पश्चिम बंगाल में इस बार सिर्फ 2 फेज में चुनाव, पिछली बार 8 चरणों में हुई थी वोटिंग, 5 साल में कैसे सुधर गई कहानी?
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 इस बार सिर्फ 2 चरणों में होंगे. 2016 में 7 और 2021 में 8 चरण थे. जानें चुनाव आयोग ने क्यों बदली रणनीति.
साल 2026 के लिए देश के पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों का कार्यक्रम घोषित हो चुका है. इन राज्यों में असम, पश्चिम बंगाल, केरल, तमिलनाडु और पुडुचेरी शामिल हैं. हालांकि इन सभी में सबसे ज्यादा राजनीतिक दिलचस्पी पश्चिम बंगाल के चुनाव को लेकर देखी जा रही है. इसकी बड़ी वजह यह है कि इस बार राज्य में चुनाव आठ चरणों की जगह सिर्फ दो चरणों में कराने का फैसला किया गया है.
पश्चिम बंगाल में कुल 294 विधानसभा सीटें हैं. चुनाव आयोग के कार्यक्रम के अनुसार राज्य में पहले चरण का मतदान 23 अप्रैल को होगा, जबकि दूसरे चरण का मतदान 29 अप्रैल को कराया जाएगा. इसके बाद 4 मई को चुनाव परिणाम घोषित किए जाएंगे. वहीं साल 2016 में सात चरण में चुनाव हुआ था तो वहीं साल 2021 में 8 चरण में चुनाव हुआ था इस बार दो ही चरण में चुनाव होंगे जिसके बाद चुनाव आयोग ने इस फैसले पर क्या कुछ कहां आइए एक नजर डालते हैं...
क्या पश्चिम बंगाल में इस बार सिर्फ दो चरणों में चुनाव होंगे?
चुनाव आयोग ने इस बार मतदान प्रक्रिया को सरल और सुविधाजनक बनाने के उद्देश्य से चरणों की संख्या कम करने का निर्णय लिया है. इस फैसले पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा कि 'इस संबंध में आयोग ने विस्तार से विचार-विमर्श किया है. Election Commission of India की राय में यह आवश्यक था कि चुनाव के चरणों की संख्या कम की जाए, ताकि प्रक्रिया को इस स्तर तक लाया जा सके जहां यह सभी के लिए अधिक सुविधाजनक हो."
क्या चुनावी हिंसा से जुड़े पुलिस अधिकारियों पर भी होगी कार्रवाई?
पश्चिम बंगाल में पिछले चुनावों के दौरान हुई हिंसा को ध्यान में रखते हुए चुनाव आयोग ने इस बार सख्ती बरतने का संकेत दिया है. ज्ञानेश कुमार ने बताया कि आयोग ने उन पुलिस अधिकारियों की सूची मांगी है जो पिछले चुनावों में हिंसा से जुड़े मामलों में सामने आए थे. आयोग के अनुसार ऐसे अधिकारियों के खिलाफ कानून के अनुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी.
क्या पूरक मतदाता सूची को लेकर नया कदम उठाया गया है?
मतदाता सूची से जुड़े मुद्दे पर भी चुनाव आयोग ने महत्वपूर्ण जानकारी दी है. ज्ञानेश कुमार के अनुसार Supreme Court of India के आदेश के अनुसार Calcutta High Court के निर्देश पर कार्य कर रहे न्यायाधीश इस पूरक सूची को तैयार करेंगे. जैसे-जैसे नए नामों की यह सूची जारी होगी, उन्हें मौजूदा मतदाता सूची में जोड़ दिया जाएगा.'
पिछले चुनावों में कितने चरणों में हुई थी वोटिंग?
साल 2021 के विधानसभा चुनाव में पश्चिम बंगाल में मतदान आठ चरणों में कराया गया था.
पहला चरण: 27 मार्च
दूसरा चरण: 1 अप्रैल
तीसरा चरण: 6 अप्रैल
चौथा चरण: 10 अप्रैल
पांचवां चरण: 17 अप्रैल
छठा चरण: 22 अप्रैल
सातवां चरण: 26 अप्रैल
आठवां चरण: 29 अप्रैल
इन चुनावों के नतीजे 2 मई 2021 को घोषित किए गए थे.
क्या 2021 चुनाव में ममता बनर्जी की पार्टी ने शानदार जीत दर्ज की थी?
पिछले विधानसभा चुनाव में ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने जोरदार जीत हासिल की थी. 294 सीटों वाली विधानसभा में टीएमसी ने 213 सीटों पर जीत दर्ज कर लगातार तीसरी बार सत्ता हासिल की थी. वहीं बीजेपी 77 सीटों के साथ राज्य में पहली बार मुख्य विपक्षी पार्टी बनकर उभरी थी. दूसरी ओर लेफ्ट और कांग्रेस गठबंधन एक भी सीट नहीं जीत सका था, जबकि इंडियन सेक्युलर फ्रंट और एक निर्दलीय उम्मीदवार को एक-एक सीट मिली थी.
क्या इस बार बंगाल में त्रिकोणीय या बहुकोणीय मुकाबला देखने को मिलेगा?
2026 के चुनाव को लेकर राजनीतिक समीकरण तेजी से बदलते नजर आ रहे हैं. टीएमसी ने 'एकला चलो' की रणनीति अपनाने का संकेत दिया है. बीजेपी भी अकेले दम पर चुनावी मैदान में उतरने की तैयारी कर रही है. कांग्रेस के भीतर भी यह आवाज उठ रही है कि पार्टी लेफ्ट के साथ गठबंधन किए बिना अकेले चुनाव लड़े. हालांकि कांग्रेस और वामपंथी दलों के बीच संभावित गठबंधन को लेकर स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है. इसके अलावा हुमायूं कबीर के नेतृत्व में एक नई पार्टी भी पहली बार चुनावी मैदान में उतरने की तैयारी कर रही है.