NO Internet में लीजिए AI का Full मजा! भारत के Sarvam Edge ने मचाई हलचल, जानें कैसे करेगा काम, किन सेक्टरों में पड़ेगा असर?

भारत के Sarvam Edge ने ऑन-डिवाइस AI तकनीक पेश कर इंटरनेट के बिना काम करने की सुविधा दी है. यह मॉडल स्मार्टफोन और लैपटॉप पर सीधे चलता है, स्पीच रिकग्निशन, ट्रांसलेशन और टेक्स्ट-टू-स्पीच सपोर्ट करता है. भारतीय भाषाओं पर फोकस और बेहतर प्राइवेसी इसकी खासियत है. शिक्षा, वित्त और स्मार्ट डिवाइस सेक्टर में बड़ा असर.;

sarvam edge

(Image Source:  Sora_ AI )
Edited By :  सागर द्विवेदी
Updated On :

भारत का टेक इकोसिस्टम तेजी से बदल रहा है और इसी बदलाव के बीच बेंगलुरु आधारित स्टार्टअप Sarvam AI ने ऑन-डिवाइस आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मॉडल Sarvam Edge लॉन्च कर बड़ा कदम उठाया है. कंपनी का दावा है कि यह मॉडल सीधे स्मार्टफोन और लैपटॉप पर चलेगा वह भी बिना इंटरनेट कनेक्शन के. जहां ज्यादातर AI टूल्स क्लाउड पर निर्भर हैं, वहीं Sarvam Edge लोकल प्रोसेसिंग को प्राथमिकता देता है. स्पीड, प्राइवेसी और भारतीय भाषाओं पर फोकस इसे खास बनाता है.

Sarvam Edge आखिर है क्या?

Sarvam Edge एक ऑन-डिवाइस AI मॉडल है जिसे रोजमर्रा के कामों के लिए डिजाइन किया गया है. यह स्पीच रिकग्निशन, टेक्स्ट-टू-स्पीच और रियल-टाइम ट्रांसलेशन जैसे फीचर्स को बिना इंटरनेट सपोर्ट के संभाल सकता है. सबसे खास बात यह है कि यूजर को हर बार भाषा चुनने की जरूरत नहीं पड़ेगी. सिस्टम खुद पहचान लेता है कि आप किस भाषा में बोल रहे हैं और उसी के अनुसार प्रतिक्रिया देता है.

क्या यह कई भारतीय भाषाओं को सपोर्ट करता है?

Sarvam Edge का ट्रांसलेशन इंजन अंग्रेजी सहित 11 प्रमुख भाषाओं को सपोर्ट करता है. इसके अलावा यह 100 से अधिक भाषा संयोजनों के बीच दो-तरफा अनुवाद की सुविधा देता है. यानी आप हिंदी से तमिल, मराठी से अंग्रेजी या बंगाली से हिंदी में आसानी से ट्रांसलेट कर सकते हैं और वह भी पूरी तरह ऑफलाइन मोड में.

क्या सच में बिना इंटरनेट काम करेगा?

Sarvam Edge की सबसे बड़ी ताकत यही है कि यह पूरी तरह ऑफलाइन काम करता है. डेटा सीधे डिवाइस पर प्रोसेस होता है, इसलिए किसी क्लाउड सर्वर पर जानकारी भेजने की जरूरत नहीं पड़ती. इससे न केवल यूजर की प्राइवेसी सुरक्षित रहती है, बल्कि रिस्पॉन्स टाइम भी तेज होता है. कमजोर नेटवर्क वाले इलाकों में भी यह मॉडल बिना रुकावट काम कर सकता है.

क्या इसे चलाने के लिए महंगा या खास हार्डवेयर चाहिए?

कंपनी का कहना है कि इसे मौजूदा स्मार्टफोन और लैपटॉप प्रोसेसर के लिए ऑप्टिमाइज़ किया गया है. कम मेमोरी उपयोग, तेज प्रोसेसिंग और लो-लेटेंसी इसकी प्रमुख खूबियां हैं. रियल-टाइम ट्रांसक्रिप्शन लाइव ऑडियो से भी तेज प्रोसेस कर सकता है और ट्रांसलेशन लगभग तुरंत मिल जाता है.

किन सेक्टरों में हो सकता है बड़ा असर?

Sarvam Edge का उपयोग कई क्षेत्रों में किया जा सकता है:

  • वॉयस-फर्स्ट मोबाइल ऐप्स
  • ऑफलाइन ट्रांसलेशन टूल्स
  • एक्सेसिबिलिटी और असिस्टिव टेक्नोलॉजी
  • स्मार्ट डिवाइस और IoT
  • शिक्षा, बैंकिंग और सरकारी सेवाएं

खासकर ग्रामीण और कमजोर इंटरनेट वाले क्षेत्रों में यह तकनीक गेम-चेंजर साबित हो सकती है.

क्या यह ChatGPT और Gemini को टक्कर देगा?

Sarvam Edge क्लाउड-आधारित मॉडल्स से अलग रणनीति अपनाता है. जहां बड़े AI प्लेटफॉर्म इंटरनेट पर निर्भर रहते हैं, वहीं यह लोकल प्रोसेसिंग और डेटा प्राइवेसी पर जोर देता है. भारतीय भाषाओं में मजबूत सपोर्ट और ऑफलाइन क्षमताएं इसे अलग पहचान देती हैं. आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि भारतीय बाजार में ऑन-डिवाइस AI कितनी तेजी से लोकप्रिय होता है.

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