पंचतत्व में विलीन हुए रतन टाटा, पूरे राजकीय सम्मान से हुआ अंतिम सस्कार
Ratan Tata: देश के जाने- माने बिजनेसमैन रतन टाटा का अंतिम संस्कार वर्ली श्मशान घाट में राजकीय सम्मान के साथ हुआ. तस्वीरों में देखा जा सकता है कि उन्हें आखिरी बार देखने के लिए मानों मुंबई थम सी गई हो.
Ratan Tata: देश के जाने- माने बिजनेसमैन रतन टाटा का अंतिम संस्कार वर्ली श्मशान घाट में राजकीय सम्मान के साथ हुआ. तस्वीरों में देखा जा सकता है कि उन्हें आखिरी बार देखने के लिए मानों मुंबई थम सी गई हो, मुंबई के कोलाबा स्थित टाटा के आवास से लेकर NCPA तक लोगों की भारी भीड़ देखने को मिली.
रतन टाटा अब वर्ली श्मशान घाट में सुपुर्द ए- खाक में तब्दील हो गए हैं. उन्हें आखिरी बार देखने के लिए मानों मुंबई थम सी गई हो तस्वीरों को देख कर लग रहा है. कोलाबा स्थित टाटा के आवास से लेकर NCPA तक लोगों की भारी भीड़ देखने को मिली.
श्रद्धांजलि देने के लिए उमड़ा जनशैलाब
रतन टाटा को श्रद्धांजलि देने व उनके अंतिम दर्शन के लिए नेताओं से लेकर अभिनेता, खिलाड़ी और आम लोगों तक उनके अंतिम दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं. उद्धव ठाकरे, शरद पवार, सुप्रिया सुले, राज ठाकरे से लेकर कुमार मंगलम बिड़ला और रवि शास्त्री ने एनसीपीए ग्राउंड पहुंचकर उन्हें श्रद्धांजलि दी.
समझे पारसी धर्म
रतन टाटा का अंतिम संस्कार पारसी नहीं बल्कि हिंदू रीति रिवाज के अनुसार खत्म किया जाएगा. उनका अंतिम संस्कार शवदाह में किया जाएगा, आइए इस खबर में जानते हैं कि किस प्रकार पारसी समुदाय में अंतिम संस्कार किया जाता है. बताओ कि पारसी लोग न बौद्धों की तरह न जलते हैं और न मुसलमानों की तरह न जलते हैं. उनकी दोनों पार्टियाँ अलग हैं.
असल में कहा जाता है कि पारसी समुदाय के लोगों का मानना है कि इंसानी शरीर प्रकृति का दिया हुआ है, जो मरने के बाद उसे वापस लौटा देता है. पूरी दुनिया में पारसी समुदाय इसी भावना के साथ मृत शरीर का अंतिम संस्कार करते हैं. मृत शरीर को टावर ऑफ साइलेंस में रखा जाता है. जिसके बाद शव को गिद्ध के करीब कर दिया जाता है.