Nashik की कंपनी में यौन उत्पीड़न का बड़ा खुलासा, 7 महिला पुलिसकर्मी भेष बदलकर घुसीं अंदर..सामने आया 4 साल का डरावना सच
नाशिक की आईटी कंपनी से आए केस ने पूरे देश को हिला कर रख दिया है. आरोप है कि यहां चार साल से महिलाओं के साथ उत्पीड़न हो रहा था. जानकारी मिलने के बाद महिला पुलिस अफसर भेष बदलकर कंपनी में गईं और रंगे हाथों आरोपियों को पकड़ लिया.
Nashik IT Company Case: महाराष्ट्र के नाशिक में एक मल्टी-नेशनल कंपनी से जुड़े यौन उत्पीड़न के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है. सात महिला पुलिस अधिकारियों ने भेष बदलकर कंपनी में प्रवेश किया. इस दौरान वे कंपनी के अंदर चल रही एक मीटिंग में पहुंचीं, जहां मुख्य आरोपी महिला कर्मचारियों के साथ दुर्व्यवहार और अनुचित व्यवहार करते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया. इस कार्रवाई के बाद कई गिरफ्तारियां की गई हैं. पुलिस फिलहाल आरोपी के खिलाफ ठोस सबूत जुटाने के लिए 40 से अधिक CCTV फुटेज क्लिप्स की जांच कर रही है.
यह मामला पिछले चार सालों से कंपनी में महिला कर्मचारियों के कथित यौन उत्पीड़न से जुड़ा है. इस संबंध में छह लोगों के खिलाफ नौ मामले दर्ज किए गए हैं. आरोपियों में एक टीम लीडर और कंपनी का एचआर भी शामिल है. शिकायत दर्ज कराने वाली महिलाओं की उम्र आम तौर पर 18 से 25 वर्ष के बीच बताई जा रही है.
क्या हैं आरोप?
इस मामले में कुल नौ FIR दर्ज की गई हैं. लगाए गए आरोपों में यौन उत्पीड़न, शादी का वादा करके बार-बार शारीरिक संबंध बनाना, जबरन धर्म परिवर्तन का प्रयास और धार्मिक अपमान शामिल हैं. इसके तहत कर्मचारियों को नमाज पढ़ने और मांसाहारी भोजन करने के लिए मजबूर करने जैसे आरोप भी लगाए गए हैं. पुलिस ने एक बयान में कहा कि जब शिकायतकर्ता ने इन घटनाओं के बारे में कंपनी के हेड ऑफिसर से बार-बार मौखिक शिकायतें कीं, तो उन्होंने छेड़छाड़ से जुड़ी उनकी शिकायतों पर कोई ध्यान नहीं दिया. इसके बजाय उन्हें काम को लेकर साइडलाइन कर दिया गया.
किस आरोपी पर क्या लगा है इल्जाम?
- दानिश शेख, तौसीफ अत्तार और निदा खान पर आरोप है कि उन्होंने हिंदू देवी-देवताओं के बारे में अपमानजनक टिप्पणियां करके एक महिला कर्मचारी की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाई.
- आरोपी तौसीफ अत्तार ने शादी का झूठा वादा करके पीड़िता के साथ शारीरिक संबंध बनाए, जबकि दानिश शेख ने ऑफिस की लॉबी में उसके साथ अश्लील हरकतें करके उसकी गरिमा को ठेस पहुंचाने की कोशिश की.
- इसके साथ ही आरोपी तौसीफ अत्तार ने एक पीड़िता की निजी जिंदगी के बारे में अश्लील सवाल पूछे और अश्लील इशारे किए. इसके अलावा, उसने ऑफिस में अन्य हिंदू महिला कर्मचारियों की मौजूदगी में हिंदू देवी-देवताओं के बारे में अपमानजनक टिप्पणियां करके धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाई.
- रज़ा मेमन और शाहरुख कुरैशी पर एक महिला कर्मचारी को घूरने, उसे गलत तरीके से छूने और उसकी निजी वैवाहिक जीवन के बारे में शर्मनाक टिप्पणियां करने का आरोप है. औपचारिक शिकायत के बावजूद, कंपनी के हेड ऑफिसर ने कार्रवाई करने के बजाय कथित तौर पर आरोपियों को बढ़ावा दिया.
- आरोपी शफी शेख पर आरोप है कि उसने पीड़िता को अश्लील तरीके से घूरा और मीटिंग के दौरान उसका मजाक उड़ाया. वहीं तौसीफ अत्तार ने पीड़िता के वैवाहिक जीवन में बच्चों की कमी को लेकर बेहद शर्मनाक टिप्पणियां कीं और शारीरिक नजदीकी बनाने की कोशिश करके उसे अपमानित किया.
- आरोपियों तौसीफ अत्तार, दानिश शेख, शाहरुख शेख और रज़ा मेमन ने पीड़िता के धर्म का अपमान किया और जबरदस्ती उसे नमाज पढ़ने के लिए मजबूर किया. उसे जबरदस्ती मांसाहारी खाना खिलाकर उसका धर्म परिवर्तन कराने की कोशिश की गई.
- आरोपियों आसिफ अंसारी और शफी शेख ने महिला कर्मचारी के शरीर के बारे में अश्लील टिप्पणियां कीं और जान-बूझकर उसे गलत तरीके से छुआ.
- आरोपियों आसिफ अंसारी, शाहरुख कुरैशी, रज़ा मेमन, तौसीफ अत्तार और शफी शेख पर पीड़िता का पीछा करने, अश्लील टिप्पणियां करने और गलत इरादे से उसे छूने का आरोप है.
- आरोपियों रज़ा मेमन और शफी शेख ने पीड़िता की मर्जी के खिलाफ उसके साथ शारीरिक नजदीकी बनाने की कोशिश की. आरोपी शफी शेख ने जबरदस्ती उसे प्रपोज किया, जबकि रज़ा मेमन ने उसके शरीर के बारे में अश्लील टिप्पणियां कीं और उसे गलत तरीके से छूने की कोशिश की.
- आरोपियों रज़ा मेमन और शाहरुख कुरैशी ने पीड़िता के साथ अश्लील बातचीत की और अश्लील हरकतें कीं. पीड़िता के मना करने के बावजूद वे उसकी निजी जिंदगी में दखल देते रहे.
अब आगे क्या कदम उठाएगी पुलिस?
पुलिस ने पांच आरोपियों को मंगलवार को गिरफ्तार किया और अगले दिन उन्हें स्थानीय अदालत में पेश किया गया. उन्हें 10 अप्रैल तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया था. एक आरोपी न्यायिक हिरासत में है. गिरफ्तार की गई सातवीं आरोपी एक महिला है, जो एचआर विभाग से जुड़ी है. उस पर यौन उत्पीड़न की रोकथाम से जुड़े नियमों के अनुसार कार्रवाई न करने का आरोप है.
एक अधिकारी ने बताया कि पुलिस कमिश्नर संदीप कर्णिक के निर्देशों पर एसीपी (अपराध) संदीप मितके के नेतृत्व में इन मामलों की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है. यह टीम इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या इस तरह का कोई बड़ा रैकेट सक्रिय है.