यमुना नदी में दिखने वाला कालिया नाग कौन? जानें कृष्ण ने क्यों दिया जीवनदान - पुराणों में दर्ज है आतंक और करुणा की पूरी कहानी
यमुना के जल को विषैला बनाने वाला कालिया नाग कौन था? वह यमुना में आकर क्यों बसा और श्रीकृष्ण ने उसके आतंक के बावजूद उसे जीवनदान क्यों दिया? श्रीमद्भागवत सहित 5 प्रमुख पुराणों में वर्णित कालिया नाग की यह कथा विष, अत्याचार और करुणा के बीच धर्म की विजय का प्रतीक भी है. जानिए कालिया नाग की पूरी कहानी विस्तार से.;
जब यमुना का जल काला पड़ने लगा, मछलियां मरने लगीं और वृंदावन की धरती भय से कांप उठी, तब ब्रजवासियों को समझ आ गया कि यह कोई साधारण संकट नहीं है. दरअसल, यमुना के बीचों-बीच बसे एक कुंड में रहता था कालिया नाग. वह अत्यंत विषैला, अहंकारी और निर्दयी था. उसके विष से न केवल जल बल्कि हवा तक जहरीली हो गई थी. इसी संकट के बीच प्रकट होती है श्रीकृष्ण की कालिया मर्दन लीला, जहां धर्म केवल दंड नहीं देता, बल्कि करुणा का मार्ग भी दिखाता है. यही कारण है कि कालिया नाग का अंत मृत्यु नहीं, बल्कि जीवनदान और निर्वासन के रूप में होता है. इसका जिक्र हम इसलिए कर रहे हैं कि हाल ही में कालिया नाग जैसा विशाल और जहरीला नाग दिखाई दिया है. तभी से वो सोशल मीडिया में सुर्खियों में. आइए, जानते हैं, कौन था कालिया नाग, क्या था उसका महर्षि कश्यप से नाता और किस डर से आकर यमुना में रहने लगा था.
कालिया नाग कौन था?
भारतीय परंपरा में कथाओं में कालिया नाग का नाम आते ही श्रीकृष्ण की बाल-लीलाएं, यमुना तट और विष से भरी नदी का दृश्य जेहन में आ जाता है. यह कथा आज भी नाग पंचमी, जन्माष्टमी, भागवत कथा और गांव–कस्बों की कथावाचन परंपरा में उतनी ही जीवंत है. इसकी चर्चा हम इसलिए कर रहे हैं कि हाल ही में यमुना में कालिया नाग जैसा विशाल, काला और जहरीला नाग दिखा है. जानें कालिया नाग की शास्त्र और पुरानों में क्या है सबको आतंकित करने वाली कहानी, जिसका अंत भगवान श्रीकृष्ण ने किया था.
कालिया नाग कौन?
कालिया नाग एक बहुत ही जहरीला विषैला नाग (सर्प) था, जो यमुना नदी में वास करता था. उसके विष के असर की वजह से ही यमुना का जल काला पड़ गया था. यही वह है कि इस नाग वैदिक काल से ही लोक कथाओं में चर्चा की वजह से आज भी किसी के लिए अनजाना नहीं है. कालिया नाग के पिता कश्यप ऋषि और माता कद्रू थी. कश्यप कद्रू वंश से ही शेषनाग, वासुकी, तक्षक जैसे प्रसिद्ध नाग उत्पन्न हुए. कालिया भी इसी नागवंश का सदस्य था.
किन-किन पुराणों में है कालिया नाग का का जिक्र?
कालिया नाग की कथा मुख्य रूप से श्रीमद्भागवत पुराण (दशम स्कंध – अध्याय 16) में सबसे ज्यादा विस्तार से जिक्र है. इसके अलावा, विष्णु पुराण, हरिवंश पुराण, पद्म पुराण और ब्रह्मवैवर्त पुराण में जिक्र है. इन ग्रंथों में कालिया नाग को अधर्म, अहंकार और अत्याचार का प्रतीक बताया गया है.
क्या है कालिया नाग की कहानी?
कालिया नाग मूल रूप से रमणक द्वीप (आज के इंडोनेशिया क्षेत्र से जोड़ा जाता है) का निवासी था. वहां, उस पर गरुड़ का आतंक था, जो नागों का शत्रु माना जाता है. कद्रू गरुड़ की की माता विनता थी,जो कद्रू की सौतन थी. विनता ने अपने पति से वरदान लिया था कि गरुड़ कद्रू के सभी पुत्रों का नाश करेगा, इसलिए गरुड़ कद्रू के सभी पुत्रों को एक—एक कर मार रहा था. गरुड़ के डर से कालिया यमुना नदी में आकर बस गया.
यमुना के जिस कुंड में कालिया छिपा वो पहले से शापित था, इसलिए गरुड़ वहां नहीं आ सकते थे. यही वजह है कि कालिया के विष से यमुना का जल जहरीला हो गया. मछलियां मरने लगीं. पशु-पक्षी तड़पकर मरने लगे. ब्रजवासियों का जीवन संकट में पड़ गया.
कालिया नाग का आतंक का प्रतीक क्यों था?
कालिया का आतंक कई कारणों से था. उसके विष से यमुना का जल काला और जहरीला हो गया था. जल पीने से गायें, पशु और मनुष्य मरने लगे. यमुना के किनारे की हवा तक विषैली हो गई. पूरा वृंदावन भय के साये में जीने लगा. आज की भाषा में कहें तो यह पर्यावरणीय विनाश जैसी स्थितियां थी, जिसे पुराणों ने प्रतीकात्मक रूप में दिखाया गया है.
श्रीकृष्ण ने किया कालिया नाग का दमन
जब अत्याचार सीमा पार कर गया तब बालकृष्ण ने यमुना में छलांग लगाई. श्रीकृष्ण ने कालिया नाग को पराजित किया. उसके फनों पर नृत्य किया, जिसका जिक्र पुरानों में कालिया मर्दन के रूप है. कालिया की पत्नियों (नागपत्नियों) ने क्षमा मांगी. श्रीकृष्ण ने कालिया को मारने के बजाय यमुना छोड़ने का आदेश दिया.
यह कथा भारतीय परंपरा में यह सिखाती है कि अधर्म का दमन आवश्यक है, लेकिन करुणा भी उतनी ही जरूरी है. यही वजह है कि आज भी यह कथा कथकली, रासलीला, टीवी सीरियल्स और बच्चों की कहानियों में उतनी ही लोकप्रिय है, जितनी की भारत में रामायण-महाभारत हर पीढ़ी से जुड़ी रही है.
अगर आप पुराणों की मानें तो महर्षि कश्यप ने राजा दक्ष प्रजापति की 17 पुत्रियों से विवाह किया था, लेकिन महर्षि को कद्रू और विनता सबसे ज्यादा प्रिय थी. एक बार महर्षि ने खुश होकर दोनों को एक वर मांगने के लए कहा. कद्रू ने महर्षि से 1000 पराक्रमी पुत्रों की मां बनने का वर मांगा तो विनता ने उससे विपरीत जाकर महर्षि से एक ऐसे पुत्र की कामना कि जो कद्रू के सभी पुत्रों का नाश कर सके. महर्षि के वरदान के बाद कद्रू ने 1000 अंडे दिए और कद्रू सभी सार्यों की माता बनी वहीं विनता ने गरूड़ को जन्म देकर उसकी मां बनी. कद्रू के 100 पुत्रों में चार पुत्र यानी वासुकि नाग, कालिया नाग, शेषनाग, तक्षक नाग और कर्कोटक नाग काफी प्रसिद्ध हुए.
वासुकि को सभी नागों का राजा माना जाता है. यह वही नाग है जिसका वास भगवान शिव अपने गले में है. यमुना नदी में अपनी पत्नियों के साथ रहने वाले कालिया नाग के बारे में तो ज्यादातर सभी लोग जानते हैं. कालिया नाग के फन पर ही भगवान विष्णु ने नृत्य किया था. शेषनाग को अनंत के नाम से भी पहचाना जाता है. इस नाग की गिनती सबसे बलशाली नागों में की जाती है. भगवान नारायण क्षीरसागर में शेषनाग के आसान पर ही विराजित होते हैं.
पुराणों में चर्चित नाग
ताल में निवास करने वाले 8 नागों में से एक है तक्षक. पुराणों के अनुसार श्रृंगी ऋषि के शाप की वजह से तक्षक ने एक बार राजा परीक्षित को डस लिया था. जिसके बाद राजा परीक्षित के पुत्र ने क्रोध में आकर सर्प यज्ञ का आयोजन किया. लेकिन जैसे ही यज्ञ करने वाले ब्राह्मणों ने अग्नि में तक्षक के नाम की आहुति डाली, ऋषि आस्तीक के कहने पर इस यज्ञ को रोक दिया गया. तब जाकर तक्षक नाग की जान बची. जबकि कर्कोटक नाग को भोलेबाबा का ही गण माना जाता है. एक बार सभी सर्पों को भस्म होने का शाप मिला, जिससे बचने के लिए कर्कोटक नाग वन में जाकर शिवलिंग के सामने तप करने लगा. कर्कोटक नाग के तप से प्रसन्न होकर भगवान शिव ने कर्कोटक को शिवलिंग में प्रवेश करवाकर उसकी जान बचाई थी.
सुर्खियों क्यों आया कालिया नाग?
सोशल मीडिया पर इन दिनों एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि वृंदावन की यमुना नदी में कालिया नाग जैसा एक विशाल काला सांप दिखाई दिया है. वीडियो सामने आते ही लोगों के बीच तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं. कोई इसे भगवान श्रीकृष्ण की कथाओं से जोड़कर कलयुग के बढ़ते प्रभाव का संकेत बता रहा है, तो कोई इसे डर फैलाने वाला भ्रामक दावा मान रहा है. आस्था, भय और जिज्ञासा के बीच यह वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर शेयर किया जा रहा है. सोशल मीडिया यूजर्स अलग-अलग दावे कर रहे हैं, जिससे भ्रम की स्थिति बनी हुई है. कुछ लोग इसे असली घटना बता रहे हैं, जबकि कई यूजर्स इसे एडिटेड या गलत जानकारी करार दे रहे हैं. ऐसे में सवाल यही है कि क्या सच में यमुना नदी में कालिया नाग दिखाई दिया, या फिर यह महज एक अफवाह है? इन 5 वायरल वीडियो को देखकर आप खुद तय कीजिए कि हकीकत क्या है.