ज्योतिषी Ashok Kharat की गंदी करतूत पर्दाफाश करने वाली महिला IPS कौन?-Detailed
अशोक खरात मामले को गंभीरता से लेते हुए महराष्ट्र सरकार ने SIT का गठन किया. जिसकी कमान महिला आईपीएस अधिकारी तेजस्वी सतपुते के हाथ में हैं. जो जल्द ही अशोक खरात की गंदी करतूतों का पर्दाफाश करेंगी.
Ashok Kharat Case
(Image Source: X/ @VijayKumbhar62 )Ashok Kharat Case: नासिक के अशोक खरात का मामला तूल पकड़ता जा रहा है. खुद को ज्योतिषी और नेवी कैप्टन बताने वाले अशोक खरात फिलहाल पुलिस की गिरफ्त में है. उस पर एक महिला के साथ दुष्कर्म का गंभीर आरोप है. उसके ऑफिस से 58 वीडियो क्लिप भी बरामद हुए हैं. जिससे अशोक खरात महिलाओं को ब्लैकमेल करके उनके साथ गंदा काम करता था.
इस मामले को गंभीरता से लेते हुए महराष्ट्र सरकार ने SIT का गठन किया. जिसकी कमान महिला आईपीएस अधिकारी तेजस्वी सतपुते के हाथ में हैं. जो जल्द ही अशोक खरात की गंदी करतूतों का पर्दाफाश करेंगी.
क्या है पूरा मामला?
अशोक खरात पर आरोप है कि उसने ज्योतिष और प्रभावशाली पहचान का झांसा देकर महिलाओं को अपने जाल में फंसाया. उसका एक आलीशान फार्महाउस भी है, जहां कथित तौर पर कई प्रभावशाली लोगों का आना-जाना रहता था. जांच में सामने आए वीडियो इस बात की ओर इशारा करते हैं कि मामला केवल एक शिकायत तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक बड़े नेटवर्क का हिस्सा हो सकता है. पुलिस अब इन वीडियो के जरिए अन्य पीड़िताओं की पहचान करने में जुटी है.
पुलिस के अनुसार, इस मामले में आर्थिक अपराध का पहलू भी सामने आया है. आरोप है कि महिलाओं को ब्लैकमेल कर उनसे बड़ी रकम वसूली गई. इसी वजह से खरात की लगभग 200 करोड़ रुपये की संपत्ति की जांच की जा रही है.
कौन हैं IPS तेजस्वी सतपुते?
इस हाई-प्रोफाइल मामले की जांच के लिए बनाई गई SIT का तेजस्वी सतपुते कर रही हैं, जो 2012 बैच की अनुभवी आईपीएस अधिकारी हैं. तेजस्वी सतपुते को पुलिस सेवा में एक दशक से अधिक का अनुभव है और वे अपने सख्त और नवाचारपूर्ण कार्यशैली के लिए जानी जाती हैं. तेजस्वी का बचपन का सपना पायलट बनने का था, लेकिन नजर की समस्या के कारण वे इस क्षेत्र में नहीं जा सकीं. इसके बाद उन्होंने बायोटेक्नोलॉजी और फिर एलएलबी की पढ़ाई की.
एलएलबी के दौरान ही उन्हें UPSC परीक्षा के बारे में जानकारी मिली. उन्होंने पहली बार परीक्षा दी, लेकिन असफल रहीं। इसके बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और अपनी मेहनत के दम पर आखिरकार सफलता हासिल की. पुणे में डीसीपी ट्रैफिक के रूप में कार्य करते हुए तेजस्वी सतपुते ने हेलमेट नियम लागू करने के लिए एक अनोखा तरीका अपनाया था. उन्होंने सीधे जनता पर नियम थोपने के बजाय पुलिस विभाग से ही इसकी शुरुआत की थी.