सम्मोहित और कौमार्य भंग करने के लिए भोंदू बाबा खिलाता था महिलाओं को नशीली दवाएं, अशोक खरात के साथ डॉक्टरों की साठगाठ! Top Updates

महाराष्ट्र के भोंदू बाबा अशोक खरात मामले में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है, जिसमें महिलाओं को नशीली दवाएं देकर शोषण करने का संदेह जताया गया है. एसआईटी जांच में डॉक्टरों की कथित साठगांठ की भी आशंका सामने आई है, जिससे मामला और गंभीर हो गया है.

महाराष्ट्र के चर्चित 'भोंदू बाबा' अशोक खरात मामले में हर दिन ऐसे खुलासे सामने आ रहे हैं, जो न सिर्फ हैरान करने वाले हैं बल्कि पूरे सिस्टम पर सवाल भी खड़े कर रहे हैं. खुद को ज्योतिषी और आध्यात्मिक गुरु बताने वाले खरात की करतूतों ने अब एक बड़े आपराधिक नेटवर्क का शक पैदा कर दिया है.

जांच एजेंसियों की कार्रवाई तेज होने के साथ ही इस मामले की परतें खुलती जा रही हैं. अब सामने आया है कि महिलाओं के साथ यौन शोषण के दौरान उन्हें कुछ खास दवाएं दिए जाने की आशंका है, जिससे पूरा मामला और गंभीर हो गया है.

क्या महिलाओं को दवाएं देकर शोषण किया जाता था?

एसआईटी की जांच में यह चौंकाने वाला शक सामने आया है कि अशोक खरात महिलाओं को बिना जानकारी दिए कुछ विशेष दवाएं देता था. जांच एजेंसियों का मानना है कि इन दवाओं का इस्तेमाल यौन संबंधों के दौरान गर्भधारण रोकने या महिलाओं को नियंत्रित करने के लिए किया गया हो सकता है. पीड़ित महिलाओं के बयानों में यह बात भी सामने आई है कि कई बार उन्हें यह याद ही नहीं रहता था कि खरात की झोपड़ी में उनके साथ क्या हुआ. इससे यह संदेह और गहरा हो गया है कि उन्हें सुन्न करने या सम्मोहित करने वाली दवाएं दी गई थीं.

क्या डॉक्टरों की मिलीभगत भी शामिल है?

जांच का दायरा अब मेडिकल क्षेत्र तक पहुंच गया है. नासिक के कुछ नामी डॉक्टर एजेंसियों के रडार पर हैं. आशंका जताई जा रही है कि खरात को ये दवाएं इन्हीं डॉक्टरों के जरिए मिल रही थीं. सूत्रों के मुताबिक, इन डॉक्टरों को जल्द ही पूछताछ के लिए बुलाया जा सकता है. एसआईटी अब दवाओं की सप्लाई चेन और मेडिकल रिकॉर्ड की गहन जांच कर रही है.

क्या ‘भविष्य बताने’ के बहाने किया गया यौन उत्पीड़न?

यह पहले ही सामने आ चुका है कि अशोक खरात ने ‘भविष्य बताने’ के नाम पर कई महिलाओं का यौन शोषण किया. अब जांच में यह भी जोड़ा जा रहा है कि वह पीड़ितों को ऐसी दवाएं देता था, जिससे वे विरोध न कर सकें या उन्हें घटनाओं की याद न रहे. इससे यह मामला साधारण धोखाधड़ी से कहीं ज्यादा गंभीर आपराधिक साजिश का रूप लेता दिख रहा है.

क्या सम्मोहन या ‘विशेष दवा’ का इस्तेमाल हुआ?

जांच एजेंसियां अब इस एंगल पर भी काम कर रही हैं कि क्या महिलाओं को सम्मोहित करने या उनका कौमार्य भंग करने के लिए किसी विशेष ‘दवा’ का उपयोग किया गया था. पीड़ितों के बयान इस दिशा में इशारा करते हैं कि घटना के दौरान उनकी मानसिक स्थिति सामान्य नहीं थी. यही वजह है कि एसआईटी अब वैज्ञानिक और तकनीकी साक्ष्यों पर ज्यादा फोकस कर रही है.

एसआईटी की जांच अब किस दिशा में बढ़ रही है?

एसआईटी टीम ने खरात से जुड़े डॉक्टरों की सूची तैयार कर ली है. अब उनके क्लीनिक और मेडिकल स्टोर्स के रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं. दवाओं की खरीद-बिक्री और उनके उपयोग का पूरा डेटा खंगाला जाएगा. जांच एजेंसियों को उम्मीद है कि इस प्रक्रिया से मेडिकल क्षेत्र से जुड़े कुछ बड़े नामों का भी खुलासा हो सकता है.

क्या यह मामला सिर्फ यौन शोषण तक सीमित है?

जांच में यह भी सामने आया है कि अशोक खरात ने न सिर्फ महिलाओं का शोषण किया, बल्कि कई लोगों को आर्थिक रूप से भी ठगा. आरोप है कि उसने लोगों की जमीनें हड़पीं और लाखों रुपये की उगाही की. इस पूरे नेटवर्क में कई प्रभावशाली लोगों के जुड़े होने की भी चर्चा है, जिससे मामला और ज्यादा संवेदनशील बन गया है.

किन नेताओं के नाम आए हैं विवाद में?

खरात से करीबी संबंधों के कारण रूपाली चाकंकर को आलोचनाओं का सामना करना पड़ा और उन्हें अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा. वहीं, विपक्ष ने कई अन्य नेताओं पर भी सवाल उठाए हैं. पूर्व सांसद हेमंत गोडसे का नाम भी विवादों में है. अंधविश्वास उन्मूलन से जुड़े संगठनों ने उनके और खरात के संबंधों की जांच की मांग की है. एक वीडियो में गोडसे को खरात के साथ देखा गया था, जिसने विवाद को और हवा दी.

क्या दीपक अबा सालुंखे पाटिल की मुश्किलें बढ़ेंगी?

सांगोला के पूर्व विधायक दीपक अबा सालुंखे पाटिल भी अब इस विवाद में घिरते नजर आ रहे हैं. एक वायरल तस्वीर में वह खरात को तुलसी माला पहनाते और वीणा भेंट करते दिखाई दे रहे हैं. इस तस्वीर में रूपाली चाकंकर की मौजूदगी ने भी सवाल खड़े किए हैं. विपक्षी नेताओं ने दोनों के बीच कथित वित्तीय संबंधों का आरोप लगाया है, हालांकि पाटिल ने इन आरोपों से इनकार किया है.

क्या आगे और बड़े खुलासे होंगे?

जांच अभी जारी है और हर दिन नए तथ्य सामने आ रहे हैं. एसआईटी की कार्रवाई से आने वाले दिनों में और बड़े खुलासों की संभावना जताई जा रही है. यह मामला अब सिर्फ एक व्यक्ति तक सीमित नहीं, बल्कि एक बड़े नेटवर्क की ओर इशारा कर रहा है.

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