2 भारतीयों की मौत-1 गायब, Middle East War पर भारत सरकार ने क्या-क्या अपडेट दिया?
मिडिल ईस्ट में बढ़ते संघर्ष के बीच भारत के दो नागरिकों की मौत हो गई है और एक व्यक्ति अब भी लापता है. विदेश मंत्रालय के अनुसार यह घटना उन व्यापारी जहाजों पर हमले के दौरान हुई जिन पर भारतीय काम कर रहे थे.
Iran Israel War, Middle Ease Crisis: मिडिल ईस्ट में चल रहे संघर्ष के बीच भारत के लिए एक दुखद खबर सामने आई है. भारत सरकार ने पुष्टि की है कि इस संघर्ष के दौरान दो भारतीय नागरिकों की मौत हो गई है, जबकि एक भारतीय अब भी लापता है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Randhir Jaiswal ने बुधवार को इस बारे में जानकारी दी. उन्होंने बताया कि ये घटनाएं उस समय हुईं जब भारतीय नागरिक व्यापारी जहाजों (Merchant Vessels) पर काम कर रहे थे और ये जहाज संघर्ष वाले समुद्री इलाकों में हमले का शिकार हो गए.
प्रवक्ता ने कहा कि सरकार इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त करती है. वह पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है. उन्होंने बताया कि इन हमलों में दो भारतीयों की मौत हो गई. एक व्यक्ति अब भी लापता है, जिसकी तलाश जारी है.
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने क्या-क्या बताया?
- विदेश मंत्रालय के अनुसार, संघर्ष के बीच खाड़ी क्षेत्र में कुछ भारतीय नागरिक घायल भी हुए हैं. रिपोर्ट के मुताबिक एक भारतीय इजरायल में घायल हुआ है, जबकि दुबई में भी एक भारतीय के घायल होने की खबर मिली है.
- सरकार ने कहा कि भारतीय दूतावास और अधिकारी इन सभी लोगों के लगातार संपर्क में हैं और उन्हें हर संभव मदद दी जा रही है.
- प्रवक्ता ने बताया कि खाड़ी देशों में करीब 1 करोड़ भारतीय रहते और काम करते हैं. इसलिए उनकी सुरक्षा सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता है.
- मिडिल ईस्ट के सभी देशों में मौजूद भारतीय दूतावास लगातार वहां रहने वाले भारतीयों से संपर्क बनाए हुए हैं और स्थिति पर नजर रखे हुए हैं.
- स्थिति को देखते हुए विदेश मंत्रालय ने 24 घंटे चलने वाला एक विशेष कंट्रोल रूम भी शुरू किया है. यह कंट्रोल रूम संकट में फंसे भारतीयों की कॉल और ईमेल का जवाब दे रहा है. इसके साथ ही, जरूरत पड़ने पर दूतावासों से समन्वय कर मदद भी पहुंचा रहा है.
- प्रवक्ता के अनुसार, सिर्फ एक दिन में ही कंट्रोल रूम को 75 फोन कॉल और 11 ईमेल मिले, जिनमें लोगों ने मदद और जानकारी मांगी.
पीएम मोदी और विदेश मंत्री लगातार संपर्क में
इस बीच प्रधानमंत्री Narendra Modi भी मिडिल ईस्ट के कई देशों के नेताओं से लगातार बातचीत कर रहे हैं. उन्होंने यूएई, कतर, सऊदी अरब, ओमान, बहरीन, जॉर्डन, कुवैत और इजरायल के नेताओं से बात की है. वहीं भारत के विदेश मंत्री S. Jaishankar भी क्षेत्र के देशों के विदेश मंत्रियों के साथ लगातार संपर्क में हैं, जिनमें ईरान भी शामिल है.
कैसे बढ़ा मिडिल ईस्ट में तनाव?
दरअसल क्षेत्र में तनाव तब और बढ़ गया जब 28 फरवरी को अमेरिका और इजराइल के संयुक्त सैन्य हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता Ali Khamenei की मौत हो गई. इसके बाद ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए इजराइल और अमेरिका से जुड़े ठिकानों और जहाजों को निशाना बनाया, जिससे खाड़ी क्षेत्र में समुद्री मार्गों पर भी खतरा बढ़ गया. इसका असर अंतरराष्ट्रीय व्यापार, ऊर्जा आपूर्ति और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी पड़ रहा है.