क्या घर का किराया न देने के चलते शहजाद पूनावाला ने छोड़ी BJP, टीवी डिबेट में खुद किया बड़ा खुलासा, पार्टी की व्यवस्था पर क्या-क्या बोले?
शहजाद पूनावाला ने अब अपने इस्तीफे को लेकर एक टीवी डिबेट में खुलकर बातचीत की है. उनका कहना है कि वे अपनी आर्थिक स्थिति को सुधारना चाहते हैं, वे भाजपा में रहते हुए अपने घर का रेंट तक नहीं दे पा रहे थे.
shehzad poonawalla resigns from bjp
(Image Source: X/ @JaikyYadav16 )भाजपा के वरिष्ठ प्रवक्ता शहजाद पूनावाला अपने इस्तीफे को लेकर काफी चर्चाओं में हैं. शहजाद ने पिछले महीने भाजपा के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया था, लेकिन पार्टी ने उनका इस्तीफा स्वीकार नहीं किया. जिसके बाद अब एकबार फिर से शहजाद ने दूसरा लेटर लिखकर पार्टी से उनका इस्तीफा स्वीकार करने की अपील की है. हालांकि अभी तक भी भाजपा की तरफ से उनका इस्तीफा स्वीकार नहीं किया गया. अब हर किसी के मन में सवाल उठ रहा है आखिर अचानक शहजाद ने भाजपा से इस्तीफा देने का मन क्यों बना लिया?
क्या उनकी पार्टी में किसी से अनबन चल रही है, क्या उनको अब पार्टी के काम करने का तरीका पसंद नहीं आ रहा है या फिर इसके पीछे कोई और वजह हैं? हालांकि शहजाद ने अपने इस्तीफे का कारण वित्तीय स्थिति को बताया था. वहीं अब अपने इस्तीफे के कारण पर शहजाद ने NDTV चैनल की डिबेट में खुलकर बातचीत की है.
इस्तीफे के कारण पर क्या बोले शहजाद?
जब टीवी शो के दौरान शहजाद पूनावाला से एंकर ने पूछा कि इस फैसले के पीछे सबसे बड़ी चुनौती क्या थी? इस पर शहजाद ने कहा कि "आर्थिक चुनौतियां, क्योंकि मुझे अपना किराया भी देना होता है.. मेरा मकान मालिक सिर्फ इसलिए किराया माफ नहीं कर देगा कि मैं बीजेपी से जुड़ा हूं." आगे पत्रकार ने पूछा कि आपकी आय क्यों नहीं बढ़ सक? इस पर शहजाद ने जवाब दिया कि बीजेपी में वेतन देने की कोई व्यवस्था नहीं है. फिर एंकर ने पूछा फिर दूसरे प्रवक्ता अपना गुज़ारा कैसे करते हैं? शहजाद ने कहा उनमें से कई लोगों के अपने व्यवसाय हैं, कुछ सर्वे एजेंसियाँ चलाते हैं या आय के दूसरे स्रोत रखते हैं.
वही दूसरे वीडियो में शहजाद कहते हैं कि "हां, मेरे पास किराया देने के पैसे नहीं हैं. सिर्फ इसलिए कि मैं BJP का नेता हूं, इसका मतलब यह नहीं कि लोग मुझे मुफ्त में घर दे देंगे." आगे उन्होंने बताया कि "मैं BJP में गया और 24x7 काम किया, लेकिन अब मैं अपनी आर्थिक स्थिति पर ध्यान देना चाहता हूं. मैं किसी राजनीतिक विरासत वाले परिवार से नहीं आता. न कोई डायनेस्टी है, न कुछ और."
साल 2017 में शहजाद पूनावाला भाजपा पार्टी से जुड़े थे. इससे पहले वे कांग्रेस पार्टी में थे, लेकिन कांग्रेस में अध्यक्ष पद चुनाव की प्रक्रिया को लेकर हुए विवाद के बाद उन्होंने पार्टी छोड़ दी थी. शहजाद अक्सर भाजपा की तरफ से हर मुद्दे पर टीवी डिबेट में विपक्षी प्रवक्ताओं के साथ चर्चा करते दिखते थे.