Aaj ki Taaza Khabar: POCSO मामले में जमानत पर सुनवाई के दौरान बोले शंकराचार्य- हमारे लिए हर दिन महत्वपूर्ण
Aaj ki Taaza Khabar Live News: स्टेट मिरर हिंदी के लाइव ब्लॉग में आपका स्वागत है. यहां आपको दिनभर की ब्रेकिंग, बड़ी खबरें और हेडलाइन देखने को मिलेगी. शुक्रवार 27 फरवरी 2026 को देश, दुनिया, खेल और मनोरंजन जगत में क्या-क्या खास रहा, जानने के लिए यहां पढ़ें LIVE UPDATE.
राउज़ एवेन्यू कोर्ट पहुंचे मनीष सिसोदिया
आम आदमी पार्टी के नेता और दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया दिल्ली उत्पाद शुल्क नीति मामले की सुनवाई के लिए राउज़ एवेन्यू कोर्ट पहुंचे.
तमिलनाडु के पूर्व सीएम ओ. पन्नीरसेल्वम DMK में शामिल
पूर्व मुख्यमंत्री और एआईएडीएमके से निष्कासित नेता ओ. पन्नीरसेल्वम ने पार्टी प्रमुख और मुख्यमंत्री एमके स्टालिन, उपमुख्यमंत्री उदयनिधि स्टालिन और अन्य की उपस्थिति में डीएमके में शामिल हो गए.
झारखंड में मतगणना शुरू
झारखंड में शहरी स्थानीय निकाय चुनावों के लिए मतगणना शुरू हो गई है. 9 नगर निगमों, 20 नगर परिषदों और 19 नगर पंचायतों सहित 48 स्थानीय निकायों के लिए चुनाव 23 फरवरी को हुए थे.
NCERT बुक विवाद पर क्या बोले शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान?
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा, "हम न्यायपालिका का सम्मान करते हैं. जो कुछ भी हुआ वह दुर्भाग्यपूर्ण है. मैं सरकार की ओर से और व्यक्तिगत रूप से भी खेद व्यक्त करता हूं. दो दिन पहले जैसे ही मुझे इसकी जानकारी मिली, मैंने एनसीईआरटी को सभी पुस्तकें वापस लेने और रद्द करने का निर्देश दिया. हमारा न्यायिक प्रणाली का अपमान करने का कोई इरादा नहीं है. सर्वोच्च न्यायालय के जो भी आदेश होंगे, उनका पालन किया जाएगा. मैंने अपने विभाग के सचिव को यह जिम्मेदारी सौंपी है कि एनसीईआरटी की पुस्तक में इस तरह का गैर-जिम्मेदाराना अध्याय जोड़ने वाले के खिलाफ कार्रवाई की जाए. हम इस मामले को गंभीरता से ले रहे हैं."
POCSO मामले में जमानत सुनवाई के दौरान क्या बोले शंकराचार्य?
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने अपने खिलाफ दायर POCSO मामले में जमानत सुनवाई के दौरान कहा, "देखिए, हमारे लिए हर दिन महत्वपूर्ण है. सिर्फ एक दिन मायने नहीं रखता, सभी दिन महत्वपूर्ण हैं. अपने लोगों के सामने अपने विचार रखना हमारा कर्तव्य है और हम ऐसा जरूर करेंगे. बाकी सब अदालत के विवेक और निर्णय पर निर्भर करता है. अब, जाहिर है, दूसरा पक्ष भी यह सुनिश्चित करने की कोशिश करेगा कि हमें राहत न मिले. प्रक्रिया इसी तरह चलती है. यह स्वाभाविक है - वे अपना काम करेंगे और हम अपना."