकॉर्ड के बेहद करीब
इस पारी के साथ विराट कोहली के नाम अब 59 लिस्ट-ए शतक हो गए हैं और वह सचिन तेंदुलकर (60 शतक) के सर्वकालिक रिकॉर्ड से सिर्फ एक कदम दूर हैं. घरेलू सरज़मीं पर यह उनका 41वां अंतरराष्ट्रीय शतक था, जिससे वह सचिन के 42 शतकों के रिकॉर्ड के भी बेहद करीब पहुंच गए हैं.
नंबर तीन पर नया बादशाह
कोहली ने इस मैच में एक और बड़ा कीर्तिमान अपने नाम किया. वनडे क्रिकेट में नंबर तीन पर बल्लेबाज़ी करते हुए उनके रन अब 12,676 हो गए हैं, जिससे उन्होंने रिकी पोंटिंग को पीछे छोड़ते हुए इस पोज़िशन पर सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज़ बनने का गौरव हासिल किया. इसके अलावा, इंदौर में लगाया गया यह शतक कोहली के करियर का 35वां अलग वनडे वेन्यू था, जहां उन्होंने सेंचुरी जमाई. इस मामले में भी उन्होंने सचिन तेंदुलकर (34 वेन्यू) को पीछे छोड़ दिया.
ज़्यादातर वेन्यू पर शतक (वनडे)
- 35 - विराट कोहली
- 34 - सचिन तेंदुलकर
- 26 - रोहित शर्मा
- 21 - रिकी पोंटिंग
- 21 - हाशिम अमला
- 21 - एबी डिविलियर्स
हार में शतक, फिर भी विराट का कद अलग
हालांकि, यह कोहली का वनडे में नौवां शतक रहा जो हार के बावजूद आया, और वह इस अनचाही सूची में ब्रेंडन टेलर के बराबर पहुंच गए हैं, लेकिन बड़े मौकों पर उनका रिकॉर्ड आज भी बेमिसाल है. 300+ रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए कोहली के नाम अब 2131 रन और 10 शतक हैं, जबकि द्विपक्षीय वनडे सीरीज़ के निर्णायक मुकाबलों में उनका औसत 52 से ऊपर का रहा है.
अंत तक जिंदा रखी उम्मीद
जब तक विराट कोहली क्रीज़ पर मौजूद थे, तब तक यह भरोसा बना रहा कि भारत कोई करिश्मा कर सकता है, लेकिन 108 गेंदों पर 124 रन बनाकर उनके आउट होते ही भारत की जीत की उम्मीदें भी लगभग खत्म हो गईं. नतीजा भले ही भारत के पक्ष में नहीं गया, लेकिन विराट कोहली की यह पारी एक बार फिर इस बात की गवाही थी कि क्यों वह आज भी भारत की वनडे बल्लेबाज़ी की धड़कन हैं, और क्यों दबाव के सबसे मुश्किल लम्हों में भी उनसे चमत्कार की उम्मीद की जाती है.