Sawan 2026: सिर्फ प्याज-लहसुन ही नहीं, सावन में इन 4 चीजों को खाने से करें परहेज, साइंटिफिक हैं कारण

सावन में सात्विक भोजन करने की परंपरा है. इसलिए इस महीने सिर्फ प्याज-लहसुन ही नहीं, बल्कि बैंगन और बासी खाना नहीं खाते हैं. सावन का समय बारिश का मौसम होता है, जब बैक्टीरिया, फंगस और कीड़े तेजी से बढ़ते हैं.

सिर्फ प्याज-लहसुन नहीं सावन में न खाएं ये चीजें

Edited By :  हेमा पंत
Updated On : 31 July 2026 1:53 PM IST

Sawan 2026: सावन में ज्यादातर लोग प्याज और लहसुन का सेवन नहीं करते, लेकिन धर्म में सिर्फ इन्हीं चीजों से परहेज करने की बात नहीं कही गई है. इस पवित्र महीने में बैंगन, बासी भोजन और कुछ पत्तेदार सब्जियां भी कम खाने की सलाह दी जाती है. दरअसल, बारिश के मौसम में बैंगन और पत्तेदार सब्जियों में कीड़े और बैक्टीरिया जल्दी पनप सकते हैं.

जबकि बासी खाना जल्दी खराब हो जाता है और पेट की परेशानी बढ़ा सकता है. इसलिए सावन में सात्विक, ताजा और हल्का खाना बेहतर माना जाता है.

सावन में बैंगन क्यों नहीं खाने चाहिए?

धार्मिक मान्यताओं में बैंगन को सावन के दौरान सात्विक भोजन का हिस्सा नहीं माना जाता. वहीं वैज्ञानिक तौर पर देखा जाए तो बारिश के मौसम में बैंगन में छोटे-छोटे कीड़े लगने का खतरा बढ़ जाता है. अगर ठीक से जांचे बिना इसे खाया जाए, तो यह पेट से जुड़ी समस्याओं का कारण बन सकता है.

हरी पत्तेदार सब्जियों से क्यों बनानी चाहिए दूरी?

पालक, मेथी, बंदगोभी और दूसरी पत्तेदार सब्जियों में मानसून के दौरान मिट्टी, कीड़े और बैक्टीरिया आसानी से चिपक जाते हैं. इन्हें पूरी तरह साफ करना कई बार मुश्किल होता है. इसलिए इस मौसम में इनका सेवन सीमित मात्रा में करने की सलाह दी जाती है.

दही और कढ़ी क्यों नहीं खाने की सलाह दी जाती है?

आयुर्वेद के अनुसार वर्षा ऋतु में शरीर की पाचन शक्ति कमजोर हो जाती है. ऐसे समय में दही और कढ़ी जैसी चीजें कुछ लोगों में कफ बढ़ा सकती हैं और पाचन पर असर डाल सकती हैं. इसी कारण सावन के दौरान इनका सेवन कम करने की सलाह दी जाती है.

बासी खाने से क्यों रहें दूर

बारिश के मौसम में खाना जल्दी खराब होने लगता है. बासी भोजन में बैक्टीरिया तेजी से पनप सकते हैं, जिससे फूड पॉइजनिंग, पेट दर्द और संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है. इसलिए सावन में हमेशा ताजा और घर का बना भोजन खाना बेहतर माना जाता है.

सावन में सात्विक भोजन का क्या महत्व है?

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सावन में सात्विक भोजन करने से मन शांत रहता है और पूजा-पाठ में एकाग्रता बढ़ती है. वहीं स्वास्थ्य के नजरिए से भी हल्का, ताजा और साफ खाना इस मौसम में शरीर को स्वस्थ रखने में मदद करता है. इसलिए सावन में खानपान से जुड़े नियम केवल आस्था ही नहीं, बल्कि अच्छी सेहत से भी जुड़े हुए माने जाते हैं.

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