तस्वीरों में ऐसा क्या था जो एग्जिबिशन से हटानी पड़ी, क्या प्रियंका गांधी के बेटे रेहान वाड्रा की फोटोग्राफी से डर गया सिस्टम; क्यों छिड़ा विवाद?
कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी के बेटे रेहान वाड्रा की एग्जिबिशन से 70 तस्वीरें हटाई गई, तस्वीरों में रेहान ने हाल ही में हुए प्रोटेस्ट को दर्शाया था. इसको लेकर अब प्रियंका गांधी ने सिस्टम पर सवाल उठाए हैं.
Rehan Vadra exhibition Controversy
(Image Source: X/ @AdhiRamade22122 )कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा और रॉबर्ट वाड्रा के बेटे रेहान वाड्रा ने आरोप लगाया है कि दिल्ली के बीकानेर हाउस में उनकी सोलो एग्जिबिशन शुरू होने से कुछ घंटे पहले ही हालिया प्रोटेस्ट को दर्शाने वाली 70 से अधिक तस्वीरें हटा दी गईं. रेहान के मुताबिक, प्रशासन ने राजनीतिक संदर्भ का हवाला देते हुए तस्वीरें हटाने को कहा और ऐसा नहीं करने पर एग्जिबिशन रद्द करने की चेतावनी दी. इस कार्रवाई पर प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी नाराजगी जताई.
उन्होंने तस्वीरें हटाए जाने के फैसले को मज़ाकिया बताया और आरोप लगाया कि इस तरह युवा कलाकारों की आवाज दबाने की कोशिश की जा रही है. वहीं, रेहान का कहना है कि उनकी तस्वीरें किसी राजनीतिक दल या विचारधारा का प्रचार करने के लिए नहीं, बल्कि पिछले छह महीनों के दौरान हुए विरोध प्रदर्शनों का दृश्य रिकॉर्ड प्रस्तुत करने के लिए थीं.
क्यों हटाई गईं एग्जिबिशन से तस्वीर?
रेहान वाड्रा की एग्जिबिशन का नाम 'नो आइडिया इज फ़ाइनल' है. इसका प्रिव्यू बुधवार को आयोजित किया गया, जबकि एग्जिबिशन गुरुवार से रविवार तक दर्शकों के लिए खुलने वाली है. रेहान के अनुसार, प्रशासन ने बुधवार दोपहर करीब 3:30 बजे उन्हें बताया कि शाम 5 बजे तक कुछ तस्वीरें हटा दी जाएं, अगर ऐसा नहीं हुआ तो एग्जिबिशन को रद्द किया जा सकता है. रेहान ने दावा किया कि प्रशासन ने राजनीतिक संदर्भ का हवाला देते हुए कहा कि मौजूदा समय में इन तस्वीरों को प्रदर्शित करना उचित नहीं होगा. उनका कहना है कि उन्होंने एग्जिबिशन के लिए पहले ही प्रस्ताव और तस्वीरों की व्यवस्था से जुड़ा खाका प्रशासन के साथ साझा किया था.
रेहान ने क्या लगाए आरोप?
रेहान वाड्रा ने आरोप लगाया कि तस्वीरें हटाने की प्रक्रिया में भारतीय झंडे से जुड़ी एक तस्वीर को भी हटाने के लिए कहा गया. उन्होंने कहा "मुझे लगा कि एक भारतीय कलाकार के तौर पर यह मेरा कर्तव्य है. वे कलाकारों के काम को सेंसर कर रहे हैं, मुझे नहीं पता कि वे किससे डरे हुए हैं. वे भारतीय झंडे की तस्वीर हटाने तक चले गए." रेहान का कहना है कि उनकी तस्वीरों का उद्देश्य किसी राजनीतिक संदेश को बढ़ावा देना नहीं था, बल्कि समाज में घट रही घटनाओं को कैमरे के माध्यम से दर्ज करना था.
क्या बोली प्रियंका गांधी?
रेहान की मां और कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी तस्वीरें हटाए जाने पर आपत्ति जताई. उन्होंने कहा कि तस्वीरों में कुछ भी गलत नहीं था और वे केवल घटनाओं का दृश्य रिकॉर्ड थीं. प्रियंका गांधी ने इस फैसले को युवा कलाकारों की अभिव्यक्ति पर रोक लगाने जैसा बताया उन्होंने कहा "अब यह लोकतंत्र नहीं रहा. आज यह वह है, कल यह कोई और कलाकार होगा."
प्रदर्शनी में क्या-क्या दिखाया गया था?
समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, प्रदर्शनी में शुरुआत में 100 से अधिक तस्वीरें और आर्टवर्क शामिल थीं. इनमें वन्यजीवों की तस्वीरें, अमूर्त कला और हाल के युवा आंदोलनों को दर्शाने वाली सड़क की फोटोग्राफी शामिल थी. रेहान ने आरोप लगाया कि प्रशासन के निर्देश के बाद 70 से अधिक तस्वीरें हटा दी गईं और एग्जिबिशन में करीब 40 तस्वीरें ही बचीं. इस बदलाव का असर एग्जिबिशन स्थल पर भी दिखाई दिया. बीकानेर हाउस की सीसीए इमारत में स्थित एग्जिबिशन के पहली मंजिल वाले दो बड़े कमरे ज्यादातर खाली नजर आए. जिन लाल दीवारों पर तस्वीरें लगाई गई थीं, वहां तस्वीरें हटाए जाने के बाद कीलें दिखाई दे रही थीं.
बीकानेर हाउस प्रशासन ने क्या कहा?
तस्वीरें हटाने के आरोपों और विवाद पर बीकानेर हाउस के एक अधिकारी से प्रतिक्रिया मांगी गई, लेकिन उन्होंने टिप्पणी करने से इनकार कर दिया. अधिकारी ने कहा कि वे इस मामले पर बयान देने के लिए ऑथराइज नहीं हैं.