T20 World Cup 2026: अपने ही खिलाड़ियों का दुश्मन बांग्लादेश! बिना कप्तान Litton das और टीम से पूछे टूर्नामेंट से मोड़ लिया मुंह

T20 World Cup 2026 से बांग्लादेश के हटने पर बड़ा खुलासा हुआ है कि खिलाड़ियों से कोई राय नहीं ली गई. लिटन दास और शांतो भारत में खेलने के पक्ष में थे, लेकिन फैसला पहले से तय था.;

( Image Source:  ANI )
Edited By :  प्रवीण सिंह
Updated On : 23 Jan 2026 1:46 PM IST

T20 World Cup 2026 को लेकर बांग्लादेश क्रिकेट में जबरदस्त बवाल खड़ा हो गया है. बड़ा खुलासा हुआ है कि बांग्लादेश के खिलाड़ी भारत में T20 वर्ल्ड कप खेलने के लिए तैयार थे, लेकिन बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) ने खिलाड़ियों से सहमति लेने के बजाय उन्हें सीधे फैसला थमा दिया कि टीम भारत नहीं जाएगी.

Cricbuzz की रिपोर्ट के मुताबिक, खिलाड़ियों को इस अहम ICC टूर्नामेंट पर अपनी राय रखने का असली मौका ही नहीं दिया गया. बैठक सिर्फ औपचारिकता थी, जबकि फैसला पहले ही लिया जा चुका था.

लिटन दास और शांतो भारत जाने के पक्ष में थे

रिपोर्ट के अनुसार T20 कप्तान लिटन दास, टेस्ट कप्तान नजमुल हुसैन शांतो, दोनों ने साफ तौर पर भारत जाकर T20 वर्ल्ड कप खेलने का समर्थन किया था. खिलाड़ियों का मानना था कि क्रिकेट को राजनीति और कूटनीति से अलग रखा जाना चाहिए, खासकर जब बात ICC के सबसे बड़े इवेंट की हो.

बैठक सिर्फ दिखावा? खिलाड़ियों की नाराज़गी

खिलाड़ियों की बैठक सरकार के खेल सलाहकार आसिफ नज़रुल के साथ हुई, लेकिन अंदर की कहानी कुछ और ही निकली. एक सीनियर खिलाड़ी ने नाम न छापने की शर्त पर कहा, “हमें ऐसा लगा था कि हमारी सहमति ली जाएगी, लेकिन असल में हमें सिर्फ फैसले की जानकारी देने के लिए बुलाया गया था. हमारी बातों का कोई असर नहीं पड़ा.” खिलाड़ियों का आरोप है कि उन्हें बोलने का नाममात्र मौका दिया गया, फैसला पहले से तय था और बैठक सिर्फ औपचारिकता थी.

‘सरकारी आदेश था, इसलिए जाना ही नहीं’

एक अन्य खिलाड़ी ने और भी तीखा बयान दिया. “उन्होंने हमसे पूछा ही नहीं. सीधा कह दिया कि हम भारत नहीं जा रहे. असली सच ये है कि यह फैसला सरकार का था, और उसी के हिसाब से BCB ने कदम उठाया.” इस बयान के बाद साफ हो गया है कि यह सिर्फ क्रिकेट बोर्ड का फैसला नहीं, बल्कि सरकार और बोर्ड की सीधी लाइन (alignment) का नतीजा है.

भारत-बांग्लादेश रिश्तों की ठंडक का असर क्रिकेट पर

बांग्लादेश में इसे, भारत-बांग्लादेश के बिगड़ते कूटनीतिक रिश्तों और मौजूदा सरकार की कठोर नीति से जोड़कर देखा जा रहा है. खिलाड़ियों का मानना है कि क्रिकेट को राजनीतिक तनाव की भेंट चढ़ा दिया गया.

‘सुरक्षा’ का हवाला, पुराने हादसों की दलील

BCB ने खिलाड़ियों को बताया कि भारत में पहले कुछ ‘घटनाएं’ हो चुकी हैं. बांग्लादेशी खिलाड़ियों को लेकर सुरक्षा खतरे हैं. हालांकि खिलाड़ियों का कहना है कि कोई ठोस इनपुट नहीं दिया गया और BCCI से कोई आधिकारिक बातचीत भी नहीं हुई.

ICC से ‘नाइंसाफी’ का आरोप, लेकिन सज़ा तय?

BCB ने इस पूरे घटनाक्रम में ICC पर नाइंसाफी का आरोप लगाया है, लेकिन दूसरी तरफ बड़ी खबर यह है कि ICC अब बांग्लादेश की जगह स्कॉटलैंड को शामिल करने की तैयारी में है. अगर ऐसा होता है तो बांग्लादेश का T20 वर्ल्ड कप 2026 से बाहर होना लगभग तय है. इस मामले का असर खिलाड़ियों के करियर पर सीधा पड़ने वाला है और ICC में बोर्ड की साख को बड़ा झटका लगेगा.

यह पूरा मामला दिखाता है कि खिलाड़ी भारत में खेलना चाहते थे लेकिन बोर्ड और सरकार ने राजनीतिक फैसला लिया. खिलाड़ियों की आवाज़ को नज़रअंदाज़ किया गया. अब सवाल यह है कि क्या ICC आखिरी वक्त तक बांग्लादेश को मौका देगा, या राजनीति ने क्रिकेट को मात दे दी है?

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