बसंत पंचमी पर क्यों पहना जाता है पीला वस्त्र, जानें मां सरस्वती का महत्व और पूजाविधि
बसंत पंचमी न सिर्फ ऋतु परिवर्तन का संकेत है, बल्कि यह ज्ञान, विद्या और कला की देवी मां सरस्वती की उपासना का पावन पर्व भी माना जाता है. इस दिन पीले वस्त्र पहनने, पीले फूल चढ़ाने और पीले पकवान बनाने की परंपरा सदियों से चली आ रही है. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि बसंत पंचमी पर पीले रंग को ही इतना महत्व क्यों दिया जाता है और इसका मां सरस्वती से क्या संबंध है?;
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(Image Source: AI SORA )23 जनवरी को बसंत पंचमी का पर्व है. बसंत पंचमी पर ज्ञान की देवी मां सरस्वती की आराधना और पूजा करने का विशेष विधान होता है. धार्मिक मान्याताओं के अनुसार माघ माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि पर मां सरस्वती का जन्म हुआ था. जिसकी खुशी में यह त्योहार मनाया जाता है.
बसंत पंचमी पर वसंत ऋतु का आगमन होता है. यह त्योहार न केवल प्रकृति में नवजीवन का उत्सव है, बल्कि ज्ञान, बुद्धि, कला और वाणी की अधिष्ठात्री देवी मां सरस्वती के प्राकट्य का भी पावन अवसर है. पीले रंग की रौनक, सरसों के खिले फूल और मधुर वसंत हवा इस दिन को और भी विशेष बनाती है.
वेदों और पुराणों में सरस्वती का स्थान
ऋग्वेद में भी सरस्वती का वर्णन मिलता है, जहां उन्हें परम चेतना, बुद्धि और प्रज्ञा की संरक्षिका बताया गया है. पुराणों में उन्हें त्रिदेवियों में एक माना गया है. लक्ष्मी धन की, पार्वती शक्ति की और सरस्वती ज्ञान की देवी. बसंत पंचमी को उनका प्राकट्य दिवस मानकर पूजा की जाती है. इस दिन पूजा से अज्ञान का नाश होता है, बुद्धि तीक्ष्ण होती है, स्मृति बलवती बनती है और विवेक जागृत होता है.
बसंत पंचमी की पूजा विधि
पूजा की विधि भी सरल किंतु महत्वपूर्ण है. सुबह स्नान के बाद पीले वस्त्र धारण करें. पूजा स्थल पर पीले फूलों से सजावट करें, मां सरस्वती की मूर्ति या चित्र स्थापित करें. सफेद मिठाई, खीर, पान, सुपारी और पीले फल भोग लगाएं. मुख्य मंत्र “ॐ ऐं सरस्वत्यै नमः” का जाप करें. विद्यार्थी अपनी पुस्तकें, कलम और वाद्य यंत्र पूजते हैं. छोटे बच्चों का अक्षरारंभ (पहला अक्षर लिखवाना) इसी दिन शुभ माना जाता है. आरती के बाद प्रसाद वितरण करें.
पीले रंग का महत्व
बसंत पंचमी पर पीले रंग का खास और विशेष महत्व होता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मां लक्ष्मी को पीला रंग बहुत ही प्रिय होता है. पीला रंग ज्ञान, ऊर्जा, उत्साह, तेज और सकारात्मकता का प्रतीक होता है. बसंत पंचमी पर पीले रंग के कपड़े पहनने, पीला रंग की मिठाई खाने और मां सरस्वती को पीले रंग के फूल अर्पित करने ज्ञान की देवी मां सरस्वती की विशेष कृपा मिलती है. शास्त्रों में पीला रंग सूर्य की तरह तेज, बुद्धि के विकास और संचार का प्रतीक माना जाता है.