Basant Panchami 2026: सरस्वती पूजा में इन मंत्रों का करें जाप और अर्पित करें ये चीजें

बसंत पंचमी का पर्व ज्ञान, विद्या और कला की देवी मां सरस्वती को समर्पित होता है. मान्यता है कि इस शुभ दिन मां सरस्वती की विधिवत पूजा, पवित्र मंत्रों के जाप और प्रिय वस्तुओं के अर्पण से बुद्धि तेज होती है, पढ़ाई में सफलता मिलती है और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है.;

सरस्वती पूजा मंत्र


(Image Source:  AI Perplexity )
By :  State Mirror Astro
Updated On : 22 Jan 2026 5:59 PM IST

शुक्रवार, 23 जनवरी को बसंत पंचमी का पर्व है. यह त्योहार बसंत ऋतु के आगमन के स्वागत और धन, विद्या और कला की देवी मां सरस्वती के प्रकट उत्सव के रूप में हर वर्ष मनाया जाता है. बसंत पंचमी का पर्व खासतौर छात्रों, कला प्रेमी और साहित्यकारों के लिए बहुत ही खास महत्व रखता है. हिंदू पंचांग के अनुसार बसंत पंचमी का त्योहार हर वर्ष माघ महीने के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाया जाता है. बसंत पंचमी पर देवी सरस्वती की विशेष पूजा का खास महत्व होता है. इस दिन मां सरस्वती की पूजा करने से बुद्धि, विवेक, एकाग्रता और शिक्षा में सफलता मिलती है.

बसंत पंचमी का पर्व न सिर्फ धार्मिक महत्व रखता है बल्कि इसका वैज्ञानिक महत्व भी होता है. बसंत पंचमी का मौसम में बदला का संकेत देता. इस दिन के बाद बसंत ऋतु की शुरुआत होती है. प्रकृति में चारों तरफ हरियाली, पीले और रंग बिरेंगे फूल खिल जाते हैं. पीला रंग जोश, उत्साह, उमंग, नयापन और सकारात्मकता का प्रतीक होता है. इस दिन पीले रंग के कपड़े पहने का विशेष महत्व होता है. साथी ही इस दिन देवी सरस्वती को पीले रंग की मिठाई की भोग लगाने का भी खास महत्व होता है.

देवी सरस्वती की पूजा में इस मंत्र का करें जाप

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, बसंत पंचमी पर ज्ञान और विद्या की देवी मां सरस्वती की जन्म उत्सव मनाया जाता है. बसंत पंचमी पर देवी सरस्वती की पूजा करने और मंत्रों का जाप करना बहुत ही शुभ फलदायी साबित होता है. देवी सरस्वती की पूजा में मंत्रों का जाप करने से बुद्धि और एकाग्रता में वृद्धि होती है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार बसंत पंचमी पर मां सरस्वती की पूजा और मंत्रोजाप से बच्चों की पढ़ाई में रुचि बढ़ती है और बुद्धि का विकास होता है. बसंत पंचमी पर विद्यारंभ करना बहुत ही शुभ रहता है.

ॐ ऐं सरस्वत्यै नमः॥

ॐ ह्रीं ऐं ह्रीं सरस्वत्यै नमः॥

या कुंदेंदु-तुषार-हार-धवला, या शुभ्रा - वस्त्रावृता,

या वीणा - वार - दण्ड - मंडित - करा, या श्वेत - पद्मासना.

या ब्रह्माच्युत - शङ्कर - प्रभृतिभिर्देवै: सदा वन्दित,

सा मां पातु सरस्वती भगवती नि: शेष - जाड्यापहा..

शारदा शारदाभौम्वदना. वदनाम्बुजे.

सर्वदा सर्वदास्माकमं सन्निधिमं सन्निधिमं क्रिया तू॥

पूजा में रखें ये चीजें

बसंत पंचमी के दिन पूजा में देवी सरस्वती की मूर्ति या तस्वीर को जरूर रखें. फिर इनकी मूर्ति को स्टडी रूम में रखें.

वीणा

देवी सरस्वती को वीणा बहुत ही प्रिय होती है. ऐसे में इस दिन अगर घर में वीणा है या फिर कोई वाद्ययंत्र तो उसकी पूजा अवश्य करें.

हंस की तस्वीर

हंस माता सरस्वती का वाहन है. ऐसे में मन को शांत रखने और जीवन में सकारात्मता को बढ़ाने के लिए हंस की मूर्ति को स्टडी टेबल पर रखें.

मोरपंख

वास्तु शास्त्र में मोरपंख को नकारात्मक ऊर्जा को दूर करने में बहुत ही प्रभावी माना जाता है. ऐसे में बच्चों को स्टडी टेबल और मंदिर में मोर पंख जरूर रखें.

पेन और किताबें

सरस्वती पूजा में कलम और पेन को देवी सरस्वती की पूजा में जरूर अर्पित करना चाहिए. इससे विद्या और शिक्षा के क्षेत्र में अच्छी सफलता मिलती है.

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