कौन है Narhari Zirwal, जिसका किन्नर के साथ अश्लील हरकत करते हुए वीडियो हुआ वायरल? अब हो रही है इस्तीफे की डिमांड
Narhari Zirwal Video Controversy: महाराष्ट्र के मंत्री Narhari Zirwal कथित वायरल वीडियो को लेकर विवादों में घिर गए हैं. विपक्ष इस्तीफे की मांग कर रहा है, जबकि मंत्री और पार्टी इसे साजिश बता रहे हैं.
Narhari Zirwal
(Image Source: @arunruby08-X )महाराष्ट्र की सियासत में एक बार फिर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है. एनसीपी (अजित पवार गुट) के मंत्री नारहरी ज़िरवाल एक कथित वीडियो को लेकर विपक्ष के निशाने पर आ गए हैं. सोशल मीडिया पर वायरल हो रही 1 मिनट 52 सेकेंड की इस क्लिप में उन्हें एक ट्रांसवुमन के साथ आपत्तिजनक स्थिति में दिखाए जाने का दावा किया जा रहा है, जिसके बाद उनके इस्तीफे की मांग तेज हो गई है.
यह विवाद ऐसे समय सामने आया है जब राज्य सरकार पहले से ही अशोक खरात मामले को लेकर घिरी हुई है. ऐसे में इस नए वीडियो ने राजनीतिक माहौल को और गरमा दिया है और विपक्ष इसे 'नैतिक पतन' का बड़ा उदाहरण बता रहा है.
कौन है Narhari जिरवाल?
नाशिक के डिंडोरी से आने वाले नारहरी ज़िरवाल एक आदिवासी नेता हैं और चार बार विधायक रह चुके हैं. उन्होंने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत ग्राम पंचायत स्तर से की थी और धीरे-धीरे राज्य की राजनीति में मजबूत पकड़ बनाई. एनसीपी के गठन के बाद वह अजित पवार के करीबी माने जाते रहे हैं और 2023 में पार्टी में विभाजन के बाद उन्होंने अजित पवार गुट का साथ दिया. वर्तमान में वह महाराष्ट्र सरकार में खाद्य एवं औषधि प्रशासन मंत्री हैं.
क्या है पूरा मामला और क्यों मचा है बवाल?
दरअसल, सोशल मीडिया पर वायरल एक कथित वीडियो में मंत्री नारहरी ज़िरवाल को एक ट्रांसजेंडर व्यक्ति के साथ आपत्तिजनक स्थिति में दिखाया जा रहा है. बताया जा रहा है कि यह वीडियो उनके आधिकारिक विधायक निवास का है. इस वीडियो के सामने आने के बाद विपक्ष ने इसे गंभीर नैतिक मुद्दा बताते हुए उनके इस्तीफे की मांग शुरू कर दी है.
क्या यह विवाद Ashok Kharat केस से जुड़ा है?
राज्य में पहले से चल रहे Ashok Kharat रेप केस ने सरकार की छवि पर असर डाला था. खरात, जो खुद को ज्योतिषी बताते थे, उन्हें एक महिला के साथ दुष्कर्म के आरोप में गिरफ्तार किया गया. इसी मामले में एनसीपी नेता रुपाली चाकणकर का नाम भी सामने आया, जिसके बाद उन्हें पद छोड़ना पड़ा. अब ज़िरवाल का वीडियो सामने आने से विपक्ष इसे उसी कड़ी से जोड़कर देख रहा है.
क्या मंत्री के खिलाफ पहले भी उठे हैं सवाल?
इससे पहले भी ज़िरवाल विवादों में रह चुके हैं. हाल ही में उनके विभाग के एक कर्मचारी को एंटी करप्शन ब्यूरो ने रिश्वत लेते पकड़ा था. हालांकि, उस मामले में ज़िरवाल का सीधा संबंध साबित नहीं हुआ था, लेकिन विपक्ष ने उस समय भी सरकार को घेरा था.
सरकार और पार्टी का क्या रुख है?
एनसीपी के नेता अमोल मिटकरी ने ज़िरवाल का बचाव करते हुए इस वीडियो को साजिश बताया है. उन्होंने कहा कि यह एक सीधा-सादा व्यक्ति को बदनाम करने की साजिश है… अशोक खरात मुद्दे से ध्यान भटकाने के लिए यह वीडियो सामने लाया गया है… यह घिनौनी राजनीति है.' वहीं, सरकार के किसी बड़े नेता ने अब तक खुले तौर पर उनके इस्तीफे की मांग नहीं की है.
खुद नारहरी ज़िरवाल ने क्या सफाई दी?
नारहरी ज़िरवाल ने इस पूरे मामले को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि यह वीडियो छेड़छाड़ कर बनाया गया है. उन्होंने कहा कि 'यह एक assembled वीडियो है और इसे ब्लैकमेल करने के इरादे से लीक किया गया है… किसी ने मुझसे इस्तीफा नहीं मांगा है.” हालांकि, उन्होंने यह भी माना कि वह उस ट्रांसपर्सन को पिछले करीब पांच साल से जानते हैं.
क्या इस विवाद से सरकार पर पड़ेगा असर?
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि लगातार सामने आ रहे विवाद सरकार की छवि को नुकसान पहुंचा सकते हैं. विपक्ष इसे “नैतिक गिरावट” का मामला बता रहा है, जबकि सत्ता पक्ष इसे साजिश करार दे रहा है. अब देखना होगा कि आने वाले दिनों में सरकार इस मामले में क्या कदम उठाती है.