क्या दूसरे पार्ट के बाद बनेगी Dhurandhar 3? पोस्ट-क्रेडिट सीन ने किया फैंस को कंफ्यूज, धमाकेदार है क्लाइमेक्स
'धुरंधर 2' का क्लाइमेक्स एक्शन, इमोशन और सस्पेंस से भरा है, जहां हमजा मौत के मुंह से बच निकलता है. पोस्ट-क्रेडिट सीन फैंस को चौंकाते हैं, लेकिन पार्ट 3 को लेकर कोई साफ संकेत नहीं देते.
'धुरंधर 2: रिवेंज' (Dhurandhar: The Revenge) फिल्म अब सिनेमाघरों में धमाल मचा रही है. महीनों से इस सीक्वल को लेकर फैंस के बीच जबरदस्त एक्साइटमेंट और तरह-तरह की अफवाहें चल रही थीं. सब यही सोच रहे थे कि फिल्म में क्या नया दिखेगा, हमजा का सफर कैसा रहेगा और क्या इसकी तीसरी कड़ी भी बनेगी? निर्देशक आदित्य धर की इस ब्लॉकबस्टर ने रिलीज होते ही सारी अटकलों पर विराम लगा दिया है. खासतौर पर रणवीर सिंह के धांसू किरदार हमजा उर्फ जसकिरत सिंह रंगी के लिए यह अंत क्या मायने रखता है.
फिल्म का क्लाइमेक्स बेहद धमाकेदार है. रणवीर सिंह का किरदार हमजा मुरीदके पहुंचता है, जहां वह मेजर इकबाल (अर्जुन रामपाल) से सीधे मुकाबला करने जाता है. बलूच लड़ाकों की पूरी मदद से वह लश्कर-ए-तैबा के कैंप को नेस्तनाबूद कर देता है. लेकिन तभी पाकिस्तानी सेना हमजा को पकड़ लेती है. उन्हें पता चल जाता है कि यह शख्स असल में भारतीय जासूस है. वे हमजा को जमकर प्रताड़ित करते हैं. लगता है जैसे अब सब खत्म हो गया लेकिन कहानी में आता है एक बड़ा ट्विस्ट.
धमाकेदार है क्लाइमेक्स
अजय सान्याल (आर माधवन) एक बड़े पाकिस्तानी सेना अधिकारी पर दबाव डालकर हमजा को छुड़ा लेता है. इसी बीच एक और चौंकाने वाला राज खुलता है – जमील जमाली (राकेश बेदी), जो एक सीनियर पाकिस्तानी राजनेता है, वो भी 50 साल से गुप्त रूप से भारत का एजेंट है. जमाली हमजा उर्फ जसकिरत को सुरक्षित तरीके से भारत वापस लाने में मदद करता है. यह अप्रत्याशित मोड़ हमजा को सीमा पार करते हुए निश्चित मौत के मुंह से बचा लेता है. अंत में हमजा भारत लौटता है, सान्याल से मिलता है और पंजाब के अपने गांव पहुंच जाता है. वहां परिवार से मिलने का इमोशनल सीन है. लेकिन फिल्म एक सस्पेंसफुल नोट पर खत्म होती है क्या हमजा परिवार के साथ खुशी से रहेगा या फिर जासूस की जिंदगी में लौटेगा? यह सवाल दर्शकों के दिमाग में छोड़ दिया जाता है.
क्या बेंगा तीसरा पार्ट?
फिल्म क्रेडिट्स खत्म होने के बाद भी खत्म नहीं होती. इसमें दो खास एंड-क्रेडिट सीन हैं जो फैंस को बांधे रखते हैं. पहला सीन एक मॉन्टाज है, जो क्रेडिट्स के दौरान चलता है. इसमें दिखाया जाता है कि कैसे सान्याल और उनकी टीम ने जसकिरत को फांसी के फंदे से बचाया और उसे एक परफेक्ट जासूस बनाने का ट्रेनिंग दिया. इस ट्रेनिंग में जसकिरत युद्ध कला, जासूसी के गुर, हथियार चलाना और यहां तक कि जहर इस्तेमाल करने की स्किल्स में मास्टर बन जाता है. यह सीन हमजा के सफर को और मजबूत बनाता है.
30 सेकंड का मजेदार सीन
दूसरा सीन फिल्म के बिल्कुल आखिर में आता है. इसमें पाकिस्तानी जनरल शाहनवाज (राज जुत्शी), जिसे सान्याल ने हमजा छोड़ने के लिए मजबूर किया था, अपने सैनिकों के सामने गुस्से से पागल हो जाता है. यह सिर्फ 30 सेकंड का मजेदार सीन है, जो कहानी को आगे बढ़ाने में ज्यादा मदद नहीं करता. लगता है इसे बस दर्शकों का मनोरंजन करने के लिए डाला गया है. ध्यान दें, दोनों पोस्ट-क्रेडिट सीन मिलाकर भी तीसरे भाग का कोई सीधा संकेत नहीं देते। तो फैंस को अभी इंतजार करना पड़ेगा. 'धुरंधर 2' का यह अंत न सिर्फ एक्शन से भरपूर है, बल्कि इमोशंस और सस्पेंस का भी शानदार मेल है. रणवीर सिंह की परफॉर्मेंस इसे यादगार बनाती है.