क्या सच में लड़कों के लिए भी होते हैं कोठे? सोशल मीडिया पर वायरल Video ने मचाया हड़कंप
इस वीडियो के बाद रेड लाइट एरिया, जिगोलो कल्चर और पुरुष सेक्स वर्क से जुड़े कई पहलू सामने आए हैं. लोग यह जानना चाहते हैं कि क्या पुरुषों के लिए भी महिलाओं की तरह कोई संगठित कोठा सिस्टम मौजूद है, या फिर यह सब अलग-अलग तरीकों और नेटवर्क के जरिए चलता है.;
यह बात हम सभी जानते हैं कि सेक्स वर्कर्स के लिए वेश्यालय होते हैं. भारत में भी दिल्ली से लेकर मुंबई तक कई कोठे हैं, जिनकी कहानी आज भी लोगों को हैरान कर देती है. अब इस कड़ी में सोशल मीडिया पर हाल ही में एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ है, जिसमें यह सवाल उठाया गया कि क्या लड़कों के लिए भी कोठे होते हैं.
वीडियो सामने आते ही इस मुद्दे पर तीखी बहस शुरू हो गई. कुछ लोग इसे फिल्मों और वेब सीरीज की कल्पना बता रहे हैं, तो कुछ इसे समाज की एक छिपी हुई सच्चाई मानने लगे हैं. सवाल ऐसा है, जो आमतौर पर खुलकर नहीं पूछा जाता, लेकिन वायरल वीडियो ने लोगों को इस पर चर्चा करने के लिए मजबूर कर दिया है.
क्या लड़कों के लिए भी कोठे होते हैं?
एक पॉडकास्ट के दौरान गीतांजलि बब्बर ने बताया कि उन्हें दिल्ली में ऐसा कोई संगठित “कोठा सिस्टम” नहीं पता, जो खासतौर पर लड़कों के लिए हो. उनके अनुसार, पारंपरिक रेड लाइट एरिया में महिलाओं के लिए तो कोठे मौजूद हैं, लेकिन पुरुषों या ट्रांस वुमन के लिए उसी तरह का ढांचा देखने को नहीं मिलता. उन्होंने यह भी साफ किया कि उन्होंने अपने अनुभव में कभी कोठों पर लड़कों या ट्रांस वुमन को सेक्स वर्कर के रूप में काम करते नहीं देखा.
किसे कहते हैं जिगोलो?
जिगोलो उस पुरुष को कहा जाता है, जो पैसे या अन्य सुविधाओं के बदले महिलाओं को साथी या यौन सेवाएं प्रदान करता है. यह व्यवस्था आमतौर पर कोठों से नहीं, बल्कि व्यक्तिगत नेटवर्क, एजेंसियों या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए संचालित होती है. यही वजह है कि जिगोलो को पारंपरिक रेड लाइट एरिया से जोड़कर नहीं देखा जाता.
लड़के बनते हैं दलाल
गीतांजलि बब्बर ने बताया कि गाजीपुर नाले जैसे इलाकों में रात के समय ट्रांस वुमन दिखाई दे सकती हैं, लेकिन वहां भी कोठों जैसा कोई संगठित ढांचा नहीं है. उन्होंने यह भी कहा कि कई जगहों पर लड़के दलाल की भूमिका में होते हैं. अगर परिवार में लड़की होती है तो उसे सेक्स वर्क में धकेल दिया जाता है, जबकि लड़का दलाली करने लगता है.
कौन हैं गीतांजलि बब्बर
गीतांजलि बब्बर दिल्ली के जी.बी. रोड में काम करने वाली सेक्स वर्कर्स के बीच एक जाना-पहचाना नाम हैं. वह नॉन-प्रॉफिट संस्था ‘कट-कथा’ की फाउंडर और डायरेक्टर हैं, जो सेक्स वर्कर्स को सशक्त बनाने और उन्हें इस जीवन से बाहर निकालने के लिए काम करती है.