किसी का मर्डर तो किसी की रहस्यमयी मौत, चंद्रनाथ रथ पहले नहीं, Suvendu Adhikari के और भी करीबियों की गई ऐसे जान

सुवेंदु अधिकारी के पीए चंद्रनाथ रथ की हत्या के बाद बंगाल में बवाल मचा हुआ है, लेकिन ये पहली बार नहीं है जब सुवेंदु अधिकारी के करीबी की हत्या हुई हो इससे पहले 3 बार ऐसा देखने को मिल चुका है.

Suvendu Adhikari pa Chandranath Rath Murder

Edited By :  विशाल पुंडीर
Updated On : 8 May 2026 12:48 PM IST

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में इस बार भाजपा ने शानदार जीत हासिल करके 15 सालों से राज करने वाली ममता बनर्जी की टीएमसी को सत्ता से बाहर कर दिया. बंगाल में भाजपा ने सुवेंदु अधिकारी ने भी इस बार अपनी दोनों सीटों पर जीत हासिल की, जिसमें एक सीट पर उन्होंने ममता बनर्जी को हराया. वहीं भाजपा की जीत के साथ ही 6 मई को सुवेंदु अधिकारी के पीए चंद्रनाथ रथ की गोली मारकर हत्या कर दी गई, जिससे राज्य का माहौल गरमा गया है.

अभी तक सुवेंदु के पीए की मौत के कारणों और मारने वालों का पता नहीं चल पाया है, लेकिन इस घटना ने एक बार फिर से सुवेंदु अधिकारी के करीबियों की पहले हुई हत्याओं की यादों को ताजा कर दिया है. बता दें, ये पहली बार नहीं है कि जब अधिकारी के पीए या किसी करीबी की गोली मारकर हत्या कर दी गई हो. इससे पहले 3 बार ऐसा हो चुका है.

कब-कब हुई अधिकारी के करीबियों की हत्या?

1. साल में 2013 प्रदीप झा की रहस्यमयी मौत

यह पहला मौका नहीं है जब सुवेंदु अधिकारी के किसी करीबी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई हो. अगस्त 2013 में उनके पूर्व निजी सहायक और राजनीतिक सचिव प्रदीप झा का शव कोलकाता के स्ट्रैंड रोड पर मिला था. 42 वर्षीय प्रदीप झा बारासात के रहने वाले थे और तृणमूल कांग्रेस के कई सांसदों के साथ काम कर चुके थे. वह सड़क किनारे बेहोश अवस्था में पाए गए थे, लेकिन वहां मौजूद लोगों को यह तक नहीं पता था कि वह वहां कैसे पहुंचे.

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में अत्यधिक शराब सेवन के बाद दम घुटने की आशंका जताई गई थी, लेकिन परिवार और राजनीतिक सहयोगियों ने इस थ्योरी को खारिज करते हुए हत्या का आरोप लगाया था. हालांकि मामले की जांच शुरू हुई, लेकिन आज तक कोई निर्णायक निष्कर्ष सामने नहीं आ सका.

2. 2018 में सुरक्षा कर्मी की मौत

साल 2018 में सुवेंदु अधिकारी की सुरक्षा में तैनात राज्य सशस्त्र पुलिस के जवान सुभब्रता चक्रवर्ती की भी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी. उन्हें पूर्वी मेदिनीपुर के कांथी स्थित पुलिस बैरक में सिर में गोली लगी हालत में पाया गया था. अस्पताल ले जाने के बाद उनकी मौत हो गई. शुरुआत में इसे आत्महत्या बताया गया, लेकिन 2021 में सुवेंदु अधिकारी के भाजपा में शामिल होने के बाद इस मामले को दोबारा खोला गया.

3. 2021 में ड्राइवर पुलक लाहिड़ी की मौत

साल 2021 पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दौरान सुवेंदु अधिकारी के करीबी सहयोगी और पूर्व ड्राइवर पुलक लाहिड़ी की मौत ने भी राज्य की राजनीति में बड़ा विवाद खड़ा कर दिया था. रिपोर्ट्स के मुताबिक, पुलक लाहिड़ी सिर्फ ड्राइवर नहीं बल्कि अधिकारी के बेहद भरोसेमंद लोगों में शामिल थे. नंदीग्राम चुनाव के दौरान वह कथित तौर पर मतगणना एजेंट के रूप में भी काम कर रहे थे. चुनाव के कुछ समय बाद ही उनका शव संदिग्ध हालत में मिला. शुरुआती रिपोर्टों में फांसी लगाकर आत्महत्या की बात कही गई, लेकिन परिवार और राजनीतिक विरोधियों ने इस पर गंभीर सवाल उठाए.

क्या उठ रहा सवाल?

चंद्रनाथ रथ की हत्या के बाद अब यह सवाल उठने लगा है कि क्या सुवेंदु अधिकारी के करीबी लोगों को लगातार निशाना बनाया जा रहा है या यह सिर्फ राजनीतिक हिंसा का हिस्सा है. फिलहाल पुलिस जांच जारी है, लेकिन पश्चिम बंगाल की सियासत में इस घटना ने नया तूफान खड़ा कर दिया है.

Similar News