11 नंबर ने छीन लिया डॉक्टर बनने का सपना! महाराष्ट्र में 19 साल की NEET छात्रा ने की आत्महत्या, पीछे छोड़ गई सुसाइड नोट; 10 Points

महाराष्ट्र के अहिल्यानगर में 19 वर्षीय NEET छात्रा ने कथित तौर पर आत्महत्या कर ली. छात्रा 11 अंकों से क्वालिफाई करने से चूक गई थी. 10 प्वाइंट्स में जानें क्या है पूरा मामला

Edited By :  समी सिद्दीकी
Updated On : 27 July 2026 12:38 PM IST

महाराष्ट्र के अहिल्यानगर जिले से एक बेहद दुखद मामला सामने आया है. यहां 19 साल की एक NEET अभ्यर्थी ने कथित तौर पर आत्महत्या कर ली. छात्रा डॉक्टर बनना चाहती थी, लेकिन परीक्षा में उम्मीद के मुताबिक अंक नहीं आने से वह गहरे सदमे में चली गई. पुलिस को मौके से एक सुसाइड नोट भी मिला है, जिसमें उसने अपनी मौत के लिए किसी को जिम्मेदार न ठहराने की बात लिखी है.

यह घटना ऐसे समय हुई है, जब देशभर में NEET परीक्षा को लेकर लगातार विवाद, परीक्षा प्रणाली में सुधार की मांग और छात्रों पर बढ़ते मानसिक दबाव को लेकर बहस जारी है. पिछले कई सप्ताह तक छात्र दिल्ली में प्रदर्शन करते रहे और परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता व जवाबदेही की मांग उठाते रहे.

क्या है पूरा मामला?

1. मृतक छात्रा महाराष्ट्र के अहिल्यानगर जिले के कर्जत तालुका के जलालपुर गांव की रहने वाली थी. पुलिस के अनुसार, उसने 3 मई को आयोजित NEET परीक्षा दी थी. संशोधित परीक्षा कार्यक्रम के बाद 21 जून को हुई दोबारा परीक्षा में भी वह शामिल हुई थी.

2. परिजनों के मुताबिक, छात्रा को उम्मीद थी कि उसे 300 से अधिक अंक मिलेंगे. परिणाम घोषित होने पर उसे 166 अंक मिले. बताया जा रहा है कि क्वालिफाई करने के लिए 177 अंकों की जरूरत थी और वह 11 अंक से पीछे रह गई.

3. कम अंक आने के बाद वह काफी निराश और परेशान रहने लगी थी. पुलिस के मुताबिक, घटना 25 जुलाई की शाम करीब 4:30 बजे की है.

4. उस समय छात्रा के पिता और भाई आषाढ़ी एकादशी के दर्शन के लिए पंढरपुर गए हुए थे. उसकी मां घर पर घरेलू काम कर रही थीं. छात्रा अपने निजी पढ़ाई वाले कमरे में चली गई.

5. काफी देर तक बाहर नहीं आने पर मां ने कमरे का दरवाजा खोला, जहां वह फंदे से लटकी मिली. इसके बाद उसे मृत घोषित कर दिया गया.

6. पुलिस को कमरे से छात्रा का हाथ से लिखा हुआ सुसाइड नोट मिला. नोट में लिखा था, "NEET में उम्मीद के मुताबिक अंक नहीं मिलने और डॉक्टर बनने का सपना पूरा न होने की वजह से मैं डिप्रेशन में चली गई." उसने यह भी लिखा कि उसकी मौत के लिए उसके माता-पिता या भाई को जिम्मेदार न ठहराया जाए.

7. अधिकारियों के अनुसार, परिवार ने किसी तरह की साजिश या आपराधिक घटना का आरोप नहीं लगाया है. यह घटना ऐसे समय सामने आई है, जब पूरे देश में NEET परीक्षा को लेकर बहस जारी है.

8. परीक्षा प्रणाली में सुधार, पारदर्शिता और छात्रों पर बढ़ते मानसिक दबाव को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं. पिछले कई सप्ताह तक हजारों छात्रों ने दिल्ली में प्रदर्शन कर परीक्षा व्यवस्था में सुधार और जवाबदेही तय करने की मांग की.

9. छात्र संगठनों का कहना था कि परीक्षा प्रक्रिया को लेकर लगातार बनी अनिश्चितता का छात्रों पर गहरा मानसिक असर पड़ा है. इसी मुद्दे पर बढ़ते दबाव के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दिया था.

10. छात्र संगठनों ने परीक्षा प्रणाली में स्थायी और संरचनात्मक सुधार की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने.

डिस्क्लेमर: अगर आपको या आपके किसी जानने वाले को आत्महत्या के विचार आ रहे हैं या कोई संकट है, तो कृपया तुरंत मदद लें. यहां आत्महत्या-रोकथाम करने वाले कुछ संगठनों के हेल्पलाइन नंबर दिए गए हैं, जो लोगों और परिवारों को भावनात्मक सहारा दे सकते हैं. ये सेवाएं मुफ़्त और गोपनीय हैं. मित्रम फ़ाउंडेशन (बेंगलुरु) 080-25722573 COOJ मेंटल हेल्थ फ़ाउंडेशन (गोवा): 0832-2252525 संजीवनी (दिल्ली) सेंटर 1 (जंगपुरा): 011-24311918, 011-24318883, 011-43001456, सेंटर 2 (कुतुब इंस्टीट्यूशनल एरिया): 011-40769002, 011-41092787 वंद्रावेला फ़ाउंडेशन (गुजरात) 18602662345 लाइफ़ सुसाइड प्रिवेंशन (आंध्र प्रदेश): 78930 78930

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