ट्रैफिक पुलिस पर उत्पीड़न का आरोप लगाकर ऑटो ड्राइवर ने खुद को लगाई आग, दिल दहला देने वाला Video आया सामने

कर्नाटक के चित्रदुर्ग में शनिवार रात एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई, जहां 35 वर्षीय ऑटो ड्राइवर ने शहर के बीचोंबीच खुद को आग लगा ली. आरोप है कि यह कदम उसने ट्रैफिक पुलिस की लगातार प्रताड़ना और बदसलूकी से तंग आकर उठाया. यह हादसा गांधी सर्कल के पास हुआ, जहां बड़ी संख्या में मौजूद लोगों ने इस भयावह दृश्य को अपनी आंखों से देखा.;

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कर्नाटक के चित्रदुर्ग में शनिवार रात एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई, जहां 35 वर्षीय ऑटो ड्राइवर ने शहर के बीचोंबीच खुद को आग लगा ली. आरोप है कि यह कदम उसने ट्रैफिक पुलिस की लगातार प्रताड़ना और बदसलूकी से तंग आकर उठाया. यह हादसा गांधी सर्कल के पास हुआ, जहां बड़ी संख्या में मौजूद लोगों ने इस भयावह दृश्य को अपनी आंखों से देखा.

मलप्पनाहट्टी गांव का रहने वाला थिप्पेस्वामी कथित तौर पर ट्रैफिक पुलिस के लगातार उत्पीड़न का शिकार था. शनिवार रात एक शराब जांच के दौरान हुए विवाद के बाद मामला इतना बढ़ गया कि उसने आक्रोश में खुद पर पेट्रोल डालकर आग लगा ली. फिलहाल वह गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती है.

रूटीन चेक विवाद में बदला-कॉलर पकड़कर धक्का देने का आरोप

थिप्पेस्वामी के अनुसार, ट्रैफिक पुलिस ने उसे नशे में गाड़ी चलाने के शक में रोका था. लेकिन यह रूटीन चेक जल्द ही झगड़े में बदल गया. उसने आरोप लगाया कि पुलिसकर्मियों ने उसका कॉलर पकड़कर उसे कई बार धक्का दिया और यह सब तब हुआ जब वह बार-बार कह रहा था कि उसने कोई गलती नहीं की. ऑटो ड्राइवर ने इस पूरे विवाद का वीडियो भी अपने मोबाइल में रिकॉर्ड किया, जिसमें पुलिसकर्मियों द्वारा कथित हाथापाई के दृश्य दिखाई देते हैं.

गांधी सर्कल पर खुद को लगाई आग, राहगीरों ने बचाई जान

अपमानित और भावनात्मक रूप से टूट चुके थिप्पेस्वामी कथित रूप से वहां से सीधे गांधी सर्कल पहुंचे. यहीं पर उन्होंने खुद पर पेट्रोल डालकर आग लगा ली. आग की लपटें उठते ही मौके पर मौजूद अन्य ऑटो ड्राइवरों और राहगीरों ने तुरंत दौड़कर आग बुझाई और उसे जिला अस्पताल पहुंचाया. डॉक्टरों के अनुसार, थिप्पेस्वामी के शरीर पर 50% तक जलने के घाव हैं. बाद में उन्हें बेहतर इलाज के लिए दावणगेरे के सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल रेफर कर दिया गया. हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है.

ऑटो ड्राइवरों का प्रदर्शन-'यह पहला मामला नहीं'

मौके पर मौजूद कई ऑटो ड्राइवरों ने दावा किया कि पुलिस द्वारा बदसलूकी और प्रताड़ना की यह पहली घटना नहीं है. उनका कहना है कि यह घटना लंबे समय से चले आ रहे उत्पीड़न की पराकाष्ठा है. कुछ ही मिनटों में गांधी सर्कल पर बड़ी संख्या में ऑटो चालक इकट्ठा हो गए और पुलिस के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी. उन्होंने एसपी से तुरंत कार्रवाई की मांग की.

SP का बयान-‘धमकाने की कोशिश में हादसा हुआ’

इस मामले पर पुलिस अधीक्षक रंजीत कुमार ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि ड्राइवर को ड्रंक-ड्राइविंग चेक के लिए रोका गया था, उसी दौरान विवाद हुआ. ड्यूटी ऑफिसर ने उसे बताया था कि सब-इंस्पेक्टर मामले को देखेंगे, लेकिन वह वहां से चला गया और करीब 9:50 बजे लौट आया. पुलिस को डराने के लिए उसने खुद को आग लगाने की धमकी दी, लेकिन इसी दौरान वह जल गया." पुलिस के अनुसार, एक पीएसआई को वीडियो फुटेज की जांच कर पूरे मामले की जांच का जिम्मा दिया गया है.

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