कुंडली में इस योग से व्यक्ति बनता है IAS या PCS अधिकारी, ऐसे मालूम करें अपनी कुंडली में ये राजयोग

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार कुंडली में कुछ विशेष राजयोग व्यक्ति को प्रशासनिक सेवाओं जैसे IAS या PCS तक पहुंचा सकते हैं. मजबूत दशम भाव, प्रभावशाली सूर्य और शनि की स्थिति, साथ ही केंद्र-त्रिकोण के शुभ योग सफलता के संकेत माने जाते हैं.

( Image Source:  AI SORA )
By :  State Mirror Astro
Updated On : 26 Feb 2026 6:30 AM IST

ज्योतिष शास्त्र में किसी जातक की कुंडली एक बहुत ही जरूरी और महत्वपूर्ण हिस्सा होती है. इसी के आधार पर जातक के भूत और भविष्य के बारे में भविष्यवाणियां की जाती है. दरअसल जब भी किसी जातक का जन्म होता है तो उस समय आकाश मंडल में ग्रहों, राशियों और नक्षत्रों की जो भी स्थितियां होती है वह जन्मकुंडली में अंकित हो जाती है. जन्म कुंडली में मौजूद ग्रहों, राशियों और भावों की शुभ या अशुभ स्थिति बनने पर ही जातकों के जीवन में सुख या कष्ट के बारे में एक ज्योतिषाचार्य द्वारा भविष्यवाणी की जाती है.

जन्मकुंडली में जब भी कोई ग्रह उच्च और शुभ स्थिति में होते हैं तो कुछ ऐसे योगों का निर्माण होता है जिससे व्यक्ति को जीवन में धन, मान-सम्मान, पद-प्रतिष्ठा, नौकरी, व्यापार, दांपत्य जीवन और अच्छी सेहत की प्राप्ति होती है. आज हम आपको व्यकित की कुंडली में बनने वाले ऐसे योगों के बारे में बताने जा रहे हैं जिससे व्यक्ति को उच्च और प्रशासनिक पद की प्राप्ति होती है. कुंडली में अगर ये शुभ राजयोग बनता है तो व्यक्ति IAS और PCS जैसे ऊंचे मुकाम को प्राप्त करता है. आइए जानते हैं कुंडली में कब और कैसे ये राजयोग बनते हैं.

कुंडली में प्रशासनिक अधिकारी बनने के योग

  1. सभी ग्रहों में सूर्य को राजा की पदवी हासिल है. सूर्य मान-सम्मान, नेतृत्व क्षमता और अधिकारी के कारक होते हैं. जन्मकुंडली में अगर सूर्य अपनी उच्च राशि मेष हो और तीन से चार ग्रह भी शुभ स्थिति में हो व्यक्ति अपने जीवनकाल में बड़ा और प्रशासनिक अधिकारी बनता है. ऐसे लोग समाज में काफी लोकप्रिय होते हैं और अपनी कार्यक्षमता का बेहतर प्रदर्शन करने में माहिर होते हैं.
  2. अगर किसी जातक की लग्न कुंडली में लग्न मजबूत स्थिति में हो, कुंडली के दशम भाव पर दशमेश की द्दष्टि हो, जन्मांग चक्र में ग्रह परस्पर द्विद्रावादश योग बनाए तो ऐसा व्यक्ति कम आयु में सरकारी नौकरी की प्राप्ति होती है. ऐसे लोग उच्च पदों पर आसीन होते हैं. ऐसे लोगों की ख्याति विदेशों में ही होते हैं.
  3. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, जिन लोगों की कुंडली में शनि ग्रह नवम भाव में विराजित हो और दशम भाव में मकर राशि, नवांश कुंडली में दशम भाव में मंगल विराजमान हो तो व्यक्ति उच्च प्रशासनिक अधिकारी बनता है. इसके अलावा बुध-गुरु और शुक्र पंचम स्थान में हो और कोई ग्रह नवांश मे उच्च राशि में हो तो व्यक्ति बड़ा अधिकारी बनता है. ऐसे लोग बहुत ही साहसी, आत्मविश्वास और साहसी होता है.
  4. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जब किसी व्यक्ति की कुंडली में राजसुख के कारक ग्रह सूर्य केंद्र भाव में, अपनी उच्च राशि में, उच्च नवांश में, दशमेश लाभ, लग्नेश और भाग्येश में हो तो व्यक्ति प्रशासनिक सेवा में जाता है. ऐसे लोग बहुत ही मेहनती और स्वाभिमानी होते हैं.
  5. जब किसी व्यक्ति की कुंडली में मंगल ग्रह चंद्रमा से तीसरे स्थान, शनि सप्तम स्थान हो, वहीं शनि से सप्तम भाव में शुक्र और शुक्र से सप्तम भाव में गुरु हो तो व्यक्ति उच्च और प्रशासानिक पदों को प्राप्त करता है.

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