केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने विपक्ष के वरिष्ठ नेताओं कपिल सिब्बल और मल्लिकार्जुन खरगे के बयान पर सोमवार  (25 अगस्त) को पलटवार किया. उन्होंने कहा कि उप राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ जैसे संवैधानिक पद पर रहे नेताओं को लेकर राजनीति करने की आवश्यकता नहीं है. इस बयान ने राजनीतिक माहौल को और गर्मा दिया है. शाह कहा है कि पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने स्वास्थ्य कारणों से अपने पद से इस्तीफा दिया. इसके पीछे कोई और कारण नहीं था.

धनखड़ ने संविधान का ख्याल रखा

न्यूज एजेंसी एएनआई से विशेष बातचीत में गृह मंत्री ने यह भी कहा कि उप राष्ट्रपति ने "संविधान के अनुसार अच्छा काम किया." केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आगे कहा, "जगदीप धनखड़ संवैधानिक पद पर थे और अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने संविधान के अनुसार अच्छा काम किया. उन्होंने अपनी व्यक्तिगत स्वास्थ्य समस्या के कारण इस्तीफा दिया है. किसी को इसे ज्यादा बढ़ा-चढ़ाकर पेश करने की कोशिश नहीं करनी चाहिए."

21 जुलाई को उप राष्ट्रपति ने दिया था इस्तीफा

जगदीप धनखड़ ने 21 जुलाई को स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए उप राष्ट्रपति पद से इस्तीफा दे दिया था. 21 अगस्त को समाप्त हुए संसद के मॉनसून सत्र के पहले दिन उनका अचानक इस्तीफा आ गया. उनके उत्तराधिकारी के चयन के लिए 9 सितंबर को चुनाव होना है.

उपराष्ट्रपति चुनाव में एनडीए द्वारा चुने गए महाराष्ट्र के राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन का मुकाबला विपक्ष के उम्मीदवार और सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश बी सुदर्शन रेड्डी से हैं. धनखड़ का उपराष्ट्रपति के रूप में कार्यकाल 10 अगस्त, 2027 को समाप्त होना था.

कपिल सिब्बल ने की थी शाह से बयान की मांग

9 अगस्त को राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने दावा किया था कि जगदीप धनखड़ के इस्तीफे के बाद से उनका कोई अता-पता नहीं है और उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से इस मामले पर एक बयान जारी करने की मांग की थी.

खरगे ने स्वास्थ्य कारणों पर उठाए थे?

कई विपक्षी नेताओं ने धनखड़ के इस्तीफे पर बार-बार सवाल उठाए हैं. दावा किया है कि नेताओं के बीच मतभेदों के कारण पूर्व उप राष्ट्रपति को इस्तीफा देने के लिए मजबूर किया गया होगा. दरअसल, 23 जुलाई को कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने उनके इस्तीफे पर संदेह व्यक्त किया था और कहा था कि उनके फैसले में कुछ गड़बड़ है.

पत्रकारों को संबोधित करते हुए खड़गे ने कहा था, "सरकार को धनखड़ के इस्तीफे के पीछे के कारणों को सामने रखना चाहिए. आखिर उन्होंने इस्तीफा क्यों दिया? मुझे लगता है कि 'दाल में कुछ काला है.' उनका स्वास्थ्य ठीक है. वह हमेशा आरएसएस और भाजपा का बचाव करते थे. उनके इस्तीफे के पीछे कौन और क्या है, यह देश को पता होना चाहिए."