Petrol Pumps पर लंबी-लंबी लाइनें-PM मुख्यमंत्रियों के साथ करेंगे बैठक, सब कंट्रोल में तो अफवाह कैसे भारी?

पेट्रोल और डीजल को लेकर लगातार पैनिक बना हुआ है. सरकार के लगातार अपील करने के बाद भी कि भारत में ईंधन की कोई किल्लत नहीं है, आखिर ऐसा क्यों हो रहा है. सोशल मीडिया पर तस्वीरें सामने आ रही हैं, जिनमें लोग बर्तन, टंकी, गैलन बोटल, पानी की बोतलों में पेट्रोल और डीजल भरते नजर आ रहे हैं.

India Fuel Crisis Havoc: भारत में लगातार अफवाह फैल रही है कि पेट्रोल और डीजल का भयानक संकट आने वाला है, हालांकि सरकार लगातार इस बात को दोहरा रही है कि भारत में किसी तरह की कोई समस्या नहीं होने वाली है और हिंदुस्तान के पास अभी काफी पेट्रोलियम स्टॉक है.

इस सब के बावजूद भी जनता मानने को तैयार नहीं है और अलग-अलग राज्यों में पेट्रोल पंप के बाहर लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं. पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय हर शाम को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर जानकारी दे रहा है और लोगों से पैनिक न होने की सलाह दे रही है.

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने क्या कहा?

नई दिल्ली में हुई एक उच्चस्तरीय बैठक के दौरान पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने बताया कि भारत के पास 26 करोड़ टन कच्चे तेल को प्रोसेस करने की क्षमता मौजूद है. उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी को लेकर फैल रही खबरें पूरी तरह बेबुनियाद हैं और लोगों को इन अफवाहों पर भरोसा नहीं करना चाहिए.

सरकार कह रही सब सही, तो कैसे फैल रही है अफवाह?

पीटीआई की एक रिपोर्ट के मुताबिक, प्रयागराज के एक पेट्रोल पंप के मालिक का कहना है कि हमारे पास पेट्रोल सही मात्रा में है, बस यह मामला है कि कुछ पेट्रोल पंप के लिए ट्रक जल्दी आ रहा है और कुछ के देर में आ रहे हैं, जिसकी वजह से कई बार पेट्रोल-डीजल नहीं मिल पाता है. अगर आप उस पेट्रोल पंप पर कुछ घंटे बाद चेक करेंगे तो आपको पेट्रोल मिल जाएगा. यही वजह है कि लोगों के बीच पैनिक क्रिएट हो रहा है और लोग टंकी, बर्तन और दूसरा सामान लेकर पेट्रोल पंप पहुंच रहे हैं.

पीएम मोदी की राज्यों के सीएम के साथ मीटिंग, क्या हैं मायने?

उधर, पीएम मोदी कल अलग-अलग राज्यों के सीएम के साथ मीटिंग करने वाले हैं. इस मीटिंग में पांच राज्यों जिनमें चुनाव हैं, उन्हें छोड़कर सभी राज्यों के सीएम शामिल होने वाले हैं. ये मीटिंग मिडिल ईस्ट संकट पर होने वाली है. लोगों के मन में सवाल है कि आखिर इस मीटिंग के क्या मायने हैं. आमतौर पर मोदी सीएम के साथ मीटिंग नहीं करते हैं और आखिरी बार उन्होंने ऐसा कोविड काल के दौरान ही किया था.

उमर अब्दुल्ला क्यों हुए नाराज़?

जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने पेट्रोल पंपों पर बढ़ती भीड़ को लेकर लोगों से संयम बरतने की अपील की है. उन्होंने कहा कि फ्यूल की कमी को लेकर फैल रही अफवाहों पर भरोसा करने की जरूरत नहीं है. उन्होंने चेतावनी देते हुए यह भी कहा कि अगर लोग इसी तरह पंपों पर भीड़ लगाते रहे, तो स्थिति संभालने के लिए सरकार को कुछ समय के लिए पेट्रोल पंप बंद करने जैसे कड़े कदम उठाने पड़ सकते हैं.

क्या सोशल मीडिया भी है वजह?

सोशल मीडिया पर लगातार लॉकडाउन की खबरें सामने आ रही हैं, जिससे लोगों को लग रहा है कि पूरे देश में लॉकडाउन होने वाला है, जिससे उन्हें ईंधन नहीं मिल पाएगा. कई सोशल मीडिया पोस्ट पर कोविड की तरह पूर्ण लॉकडाउन का दावा भी हो रहा है. बता दें, सरकार की अभी ऐसी कोई मंशा नहीं है और न ही अभी सरकार ने कोई ऐसा बयान दिया है जिससे साबित होता हो कि आने वाले दिनों में लॉकडाउन हो सकता है.

क्या एलपीजी की है किल्लत?

इसमें कोई दोराय नहीं है कि एलपीजी में सरकार किल्लत का सामना कर रही है. यही वजह है कि सरकार ने बुकिंग टाइमिंग में भी इज़ाफा किया है. वहीं गैस सिलेंडर की कीमतें भी बढ़ गई हैं. सरकार ने लोगों से पीएनजी पर स्विच करने की गुजारिश की है. सरकार का कहना है कि अगर आपके यहां पीएनजी की लाइन है और आप इसपर स्विच नहीं होते हैं तो आपका एलपीजी कनेक्शन भी बंद हो सकता है.

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