मुंबई के मलाड ईस्ट में एक बंद पड़े डेकेयर सेंटर से शव मिलने के बाद इलाके में सनसनी फैल गई. बिल्डिंग के बाहर लगे बोर्ड पर 'डे-केयर सेंटर' जल्द ही खुलने वाला है लिखा था, लेकिन सेंटर का गेट लंबे समय से बंद था. कुछ दिनों से आसपास रहने वाले लोगों को अंदर से तेज गंद महसूस हो रही थी. जब बदबू लगातार बढ़ती गई और लोगों का वहां रहना मुश्किल हो गया, तो पड़ोसियों ने पुलिस को सूचना दी.

शिकायत मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और बंद परिसर का गेट खोला. अंदर दाखिल होते ही बदबू और तेज महसूस हुई. तलाशी के दौरान पुलिस को वहां एक शव मिला. शुरुआती जांच में सामने आया कि मृतक की मौत करीब चार साल पहले, जून 2022 में दिल का दौरा पड़ने से हुई थी. इसके बाद शव को अंतिम संस्कार के बजाय देखभाल करके रखा गया था.

इतने दिन तक क्यों रखा गया शव?

मलाड ईस्ट स्थित यह डे-केयर सेंटर बंद था और उसके मुख्य गेट पर ताला लगा हुआ था. आसपास के लोगों ने जब लगातार आती बदबू पर ध्यान दिया, तो उन्हें शक हुआ कि बिल्डिंग के भीतर कुछ तो है. पुलिस के पहुंचने के बाद गेट खोला गया. सेंटर के अंदर तलाशी के दौरान शव बरामद हुआ. इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी और शव को लेकर जरूरी कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ाई.

पुलिस की शुरुआती जांच के मुताबिक, जिस व्यक्ति का शव मिला, उसकी मौत जून 2022 में दिल का दौरा पड़ने के कारण हुई थी. मौत के बाद सामान्य तरीके से अंतिम संस्कार नहीं किया गया. बताया जा रहा है कि मृतक की बेटी अपने पिता के बेहद करीब थी. वह उन्हें अपने आसपास ही रखना चाहती थी. इसी वजह से उसने उनके शरीर को संरक्षित रखने का फैसला किया.

कौन कर रहा था शव की देखभाल?

जानकारी के मुताबिक, बेटी ने पिता के अंतिम संस्कार के बजाय उनके पार्थिव शरीर को लंबे समय तक सुरक्षित रखने के लिए एक विदेशी कंपनी की मदद ली थी. इसी प्रक्रिया के तहत शव को डे-केयर सेंटर के परिसर में रखा गया था. बताया जा रहा है कि पिता के प्रति गहरे लगाव के कारण महिला ने यह फैसला लिया था. हालांकि, इतने लंबे समय तक शव को इस तरह रखे जाने को लेकर अब कई सवाल खड़े हो रहे हैं.

कहां तक पहुंची पुलिस जांच?

मामले में महिला ने अपना पक्ष रखने के लिए वकीलों की मदद ली है. वहीं, कुरार पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है. पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि शव को इतने लंबे समय तक किस परिस्थिति में संरक्षित रखा गया और इस मामले में किन कानूनी पहलुओं को लागू किया जा सकता है. फिलहाल पुलिस पारिवारिक परिस्थितियों के साथ-साथ मामले से जुड़े अन्य तथ्यों की भी जांच कर रही है.