किसके दवाब में थे कॉन्फिडेंट ग्रुप के चेयरमैन सी.जे. रॉय? बेंगलुरु IT रेड के बीच खुद को मारी गोली, इस शख्स का नाम आया सामने

बेंगलुरु में कॉन्फिडेंट ग्रुप के संस्थापक और चेयरमैन सी.जे. रॉय (57) की मौत से हड़कंप मच गया है. आयकर विभाग की छापेमारी के दौरान रॉय ने अपने ऑफिस में खुद को गोली मार ली. उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया. पुलिस के अनुसार यह आत्महत्या का मामला लग रहा है और इसे असामान्य मौत के तौर पर दर्ज किया गया है.;

( Image Source:  Instagram: dr.roy.cj )
Edited By :  रूपाली राय
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बेंगलुरु में एक बड़ा और दुखद हादसा हुआ है. कॉन्फिडेंट ग्रुप के फाउंडर और चेयरमैन सी.जे. रॉय (उम्र 57 साल) ने शुक्रवार को अपने ऑफिस में खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली. पुलिस ने इसकी पुष्टि की है. यह घटना तब हुई जब इनकम टैक्स विभाग की टीम उनके कंपनी के ऑफिस में छापेमारी कर रही थी. छापेमारी पिछले तीन दिनों से चल रही थी और यह गुरुवार से फिर शुरू हुई थी. आयकर अधिकारियों ने जांच के दौरान पता लगाया था कि रॉय के पास उनकी बताई हुई कमाई से बहुत ज्यादा प्रॉपर्टी है. इस वजह से वे काफी परेशान थे. सूत्रों के मुताबिक, बार-बार हो रही इन छापेमारियों और जांच के दबाव से रॉय बहुत तनाव में थे.

पुलिस कमिश्नर सीमांत कुमार सिंह ने घटनास्थल पर जाकर मीडिया को बताया कि यह घटना दोपहर करीब 3 बजे से 3:30 बजे के बीच हुई.  रॉय ने अपने ऑफिस में खुद को गोली मारी. गोली लगने के बाद उन्हें तुरंत एचएसआर लेआउट के नारायण अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. पुलिस ने कहा कि शुरुआती जांच में यह आत्महत्या ही लग रही है. जांच पूरी होने के बाद ही साफ तौर पर सब कुछ पता चलेगा. पुलिस ने यह भी कहा कि छापेमारी की टीम केरल से आई थी. अभी तक पुलिस ने उन आयकर अधिकारियों से बात नहीं की है, लेकिन जल्द ही उनसे पूछताछ होगी. अगर कोई शिकायत आई तो जांच को उसी आधार पर आगे बढ़ाया जाएगा. फिलहाल इसे असामान्य मौत का मामला दर्ज किया गया है. 

कौन थे रॉय के भाई सी.जे.

रॉय के भाई सी.जे. बाबू जो व्हाइट गोल्ड कंपनी के मालिक हैं ने बहुत गुस्से और दुख के साथ आरोप लगाया है कि आयकर अधिकारियों का लगातार उत्पीड़न और अत्यधिक दबाव ही उनके भाई की मौत की मुख्य वजह बना. बाबू ने कहा कि उनके भाई पर कोई कर्ज नहीं था, कोई बड़ा विवाद या दुश्मन नहीं था, और आर्थिक तंगी भी नहीं थी. वे पूरी तरह सामान्य और खुशमिजाज थे. बाबू ने बताया कि शुक्रवार सुबह करीब 10-11 बजे रॉय ने उन्हें फोन किया और कहा कि आयकर अधिकारी आए हैं और उन पर बहुत ज्यादा दबाव डाल रहे हैं. दबाव इतना असहनीय हो गया था कि वे टूट गए.

किसके दवाब में थे सी.जे. बाबू

बाबू ने खास तौर पर केरल से आए आयकर टीम के अतिरिक्त आयुक्त कृष्ण प्रसाद पर आरोप लगाया कि उनकी वजह से यह सब हुआ. परिवार के मुताबिक, रॉय का परिवार पत्नी और बच्चे दुबई में रहता है. पिछले महीने केरल में हुई छापेमारी के बाद आयकर विभाग ने उन्हें बेंगलुरु में रहने और जांच में सहयोग करने को कहा था इसलिए वे दुबई से लौट आए थे. शुक्रवार को वे दोपहर करीब 2 बजे ऑफिस पहुंचे.  वहां से लगभग 90 मिनट तक उनसे सख्त पूछताछ हुई. पूछताछ के बाद अधिकारियों ने कुछ खास दस्तावेज मांगे. रॉय ने कहा कि वे दस्तावेज लेकर आते हैं और अपने केबिन में चले गए. लेकिन वहां से वे पिस्तौल लेकर आए और अपने सीने की बाईं तरफ गोली मार ली. घटना के तुरंत बाद कर्मचारियों ने उन्हें पास के नारायण अस्पताल (एचएसआर लेआउट) ले जाया, लेकिन ज्यादा खून बहने की वजह से डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. परिवार का आरोप है कि घटना के बाद आयकर अधिकारी तीन इनोवा गाड़ियों में 10 से ज्यादा बैग दस्तावेजों से भरे लेकर चले गए.

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पुलिस का क्या कहना है?

बेंगलुरु के पुलिस कमिश्नर सीमांत कुमार सिंह ने घटनास्थल का दौरा किया और बताया कि यह घटना दोपहर करीब 3:15 बजे हुई. कंपनी के एक निदेशक ने शिकायत दर्ज कराई है. पुलिस ने कहा कि रॉय ने अपनी लाइसेंसी पिस्तौल (जो हमेशा उनके ब्रिफकेस में रखी रहती थी) से खुद को गोली मारी. पुलिस अब जांच कर रही है कि पिस्तौल का मॉडल क्या था, कितनी गोलियां चलीं, और लाइसेंस वैध था या नहीं. रॉय के दो मोबाइल फोन भी जब्त कर लिए गए हैं. पुलिस ने आयकर अधिकारियों से भी पूछताछ की है. अभी इसे असामान्य मौत (unnatural death) का केस दर्ज किया गया है. अगर परिवार कोई लिखित शिकायत करेगा तो अलग से एफआईआर हो सकती है. 

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निष्पक्ष जांच की मांग

कॉन्फिडेंट ग्रुप के कानूनी सलाहकार पटापट प्रकाश ने कहा कि रॉय एक बहुत जिम्मेदार और मजबूत इंसान थे. कोविड के समय में भी उन्होंने अपने कर्मचारियों को पूरी सैलरी दिया था. इतने मजबूत व्यक्ति का ऐसा कदम उठाना दिखाता है कि उन पर कितना भारी दबाव था. वे निष्पक्ष और पूरी जांच की मांग कर रहे हैं. रॉय की पत्नी और बच्चे दुबई से शनिवार सुबह बेंगलुरु पहुंचने वाले थे. उनका शव पहले नारायण अस्पताल से सेंट जॉन अस्पताल ले जाया गया है, जहां परिवार के आने के बाद पोस्टमार्टम होगा. अस्पताल के आसपास भारी पुलिस बल तैनात है. यह घटना पूरे रियल एस्टेट जगत, कंपनी के कर्मचारियों और ग्राहकों के लिए बहुत बड़ा सदमा है. कॉन्फिडेंट ग्रुप दक्षिण भारत की एक बड़ी कंपनी है, जो केरल, कर्नाटक और अन्य जगहों पर प्रोजेक्ट्स चलाती है. रॉय को लग्जरी कारों (जैसे बुगाटी) के शौक और फिल्म प्रोडक्शन (मोहनलाल की कैसानोवा जैसी फिल्में) के लिए भी जाना जाता था.

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